टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

कुरूपता मापी : नवीन टेक्नोलॉज़ी के नवीन खतरे

ugly meter

नई टेक्नोलॉज़ी के अपने नए-नए खतरे हैं. अलग किस्म के. भयंकर. लीजिए, अब आपके लिए आ गया है कुरूपता मापी. अभी तो यह आईफ़ोन के एप्लीकेशन के रूप में आया है, जल्द ही यह सभी स्मार्टफ़ोनों के लिए उपलब्ध हो जाएगा. यह आईफ़ोन एप्लीकेशन सामने वाले की कुरूपता का पैमाना 1 – 10 स्केल पर बताता है. यदि आपको पूरे दस अंक मिलते हैं तो इसका अर्थ है कि आप सर्वाधिक कुरूप हैं.

इस एप्लीकेशन के वर्णन में लिखा है –

यूएसए में टॉप 3! फ़ॉक्स, एबीसी, एनबीसी, टुडे शो तथा डेली मेल में कवर स्टोरी आ चुकी है. इस टॉप के एप्लीकेशन को जल्द से जल्द खरीदें. आज की कीमत 99 सेंट. इससे पहले कि माल खतम हो जाए, अपने दोस्तों को बताएँ.

.... क्या आपने कभी अनुभव किया है कि आप बदसूरत हैं और आपके दोस्त बस आपका मन रखने के लिए ये बात बताते नहीं हैं और फोकट आपके रूप रंग की तारीफ़ें करते रहते हैं? या फिर आपका कोई कुरूप दोस्त है और आप उससे ये बात कह नहीं पा रहे हैं और चाहते हैं कि किसी तरह ये बात उस तक पहुँच जाए?


कुरूपता मापी आपका फोटो खींचता है, आपके चेहरे के फोटो को स्कैन करता है और फिर आपको 1-10 के कुरूपता स्केल पर आंकता है.


यदि आपको 10 नंबर मिलते हैं तो आपका चेहरा संभवतः इतना कुरूप है कि सिर्फ आपकी माँ ही आपको प्यार कर सकती है. आपकी रेटिंग कितनी खराब है उसके आधार पर कुरुपता मापी आपके लिए हाथों हाथ टिप्पणी भी मारता है!

तो, अब अपने रूप रंग पर गर्व करना, यदि अब तक करते रहे हों तो, छोड़ दें. आईफ़ोन जैसे स्मार्ट फोनों में कुरूपता मापी आ गया है. वो दूध का दूध पानी का पानी कर देगा. इससे पहले कि लोग आपकी रेटिंग करें, आप स्वयं अपनी असलियत जान लें ताकि अपने जीवन का सबसे बड़ा धक्का खाने से बच सकें. वैसे भी, भ्रम में जीने के बजाए, आदमी को सत्य को सदैव स्वीकारना चाहिए.

सुंदरता देखने वाले की आँखों में होती है. कभी होती होगी. अब तो सुंदरता सामने वाले के स्मार्टफोन में बसती है.

अब आपको स्मार्टफ़ोन रखने वाले लोगों से सावधान रहना होगा. बल्कि उनसे डरकर रहना होगा. और यथा संभव दूरी बनाकर रखना होगा. क्या पता सामने वाले के हाथ में कोई कुरूपता मापी लोडेड स्मार्टफ़ोन हो और वो आपके सामने आपकी असलियत धर कर रख दे. क्या पता उसका स्मार्टफोन आपकी तस्वीर चुपके से खींच ले और आज के आपके मेकअप की धज्जियाँ उड़ाकर रख दे. वर्धा ब्लॉगर सम्मेलन में ब्लॉगरों ने एक दूसरे की जमकर तारीफ़ें कीं. यदि उनके स्मार्टफ़ोनों में ये ऐप्लीकेशन लोड होता तो संभवतः बात ही कुछ और होती. इसी वजह से अगले सम्मेलन में खुलेआम बुलावा होने के बावजूद शायद ही कोई ब्लॉगर पहुँचे – क्योंकि तब तक तो सभी ब्लॉगरों के पास इस ऐप्लीकेशन समेत स्मार्टफ़ोन आ चुके होंगे और प्रकटतः खतरा कोई उठाना नहीं चाहेगा. फिर किसी को कोई शिकायत भी न होगी कि किस बड़ी नाक वाले को बुलाया और किस कटी-कच्चे कान वाले को छोड़ दिया!

