अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग दिवस - आइए, पुराने स्वर्णिम दिनों को याद करें...

SHARE:

हिन्दी ब्लॉग सर्वेक्षण : परिणाम हाजिर हैं रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मई 08, 2009 वैसे तो किसी सर्वेक्षण की सफलता या ये कहें कि उस...

image

हिन्दी ब्लॉग सर्वेक्षण : परिणाम हाजिर हैं

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मई 08, 2009

चित्र

वैसे तो किसी सर्वेक्षण की सफलता या ये कहें कि उसकी परिशुद्धता उसके सैंपलिंग की मात्रा के समानुपाती होती है, तो इस आधार पर अनुमानित 10 हजार हिन्दी चिट्ठाकारों में से कम से कम 1 हजार चिट्ठाकार इस सर्वे में भाग लेते तो आंकड़ों पर दमदारी से कुछ कहा जा सकता था. फिर भी, इस सीमित सर्वेक्षण में कुछ ट्रैंड तो पता चले ही हैं. तो प्रस्तुत है हिन्दी ब्लॉग सर्वेक्षण के परिणाम:(1) हिन्दी चिट्ठाकारी में अचानक टपक पड़ने वाले अधिकांश (57.4%) का मानना है कि वे इंटरनेट सर्च के माध्यम से यकायक इस दुनिया से परिचित हुए. बहुत से चिट्ठाकारों ने अपने ब्लॉग का हर संभव प्रचार प्रसार अपने मित्रों के बीच किया, और वे भी अपने मित्रों (27.9%) को हिन्दी ब्लॉग दुनिया में खींच लाने में सफल हुए.एक चिट्ठाकार की मजेदार प्रतिक्रिया रही : हमें तो हिन्दी चिट्ठाकारी के बारे में पता ही नहीं था जी, अपने आप को फन्ने खां समझ रहे थे हिन्दी ब्लॉग चालू करके जब दूसरे लोगों ने आकर भ्रम तोड़ा!! ;)(2) चिट्ठाकारों के बीच हिन्दी में लिखने का सबसे सुलभ तरीका (52.5%), जाहिर है – फोनेटिक कुंजीपट ही बना हुआ है:(3) हिन्दी में लिखने के लिए चिट्ठ…

26 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

विश्व के शीर्ष चिट्ठाकार क्या और कैसे चिट्ठे लिखते हैं....

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava जुलाई 29, 2007

चित्र

(डिजिटल इंसपायरेशन में अमित अग्रवाल ने पेज-व्यू के बारे में लिखा) (प्रोब्लॉगर में डेरेन रॉस ने पेज-व्यू के बारे में लिखा) क्या आपको पता है कि विश्व के शीर्ष क्रम के चिट्ठाकार क्या और कैसे लिखते हैं? मेरा मतलब है कि वे अपना विषय कैसे चुनते हैं? कैसे वे सोचते हैं कि कौन सा विषय उनके पाठकों को सर्वाधिक आकर्षित करेगा? खासकर तब, जब वे नियमित, एकाधिक पोस्ट लिखते हैं. मैं पिछले कुछ दिनों से विश्व के कुछ शीर्ष क्रम के ब्लॉगरों (अंग्रेज़ी के) के चिट्ठों को खास इसी मकसद से ध्यानपूर्वक देखता आ रहा हूँ, और मुझे कुछ मजेदार बातें पता चली हैं जिन्हें मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूँ. बड़े - बड़ों की कहानियाँ हथिया लें.इस बात की पूरी संभावना होती है कि शीर्ष क्रम के सारे के सारे चिट्ठाकार बड़ी कहानियों और बड़े समाचारों के बारे में चिट्ठा पोस्ट लिखें. बड़े समाचार को कोई भी शीर्ष क्रम का चिट्ठाकार छोड़ना नहीं चाहता. अब चाहे इससे पहले सैकड़ों लोगों ने उस विषय पर चिट्ठा लिख मारे हों, मगर फिर भी बड़े चिट्ठाकार उस विषय पर लिखते हैं कुछ अलग एंगल और अलग तरीके से पेश करते हुए – हालाकि वे कोई नई बात नहीं ब…

13 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

ब्लॉगिंग एथिक्स बनाम कार्पेल टनल सिंड्रोम

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava फ़रवरी 09, 2007

चित्र

आप पूछेंगे कि दोनों में क्या समानता है?पहले पूरा आलेख तो पढ़िए जनाब. समानता है भी या नहीं आपको खुद-बख़ुद पता चल जाएगा.तो आइए, पहले बात करें कार्पेल टनल सिंड्रोम की. मेरे एक बार निवेदन करने पर ही फुरसतिया जी ने मेरी फ़रमाइश पूरी कर दी. उन्होंने दो-दो बार फ़रमाइशें दे कर मुझे शर्मिंदा कर दिया कि मैं कार्पेल टनेल सिंड्रोम के बारे में लिखूं. अब भले ही मैं कार्पेल टनल सिंड्रोम के बारे में ज्यादा बोलने बताने का अधिकारी नहीं हूं, मैं स्वयं मरीज हूँ - चिकित्सक नहीं, मगर उनका आग्रह तो मानना पड़ेगा.मगर, फिर, कार्पेल टनल सिंड्रोम के बारे में बात करने से पहले चर्चा कर ली जाए ब्लॉगों की - खासकर हिन्दी ब्लॉगों की. पिछला हफ़्ता हिन्दी ब्लॉगों के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाम लेकर आया. एनडीटीवी पर हिन्दी चिट्ठों के बारे में नियमित क्लिप दिए जाने हेतु कुछ चिट्ठाकारों की बात अभी हुई ही थी कि याहू हिन्दी ने अपने पृष्ठ पर नारद के सौजन्य से हिन्दी चिट्ठों को जोड़ लिया. बीबीसी से भी प्रस्ताव आया है और इधर जीतू भाई बता रहे हैं कि उनकी सीक्रेट बातचीत गूगल से भी चल रही है. एमएसएन पिछड़ क्यों रहा है यह मेरी मोटी बुद…

11 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

चिट्ठाकारों के लिए नए साल के टॉप 10 संकल्प

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava जनवरी 02, 2008

प्रत्येक हिन्दी चिट्ठाकार को निम्न दस संकल्प लेने चाहिएँ. ये संकल्प उन्हें चिट्ठासंसार में प्रसिद्धि, खुशहाली व समृद्धि दिलाने में शर्तिया मददगार होंगे. मैं टिप्पणी करूंगा – हर तरह की, हर किस्म की, नियमित, नामी-बेनामी-सुनामी-कुनामी. शुरुआत इस चिट्ठे पर टिप्पणी देकर कर सकते हैं. प्रति दस टिप्पणियों पर एक प्रति-टिप्पणी की गारंटी, तथा साथ ही यह भी ध्यान रखें कि इस चिट्ठे पर टिप्पणी प्रदान करने पर सफलता की संभावना अधिक है. मैं नित्य कम से कम एक चिट्ठा पढूंगा – ठीक है, प्रतिदिन सौ दो सौ चिट्ठे प्रकाशित होने लगे हैं और इनकी संख्या 2008 में एक्सपोनेंशियली बढ़नी ही है और एक पाठक के रुप में कोई भी इनमें से सभी पोस्टों को अपनी पूरी जिंदगी में नहीं पढ़ सकता मगर वो रोज कम से कम एक, इस चिट्ठे को तो पढ़ ही सकता है. तो, अच्छे प्रतिफल के लिए अपने संकल्प में इस चिट्ठे की हर प्रविष्टि को पढ़ने में अवश्य शामिल करें मैं सप्ताह में कम से कम एक पोस्ट लिखूंगा. वैसे तो कोई भी हिन्दी चिट्ठाकार नित्य न्यूनतम चार पोस्ट (अमित अग्रवाल और डेरेन रोज़ इसीलिए सफल हुए हैं, पर वो अंग्रेज़ी की बात है) ठेल सकता है, मग…

