सोमवार, 12 जुलाई 2010

दर्जन भर से अधिक भारतीय भाषाओं में लीजिए आनंद विंडोज़ ७ का

साथ ही विंडोज विस्ता और ऑफ़िस २००७/२००३ का भी. प्रतीत होता है कि माइक्रोसॉफ़्ट भी गूगल की तरह भारतीय भाषाई कम्प्यूटिंग में गंभीरता से घुस रही है. नतीजा है दर्जन भर भारतीय भाषाओं में जिनमें असमी, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं, विंडोज प्रोग्रामों की उपलब्धता.

इसके लिए आपको अपनी मूल संस्थापना में लिप (लैंग्वेज इंटरफेस) संस्थापित करना होगा. लैंग्वेज इंटरफ़ेस डाउनलोड करने के लिए भाषा इंडिया की साइट पर जाएँ. कड़ियाँ भाषानुसार निम्न हैं -

 

Windows 7 LIP

Category Title
Windows Vista LIP

Category Title
Office 2007 LIP

 

Office 2003 LIP

9 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. अच्छी बात है। माइक्रोसॉफ्ट ने हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं के लिये आरम्भ में बहुत कुछ नये कदम लिये किन्तु बाद में इस दिशा में वह गूगल की अपेक्षा बहुत पीछे हो गयी। आशा है अब वह कसर पूरी करेगी।

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  2. धीरे-धीरे माइक्रोसॉफ्ट को भी बात समझ में आने लगी है कि दुनिया में एक से ज्यादा भाषाएं हैं और उसके बोलने वालों की संख्या औपनिवेशिक भाषा से ज्यादा है.

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  3. Part 1of 4

    बहुत दिनों से एक विचार मेरे मन की गहराइयों में हिलोरे खा रहा था लेकिन उसे मूर्त रूप प्रदान करने के लिए आप सबका सहयोग चाहिए इसलिए उसे आप सबके समक्ष रखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था की पता नहीं कहीं वो असफल और अस्वीकार ना हो जाए लेकिन तभी ये विचार भी आया की बिना बताये तो स्वीकार होने से रहा इसलिए बताना ही सही होगा .

    दरअसल जब भी मैं इस देश की गलत व्यवस्था के बारे में कोई भी लेख पढता हूँ, स्वयं लिखता हूँ अथवा किसी से भी चर्चा होती है तो एक अफ़सोस मन में होता है बार-2 की सिर्फ इसके विरुद्ध बोल देने से या लिख देने से क्या ये गलत व्यवस्थाएं हट जायेंगी , अगर ऐसा होना होता तो कब का हो चुका होता , हम में से हर कोई वर्तमान भ्रष्ट system से दुखी है लेकिन कोई भी इससे बेहतर सिस्टम मतलब की इसका बेहतर विकल्प नहीं सुझाता ,बस आलोचना आलोचना और आलोचना और हमारा काम ख़त्म , फिर किया क्या जाए ,क्या राजनीति ज्वाइन कर ली जाए इसे ठीक करने के लिए ,इस पर आप में से ज़्यादातर का reaction होगा राजनीति !!! ना बाबा ना !(वैसे ही प्रकाश झा की फिल्म राजनीति ने जान का डर पैदा कर दिया है राजनीति में कदम रखने वालों के लिए ) वो तो बहुत बुरी जगहं है और बुरे लोगों के लिए ही बनी है , उसमें जाकर तो अच्छे लोग भी बुरे बन जाते हैं आदि आदि ,इस पर मेरा reaction कुछ और है आपको बाद में बताऊंगा लेकिन फिलहाल तो मैं आपको ऐसा कुछ भी करने को नहीं कह रहा हूँ जिसे की आप अपनी पारिवारिक या फिर अन्य किसी मजबूरी की वजह से ना कर पाएं, मैं सिर्फ अब केवल आलोचना करने की ब्लॉग्गिंग करने से एक step और आगे जाने की बात कर रहा हूँ आप सबसे

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  4. हमारे इस common blog में प्रत्येक प्रस्ताव एक हफ्ते के अंदर अंदर पास किया जायेगा , Monday को मैं या आप में से इच्छुक व्यक्ति अपना प्रस्ताव पोस्ट के रूप में डाले ,Thursday तक उसके Plus और Minus points पर debate होगी, Friday को वोटिंग होगी और फिर Satuday को votes की गणना और प्रस्ताव को पास या फिर reject किया जाएगा वोटिंग के जरिये आये हुए नतीजों से

    आप सब गणमान्य ब्लोग्गेर्स को अगर लगता है की ऐसे कई और ब्लोग्गेर्स हैं जिनके बौधिक कौशल और तर्कों की हमारे common ब्लॉग को बहुत आवश्यकता पड़ेगी तो मुझे उनका नाम और उनका ब्लॉग adress भी अवश्य मेल करें ,मैं इस प्रस्ताव को उनके पास भी अवश्य भेजूंगा .

    तो इसलिए आप सबसे एक बार फिर निवेदन है इसमें सहयोग करने के लिए ताकि आलोचना से आगे भी कुछ किया जा सके जो की हम सबको और ज्यादा आत्मिक शान्ति प्रदान करे
    इन्ही शब्दों के साथ विदा लेता हूँ

    जय हिंद

    महक

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  5. आप सबसे यही सहयोग चाहिए की आप सब इसके मेम्बर बनें,इसे follow करें और प्रत्येक प्रस्ताव के हक में या फिर उसके विरोध में अपने तर्क प्रस्तुत करें और अपना vote दें
    जो भी लोग इसके member बनेंगे केवल वे ही इस पर अपना प्रस्ताव पोस्ट के रूप में publish कर सकते हैं जबकि वोटिंग members और followers दोनों के द्वारा की जा सकती है . आप सबको एक बात और बताना चाहूँगा की किसी भी common blog में members अधिक से अधिक सिर्फ 100 व्यक्ति ही बन सकते हैं ,हाँ followers कितने भी बन सकते हैं
    तो ये था वो सहयोग जो की मुझे आपसे चाहिए ,
    मैं ये बिलकुल नहीं कह रहा हूँ की इसके बदले आप अपने-२ ब्लोग्स लिखना छोड़ दें और सिर्फ इस पर ही अपनी पोस्ट डालें , अपने-2 ब्लोग्स लिखना आप बिलकुल जारी रखें , मैं तो सिर्फ आपसे आपका थोडा सा समय और बौद्धिक शक्ति मांग रहा हूँ हमारे देश के लिए एक बेहतर सिस्टम और न्याय व्यवस्था का खाका तैयार करने के लिए


    1. डॉ. अनवर जमाल जी
    2. सुरेश चिपलूनकर जी
    3. सतीश सक्सेना जी
    4. डॉ .अयाज़ अहमद जी
    5. प्रवीण शाह जी
    6. शाहनवाज़ भाई
    7. जीशान जैदी जी
    8. पी.सी.गोदियाल जी
    9. जय कुमार झा जी
    10.मोहम्मद उमर कैरान्वी जी
    11.असलम कासमी जी
    12.राजीव तनेजा जी
    13.देव सूफी राम कुमार बंसल जी
    14.साजिद भाई
    15.महफूज़ अली जी
    16.नवीन प्रकाश जी
    17.रवि रतलामी जी
    18.फिरदौस खान जी
    19.दिव्या जी
    20.राजेंद्र जी
    21.गौरव अग्रवाल जी
    22.अमित शर्मा जी
    23.तारकेश्वर गिरी जी

    ( और भी कोई नाम अगर हो ओर मैं भूल गया हों तो मुझे please शमां करें ओर याद दिलाएं )

    मैं इस ब्लॉग जगत में नया हूँ और अभी सिर्फ इन bloggers को ही ठीक तरह से जानता हूँ ,हालांकि इनमें से भी बहुत से ऐसे होंगे जो की मुझे अच्छे से नहीं जानते लेकिन फिर भी मैं इन सबके पास अपना ये common blog का प्रस्ताव भेजूंगा
    common blog शुरू करने के लिए और आपको उसका member बनाने के लिए मुझे आप सबकी e -mail id चाहिए जिसे की ब्लॉग की settings में डालने के बाद आपकी e -mail ids पर इस common blog के member बनने सम्बन्धी एक verification message आएगा जिसे की yes करते ही आप इसके member बन जायेंगे
    प्रत्येक व्यक्ति member बनने के बाद इसका follower भी अवश्य बने ताकि किसी member के अपना प्रस्ताव इस पर डालते ही वो सभी members तक blog update के through पहुँच जाए ,अपनी हाँ अथवा ना बताने के लिए मुझे please जल्दी से जल्दी मेरी e -mail id पर मेल करें

