गाय हमारी माता है, हमको कुछ नहीं आता है

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फिर भी, कलेक्टर बन जाता है!

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2 टिप्पणियाँ "गाय हमारी माता है, हमको कुछ नहीं आता है "

  1. सब कुछ सम्भव है ,राजस्थान में कितने अफसर आयोग के पेपर खरीद कर पास हो गए और आज गद्दीनशीन हैं , क्या होना है ?

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  2. ये हमारी सेलेक्शन प्रक्रिया की खासियत है...हर भतीजा ज्ञानी बन जाता है...

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