अभी तक तो होता आया है कि लोग-बाग़ एक दूसरे को झूठा दिलासा और झूठी तारीफें देते रहे हैं. नवीन टेक्नोलॉज़ी की नवीन दुनिया में झूठ का क्या काम? जो है आपके स्मार्ट फ़ोन में है. और पूरा सत्य है. और, यदि सामने वाले ने आपके चेहरे का जुगराफिया बताया तो आप भी कम और पीछे क्यों रहें? उसके चेहरे का नक्शा आप भी बता दें – कि भइए, ठीक है, मेरी रैंकिंग आप आठ बता रहे हो, पर तुम्हारी भी तो पौने आठ या सवा आठ है!

पर, असली खतरा तो तब होगा जब ऐसे स्मार्टफ़ोन एप्लीकेशन आएंगे जो आपके मन की बात को पढ़ लेंगे. एडवांस में. जब आपके मुखारविंद से झर रहे फूल से कोमल और सुंदर वाक्यों के पीछे छिपी असल गंदगी को स्मार्टफ़ोन सही इंटरप्रेट करेंगे असल समस्या तब होगी, और अच्छी खासी होगी. समझिए कि ऐसे ऐप्लीकेशन भी अब आने ही वाले हैं, वो भी अच्छी तादाद में. इट इज जस्ट ए मैटर आफ टाइम. नवीन टेक्नोलॉजी के ये नवीन खतरे हमें उठाने ही होंगे. आप तैयार हैं?

एक टिप्पणी भेजें

ऐसे स्मार्टफ़ोन एप्लीकेशन आएंगे जो आपके मन की बात को पढ़ लेंगे.

ए भाई...डराने वाली बातें मत लिखा करो... :)

अब गोसिप का एक और मुद्दा मिल गया है... सुनो वो बारह नम्बर वाली बड़ी स्मार्ट बनती है, मैने उसकी तस्वीर चुपके से ली तो उसे 8 अंक मिले... मेरे तो 6 है, अभी देख लो... एश से बस थोड़े ज्यादा... :)

आप उन्‍हीं को डरा सकते हैं जिन्‍हें सुन्‍दरता पर गुमान हो, हमें तो हमारी असलियत मालूम है। नम्‍बर कितने आएंगे यह पता नहीं। लेकिन लेखन का भी ऐसा ही मापदण्‍ड होना चाहिए कि आपकी पोस्‍ट को इतने नम्‍बर मिले। बहुत अच्‍छी जानकारी।

बहुत ही खतरनाक है, पर एक बार कुरूपता नियत हो जाने पर जीवन भर का भ्रम तो नहीं रहेगा।

देखते हैं अब कौन कौन डरता है।
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (22/10/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com

बेहतरीन व्यंग्य !

हमें क्या. हम कहां ख़ूबसूरती की रेस जीतने की दौड़ में हैं जी !

कमाल है! आप तो यन्‍त्र/तकनीक के कुशल नियन्‍त्रक हैं और इस बात को अजूबे की तरह पेश कर रहे हैं? आप तो भली भॉंति जानते हैं कि झूठ बोलने का एकाधिकार केवल मनुष्‍य को मिला हुआ है - सुष्टि के प्रारम्‍भ से ही। यह तो यन्‍त्र/तकनीक ही है जो सच बोलती है - बिना किसी का लिहाज किए।

हॉं, यह बात जरूर जोरदार है कि अपना एकाधिकार भंग करनेवाला यन्‍त्र खुद मनुष्‍य ने बना लिया। अब, जब बना ही लिया है तो भुगताना तो पडेगा ही।

बढिया लेख!
मजा आ गया।

इसे कुरूपता मीटर क्यों कहें?
क्या सुन्दरता मीटर नहीं कह सकते?
रैंकिन्ग को बस उल्टा कर दो।

और क्या क्या नाप सकते हैं?
अमीरी नापना तो आसान है। बैंक बैलेन्स से पता चलेगा।
कद, भार वगैरह भी आसानी से नाप सकते हैं।
पर किसी की अच्छाई या बुराई कभी नाप सकेंगे?
क्या ब्लॉग्गिंग की गुणवत्ता कभी नापी जा सकती है?
आपने हमें सोचने पर मज़बूर कर दिया?
शुभकामनाएं
जी विश्वनाथ

dhansu hai, ek no ka, dil khush ho gaya padhkar....

upar se wardha aur satish ji ke aagaami blogger meet ko jodkar to aapne aur bhi shandar banaa diya ise....

.

Fortunately I am using this smart phone----So beware !

Just kidding !

Cool phone !

I love smart people and smart phones !

.

हमतो बुरका खरीदने चले .फिर भी कुरूप तो दोष बुर्केवालों का .

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]
[blogger][facebook]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget