आदमी को और कितना अलाल बनाओगे?

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वैसे, वैज्ञानिकों का बहुत बहुत धन्यवाद। झुककर जूते के फीते बांधने में, नेताओं की तरह मुझे भी बहुत अलाली आती है। अब ये बात जुदा है कि मुझे चमचों, सहायकों की कोई सुविधा हासिल नहीं है।

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