    mahakbhawani@gmail.com

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  6. आप सोच रहे होंगे वो कैसे ,तो वो ऐसे जनाब की मैं एक साझा ब्लॉग (Common Blog ) create करना चाहता हूँ जिसका की मकसद होगा एक ऐसा मंच तैयार करना जिसपे की हम सब हमारे देश के वर्तमान सिस्टम की खामियों की सिर्फ आलोचना करने के साथ-२ उसका एक तार्किक और बढ़िया हल भी प्रस्तुत करें और उसे बाकायदा एक बिल के रूप में पास करें आपसी बहस और वोटिंग के द्वारा

    इस पर आपका कहना होगा की क्या सिर्फ ब्लॉग जगत के द्वारा देश के लिए नए और बेहतर कानून और सिस्टम बनाने से और वो भी सिर्फ ब्लॉग पर पास कर देने से देश का गलत सिस्टम और भ्रष्ट व्यवस्था बदल जायेगी ? तो श्रीमान आपसे कहना चाहूँगा की ये मैं भी जानता हूँ की ऐसा नहीं होने वाला लेकिन ज़रा एक बात सोचिये की जब भी हममें से कोई इस भ्रष्ट और गलत व्यवस्था के खिलाफ आवाज़ उठाता है या भविष्य में भी कभी उठाएगा तो जब इस गलत व्यवस्था के समर्थक हमसे पूछेंगे की -" क्या तुम्हारे पास इससे बेहतर व्यवस्था का प्लान है ?,अगर है तो दिखाओ " , तो क्या आपको नहीं लगता की हमारे पास पहले से वो सही सिस्टम होना तो चाहिए जो उस समय हम उनके सामने पेश कर सकें ,एक बार हम एक सही व्यवस्था का खाका तैयार करने में कामयाब हो गए तो वो दिन दूर नहीं होगा जब हम इसे पूरे देश के सामने भी पेश करेंगे और देश हमारा साथ देगा और इस पर मोहर लगाएगा .

    इसीलिए मेरी आप सबसे प्रार्थना है की इसमें सहयोग करें , मैं आपसे आर्थिक सहयाग मतलब रुपया ,पैसे का सहयोग नहीं मांग रहा बल्कि आपसे बोद्धिक सहयोग चाह रहा हूँ ,
    हमारे इस common BLOG का नाम होगा
    "BLOG Parliament - Search for a right system & laws for the country "

    http://blog-parliament.blogspot.com/

    इसके मुख्यतः 3 चरण होंगे
    1 . अपने बिल अथवा प्रस्ताव की प्रस्तुति और उसपे बहस
    2 . उस प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में वोटिंग
    3 . Majority वोटिंग के हक में प्रस्ताव का पास होना अथवा reject होना

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  7. बेनामी6:16 pm

    आजकल माइक्रोसाफ्ट का बहुत प्रचार करने लगे हैं आप। लिनक्स के बारे में कोई नयी पोस्ट तो लिखिए।

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  8. @ बेनामी जी,
    बाजू पट्टी में देखें. मैंने पूरी की पूरी एक किताब लिख मारी है. मुफ़्त डाउनलोड योग्य. और शायद आपने मेरी पिछले महीने की पोस्ट नहीं देखी. चलिए लिंक सहित टिका देता हूं :) - ये देखें -

    1 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1...

    2 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1...

    3 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1...

    4 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1...

    5 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1...

    6 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 9...

    7 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 8...

    8 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 7...

    9 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 6...

    10 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 5...

    11 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 4...

    12 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 3...

    13 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 2...

    14 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1...

    15 लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : विषय सूच...

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  9. रवि जी, बधाई, बहुत-बहुत।
    आप की यह पुस्तक जो लेखमाला के रूप में आती जा रही थी, मैं देखता रहा हूँ। नए लोगों की भी समझ आ सके - बात इस आसानी से और स्क्रीन-प्रिण्ट से कहना अवश्य असरदार रहा है।
    रही माइक्रोसॉफ़्ट की पहल की बात - तो कीमत कम करना बहुत ज़रूरी होगा आगे की रणनीति में - और लाभ कमाने की वैकल्पिक रणनीति भी तलाशनी होगी, वर्ना नेट्बुक के सफल होने पर हालात और बेक़ाबू होंगे।
    आभार आप्के सार्थक लेखन के लिए।

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