13 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

अथ श्री उत्तम चिट्ठा आचार संहिता

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मार्च 18, 2007

चित्र

पिछले दिनों चिट्ठों के आचार संहिता बनने बनाने व उन्हें अपनाने पर खूब बहसें हुईं. इसी बीच चिट्ठाकारों के अनाम -बेनाम-कुनाम मुखौटों पर भी खूब जमकर चिट्ठाबाजी हुई. इसी बात को मद्देनजर रखते हुए इस ‘अथ श्री उत्तम चिट्ठा आचार संहिता' की रचना की गई है. सभी हिन्दी चिट्ठाकारों को इन्हें मानना व पालन करना घोर अनिवार्य है. अन्यथा उन्हें चिट्ठाकार बिरादरी से निकाल बाहर कर दिया जाएगा और उनका सार्वजनिक ‘चिट्ठा' बहिष्कार किया जाएगा. चिट्ठे विवादास्पद मुद्दों पर ही लिखे जाएँ. मसलन धर्म, जाति, आरक्षण, दंगा-फ़साद इत्यादि. इससे हिन्दी चिट्ठों का ज्यादा प्रसार-प्रचार होगा. सीधे सादे सरल विषयों पर लिखे चिट्ठों को कोई पढ़ता भी है? अतः ऐसे सीधे-सरल विषयों पर लिख कर अपना व पाठकों का वक्त व नारद-ब्लॉगर-वर्डप्रेस का रिसोर्स फ़ालतू जाया न करें. इस तरह के सादे चिट्ठों की रपट ब्लॉगर और वर्ड प्रेस को एब्यूज के अंतर्गत कर दी जाएगी और उस पर बंदिश लगाने की सिफ़ॉरिश कर दी जाएगी.अखबारी-साहित्यिक-संपादित तरह की तथाकथित ‘पवित्र' भाषा यहाँ प्रतिबंधित रहेगी. हर तरह का …

13 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

दशक के हिंदी चिट्ठाकार के लिए कृपया अवश्य वोट करें

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मई 15, 2012

चित्र

परिकल्पना पर दशक के हिंदी चिट्ठाकार व हिंदी चिट्ठा को चुनने के लिए एक पोल लगाया गया है. जिसमें आप अपना बहुमूल्य वोट देकर इनका चुनाव कर सकते हैं. आपकी सुविधा के लिए (कृपया ध्यान दें, महज आपकी सुविधा के लिए,) वहाँ 10-10 चिट्ठाकार व चिट्ठों की सूची लगाई गई है. तो आप उनमें से चुन सकते हैं, या आपकी नजर में वे अनुपयुक्त हैं तो आप कोई अन्य उपयुक्त नाम सुझा सकते हैं, और उसे वोट दे सकते हैं. और, जैसा कि जाहिर है, इन पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही विरोध (और कहीं कहीं थोड़े बहुत समर्थन) के सुर चहुँ ओर टर्राने लगे हैं. रुदन, क्रंदन और विलाप प्रारंभ हो गए हैं. चिट्ठाकार पुरस्कारों (चिट्ठाकार क्या हर किस्म के पुरस्कारों पर यह लागू है) पर नाहक हो हल्ला और गर्दभ-रुदन की परंपरा पुरानी रही है. जो नाहक गर्दभ-रुदन करते हैं और मठाधीशी जैसी बातें करते हैं उनसे गुजारिश है कि वे भी अपने मठ तो बनाएं और ऐसा कुछ प्रकल्प प्रारंभ तो करें. ब्लॉगिंग पुरस्कार तमाम भाषाओं के ब्लॉगों में चलते हैं. अंग्रेज़ी भाषाई ब्लॉगों में तो सैकड़ों पुरस्कार हैं और सैकड़ों स्तर पर प्रदान किए जाते हैं – और, विवाद वहाँ भी होते हैं…

25 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

आप कितने अच्छे चिट्ठा पाठक हैं?

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मई 31, 2008

चित्र

आइए, जाँचिए अपने अंक.प्रस्तुत है आपके लिए चिट्ठाकार वर्ग पहेली
चिट्ठाकार और चिट्ठे.सीधे
3. बिस्मिल्लाहिर्रहमानुर्रहीम
5. मानसिक नॉलेज
7. अज्ञानी गुरू, दूसरे का लिखा कूड़ा समझे
8. दिल में, पेट में, मन में जहां कहीं भी हो न हो, उगलना तो पड़ेगा
9. छम्मकछल्लो
10. आदि चिट्ठाकार और वर्तमान व्यंग्यकार में समानता
12. डायरी वाला भारतीय
14. कस्बे का रहवासी
19. शब्दों के बीच सेतु बनाती हैं
20. जहां का हर सेर सस्ता होता है
21. नुकीली दृष्टि
23. आज के जमाने में ठुमरी कौन गाता है
24. हिन्दी का एक मात्र मालदार चिट्ठा
25. कह न सकने के बावजूद
नीचे
1. नेपाली हिन्दी चिट्ठाकार
2. एक यात्री जो अक्षरों का जोड़ घटाना करता है
4. लिखता तो है, कभी कभी, गाहे बगाहे
6. चिट्ठाजगत् की माता
9. इनके तो लब सचमुच आजाद हैं
11. जरा मुस्कुरा दो ब्रदर
12. कबाड़खाने का एक कबाड़िया
13. फटा मुँह, कुछ दूसरे तरीके से
15. राहुल उपाध्याय समेत हम सभी जिसमें लगे होते हैं
16. कीचड़ में मरीचिका देखने दिखाने का साहस
17. चार सौ बीस लेखक
18. चिट्ठाकार का पूरा नाम जो फुरसत में लंबी पोस्टें लिखने के लिए प्रसिद्ध हैं, अलबत्ता पाठकों के पास फुरसत हो न हो
19. हिन्दी ब्ल…

4 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

करम करे तो फल की इच्छा क्यों न करे चिट्ठाकार?

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava सितंबर 13, 2007

चित्र

कर्मा-फैन हमारे जैसे लोगों के लिए ही है. जो कर्म करते हैं तो लागत से दो-गुना, तीन गुना, कई-कई गुना फल की इच्छा पालते हैं. कर्मा-फैन इंटरनेट पर बेहद उम्दा, नया और नायाब विचार है. कम से कम चिट्ठाकारों के लिये तो है ही. वैसे तो यह दो तरफा  काम करता है, परंतु इसका टैग-लाइन है- गेट सपोर्ट फ्रॉम योर फैन्स!यानी अपने चिट्ठा फैनों से आप कर्मा-फैन के जरिए सहयोग व भरणपोषण स्वरूप नकद राशि प्राप्त कर सकते हैं. जब आप अपने अनवरत चिट्ठा-पोस्टों से अपने पाठकों का मनोरंजन करते हैं, उनके ज्ञान में वृद्धि करते हैं तो क्या उनका दायित्व नहीं बनता कि वे भी आपको कुछ वापस दें? इस काम के लिए कर्मा-फैन चिट्ठाकारों व चिट्ठापाठकों के सहयोग के लिए तत्पर है. आप कर्मा-फैन से जुड़कर अपने चिट्ठे में अपने पाठकों से सहयोग प्राप्त तो कर ही सकते हैं, आप अपने पसंदीदा चिट्ठाकारों को नकद राशि देकर उनका उत्साहवर्धन भी कर सकते हैं. तो, यदि आपको इस चिट्ठाकार को कुछ गिव-बैक, कुछ धन्यवाद स्वरूप वापस करना है तो कर्मा-फैन में अभी ही खाता बनाएँ. यदि आप चिट्ठाकार हैं और अपने पाठकों से कुछ आशीर्वाद (मात्र आशीर्वचन नहीं,) स्वरूप, …

4 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

अभिकलन एवं प्रक्रमण के दौरान मुंबइया चिट्ठाकार संगोष्ठी

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मार्च 29, 2007

चित्र

पिछले दिनों वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग ने सीडॅक मुंबई के तत्वावधान में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया था जिसमें मैंने भी भाग लिया था. विषय था - भारतीय भाषाओं में कम्प्यूटर के भाषाई संसाधनों का निर्माण (क्रिएशन ऑफ़ लेक्सिकल रिसोर्सेज़ फ़ॉर इंडियन लेंगुएज कम्प्यूटिंग एंड प्रोसेसिंग). वैसे, शुद्ध साहित्यिक भाषा में इसका हिन्दी अनुवाद कुछ यूं किया गया था -भारतीय भाषी अभिकलन एवं प्रक्रमण के लिए शाब्दिक संसाधनों का सृजनकम्प्यूटिंग एंड प्रोसेसिंग की जगह अभिकलन एवं प्रक्रमण का इस्तेमाल किया गया था, जो कि न तो प्रचलित ही है और न ही सुग्राह्य. परंतु यह क्यों किया गया था या जा रहा है - इसकी कथा बाद में. शब्दावली आयोग के वर्तमान अध्यक्ष प्रो. बिजय कुमार ने जब अपना प्रजेंटेशन देना प्रारंभ किया तो पावर-पाइंट में बनाए गए प्रजेंटेशन ने हिन्दी दिखाने से मना कर दिया. जाहिर है, यह प्रजेंटेशन प्रो. बिजय कुमार के कार्यालय-सहायकों ने तैयार किया था, और यूनिकोड में नहीं वरन् किसी अन्य फ़ॉन्ट में था, जो कि एलसीडी प्रोजेक्टर से जुड़े कम्प्यूटर में उस फ़ॉन्ट के संस्थापित नहीं होने से चला ही नहीं. प…

9 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

देबाशीष चक्रवर्ती से खास साक्षात्कार

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava मार्च 24, 2007

चित्र

मिलिए देबाशीष चक्रवर्ती से
"भारतीय कम्प्यूटिंग व भारतीय भाषाओं में सामग्री के विस्तार की संभावनाएँ."पुणे निवासी, सॉफ़्टवेयर सलाहकार देबाशीष चक्रवर्ती को भारत के वरिष्ठ चिट्ठाकारों में गिना जाता है. वे कई चिट्ठे (ब्लॉग) लिखते हैं जिनमें भारतीय भाषाओं में कम्प्यूटिंग से लेकर जावा प्रोग्रामिंग तक के विषयों पर सामग्रियाँ होती हैं. हाल ही में वे भारतीय चिट्ठा जगत में अच्छी खासी सक्रियता पैदा करने के कारण चर्चा में आए. उन्होंने इंडीब्लॉगीज़ नाम का एक पोर्टल संस्थापित किया है जो भारतीय चिट्ठाजगत के सभी भारतीय भाषाओं के सर्वोत्कृष्ट चिट्ठों को प्रशंसित और पुरस्कृत कर विश्व के सम्मुख लाने का कार्य करता है. देबाशीष डीमॉज संपादकहैं, तथा भारतीय भाषाओं में चिट्ठों के बारे में जानकारियाँ देने वाला पोर्टल चिट्ठाविश्व भी संभालते हैं. देबाशीष ने न सिर्फ भारत का एकमात्र और पहला बहुभाषी चिट्ठा पुरस्कार इंडीब्लॉगीज़ का भी शुभारंभ किया, बल्कि भारतीय ब्लॉग-दुनिया पर वे पैनी नजर भी रखते हैं. आपने बहुत सारे सॉफ़्टवेयर जैसे कि वर्डप्रेस, इंडिकजूमला, आई-जूमला, पेबल, स्कटलइत्यादि के स्थानीयकरण (सॉफ़…

11 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

चिट्ठाकारों की नियमित, योग्यता जाँच

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava जुलाई 27, 2008

चित्र

क्या खयाल है? चलिए मान लिया, यहाँ कोई न न्यूनतम और न महत्तम मापदण्ड है, मगर योग्यता के नाम पर कुछ तो होगा? पर, अब आप कहेंगे कि एक चिट्ठाकार की योग्यता आखिर क्या होनी चाहिए जो जांची-परखी भी जा सके. और यदि कुछ तो ऐसा होगा जिसे चिट्ठाकार की योग्यता कहा जा सके तो फिर उसे जांचने में कोई हर्ज है क्या?मेरे एक चिट्ठे पर हाल ही में एक टिप्पणी आई – “*तिए ये तूने क्या लिखा है?” वो तो टिप्पणी मॉडरेशन का धन्यवाद कि मैंने उस टिप्पणीकार के *तियापे को प्रकाशित नहीं किया. मगर यहाँ पर सवाल यह उठता है कि मैंने जो कुछ लिखा था, वो तो मेरी अपनी नज़रों में महान था. तमाम इंटरनेटी दुनिया में तांक झांक कर मसाला उड़ाकर निचोड़ बनाकर मैंने लिखा था. मेरे अपने हिसाब से वो एक क्लासिक था. जितनी दफा और जितनी मर्तबा और जितनी बार, बार-बार मैं उसे पढ़ता, पढ़कर मुग्ध हो जाता और सोचता कि क्या गजब लिखा है. मुझे लगता कि उसने कहा था की तर्ज पर मेरा यह मात्र एक लेख मुझे चिट्ठासंसार में स्थापित कर सकने की क्षमता रखता है. मगर उस पर आई भी तो यह टिप्पणी!मगर, फिर मैंने अपने आप को दिलासा दिया - वह पाठक और वह टिप्पणीकार अवश्य ही *तिय…

20 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

फंसने फंसाने का दैत्याकार नेटवर्क

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava फ़रवरी 22, 2007

चित्र

हिन्दी चिट्ठाजगत में फंसने-फांसने का नेटवर्क दूसरी बार आया है. और, खुदा करे, यह तिबारा-चौबारा, फिर कभी नहीं आए. फंसने-फांसने का क्यों? यह मैं आगे बताता हूं.उन्मुक्त ने मुझे फांसा (टैग किया) तो मैं नादान बनकर कि मैंने उसकी पोस्ट पढ़ी ही नहीं, पीछा छुड़ा सकता था. और छुड़ा ही लिया था...परंतु उन्होंने मुझे ई-मेल किया, और उनका ईमेल मेरे गूगल ईमेल के स्पैम फ़िल्टर से जाने कैसे बचता-बचाता मेरे इनबॉक्स में आ गया. उन्होंने लिखा था-Hi I have a request to make. It is contained here
http://unmukt-hindi.blogspot.com/2007/02/blog-post_18.html
I hope you will not mind.मैंने वह पोस्ट दुबारा पढ़ी (उस पोस्ट को पहले पढ़ कर नादान बन कर भूल चुका था) और यह प्रत्युत्तर लिखा:well, I DO MIND, but will reply not-so-mindfully in my post :)जाहिर है, मैं फुल्ली माइंडफुली प्रत्युत्तर दे रहा हूँ.तो, सबसे पहले फंसने-फांसने का गणित.पहले स्तर पर एक चिट्ठाकार ने फांसा - 5 चिट्ठाकारों को.दूसरे स्तर पर पाँच चिट्ठाकारों ने शिकार फांसे - 25तीसरे स्तर पर पच्चीस चिट्ठाकारों ने फांसे - 125चौथे स्तर पर 125 चिट्ठाकारों ने फांसे -…

4 टिप्पणियां

पढ़ते रहें

थकेले दिग्गजों की तरफ से आपके लिए ब्लॉगिंग टिप्स...

रवि रतलामी [ Ravishankar Shrivastava अगस्त 31, 2009

चित्र

वैसे तो अपने तमाम हिन्दी चिट्ठाकारों ने समय समय पर ब्लॉग उपदेश दिए हैं कि चिट्ठाकारी में क्या करो और क्या न करो. परंतु अभी हाल ही में दो सुप्रसिद्ध, शीर्ष के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले भारतीय अंग्रेज़ी-भाषी ब्लॉगरों की गिनती में शामिल, अमित वर्मा (इंडिया अनकट) तथा अर्नाब –ग्रेटबांग (रेंडम थॉट्स ऑफ डिमेंटेड माइंड) ने अपने अपने ब्लॉगों में कुछ काम के टिप्स दिए हैं. उनके टिप्स यहाँ दिए जा रहे हैं. अमित वर्मा से विशेष अनुमति ली गई है तथा ग्रेटबांग के चिट्ठे की सामग्री का क्रियेटिव कामन्स के अंतर्गत प्रयोग किया गया है.तो, सबसे पहले, पहली बात. पेंगुइन की एक किताब – गेट स्मार्ट – राइटिंग स्किल्स के लिए लिखे अपने लेख में अमित वर्मा कहते हैं:ब्लॉग लेखन मनुष्य की सर्जनात्मकता का सर्वाधिक आनंददायी पहलू है. एक चिट्ठाकार पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं होता कि वो क्या लिखे, कैसे लिखे, कितना लिखे. आप चार शब्दों में अपना पोस्ट समेट सकते हैं तो चालीस पेज भी आपके लिए कम हो सकते हैं. इसी तरह, न तो विषयों पर कोई रोक है, और न आपकी शैली पर कोई टोक.(अमित वर्मा – चित्र – साभार http://labnol.org)अमित अपने ब्ल…

28 टिप्पणियां

पढ़ते रहें


---

कुछ और पुरानी यादें ताजा करना चाहते हैं? इस लिंक पर जाएँ .

नाम

तकनीकी ,1,अनूप शुक्ल,1,आलेख,6,आसपास की कहानियाँ,127,एलो,1,ऐलो,1,कहानी,1,गूगल,1,गूगल एल्लो,1,चोरी,4,छींटे और बौछारें,146,छींटें और बौछारें,340,जियो सिम,1,जुगलबंदी,49,तकनीक,51,तकनीकी,698,फ़िशिंग,1,मंजीत ठाकुर,1,मोबाइल,1,रिलायंस जियो,2,रेंसमवेयर,1,विंडोज रेस्क्यू,1,विविध,378,व्यंग्य,513,संस्मरण,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,स्पैम,10,स्प्लॉग,2,हास्य,2,हिन्दी,505,hindi,1,
ltr
item
छींटे और बौछारें: अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग दिवस - आइए, पुराने स्वर्णिम दिनों को याद करें...
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग दिवस - आइए, पुराने स्वर्णिम दिनों को याद करें...
https://lh3.googleusercontent.com/-Y6-eeomvm-8/WVZ0SzDy-QI/AAAAAAAA5Pw/pRUb0sjEmE8ik-xa_LGixG0QLbrwIuUmACHMYCw/image_thumb%255B1%255D?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-Y6-eeomvm-8/WVZ0SzDy-QI/AAAAAAAA5Pw/pRUb0sjEmE8ik-xa_LGixG0QLbrwIuUmACHMYCw/s72-c/image_thumb%255B1%255D?imgmax=800
छींटे और बौछारें
https://raviratlami.blogspot.com/2017/06/blog-post_30.html
https://raviratlami.blogspot.com/
https://raviratlami.blogspot.com/
https://raviratlami.blogspot.com/2017/06/blog-post_30.html
true
7370482
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content