नए कदमों को सफलता की सीढ़ी नहीं, आलोचना के गड्ढे मिलते हैं....

मरफ़ी के नियम

(मरफ़ी के नियमों ने सबको सदैव आकर्षित किया है. अंग्रेज़ी में तो कई देखीं, परंतु हिन्दी में मरफ़ी के नियमों की किसी किताब बाबत जानकारी मुझे नहीं है. इंटरनेट पर तो ख़ैर है ही नहीं. इंटरनेट पर हिन्दी में इन नियमों के संग्रह को लाने की ख्वाहिश मुझे प्रारंभ से ही थी. अब लगता है यह सपना पूरा हो सकेगा. प्रभासाक्षी ने इन नियमों को सिलसिलेवार प्रकाशित करने का भरोसा दिलाया है - जिसके लिए वे पारिश्रमिक भी देंगे. - हिन्दी ब्लॉग की व्यावसायिकता में पहला कदम? अभिव्यक्ति में भी इन्हें सिंडीकेट रुप में प्रकाशित किया जा सकेगा. बाद में किताब की शक्ल देने की कोशिश भी की जाएगी - परंतु तभी जब कोई प्रकाशक इसे ‘मुफ़्त' में या ‘कुछ दान-दक्षिणा' जैसी रॉयल्टी देकर छापे. अन्यथा अभी तो मेरे जैसे हिन्दी के नए नवेले लेखकों को अपनी किताबें खुद पैसे खर्च कर छपवानी पड़ती हैं - शायद इसीलिए मेरी कोई भी किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई और अगर यही स्थिति रही तो कभी प्रकाशित भी नहीं होगी :) मरफ़ी के हिन्दी में अनुवादित ये नियम यूं तो अनियमित प्रकाशित होंगे, परंतु वर्षांत तक एक अच्छा खासा संग्रह तैयार करने की कोशिश होगी.)


• यदि कहीं कुछ गलत हो सकने की संभावना होती है तो अंततः ऐसा होता ही है.

• यदि बहुत सी गलतियों के हो सकने की संभावनाएँ होती हैं, तो वही एक गलती होती है जिससे कि सर्वाधिक नुकसान पहुँचता है.

• उपप्रमेय: यदि किसी गलती के हो सकने का सबसे खराब समय होता है, तो गलती भी उसी सबसे खराब समय में होती है.

• यदि कहीं, कभी, कोई गलती हो ही नहीं सकती हो तो फिर वहाँ अंततः गलती होती ही है.

• यदि आप यह महसूस करते हैं कि चार संभावित तरीकों से गलती हो सकती है, और आप इन सभी तरीकों से बच निकलते हैं, तभी, गलती हो सकने का एक पाँचवाँ अप्रत्याशित तरीका तत्परता से पैदा हो जाता है.

• यदि चीज़ों को अपने हाल पर छोड़ दिया जाए, तो वे बद से बदहाल होने की कोशिशें करती हैं.

• यदि सब कुछ अच्छा चलता प्रतीत हो रहा है, तो यकीन मानिए, आपने कुछ अनदेखा किया ही है.


• प्रकृति हमेशा गुप्त दोषों के पक्ष में होती है

• मरफ़ी का दर्शन-
मुस्कराओ... कल तो और बुरा होगा.


• मरफ़ी के नियम में क्वांटाइज़ेशन संशोधन-
गलत होता है तो सारा कुछ एक साथ होता है.

• मरफ़ी का स्थिरांक :
पदार्थ अपने मूल्य के सीधे अनुपात में क्षतिग्रस्त होता है.

• मरफ़ी का अनुसंधान का नियम :
ज्यादा अनुसंधान आपके सिद्धान्त का समर्थन करने के लिए अग्रसर होते हैं

• मरफ़ी के नियम में संयोजन :
प्रकृति में सब कुछ कभी भी सही नहीं होता. अतः यदि सब कुछ सही हो रहा हो... तो कहीं कुछ गलत है.

• कुछ भी जो गलत हो सकता है, उसे अंततः गलत होना ही है.


• परिशुद्धता का नियम: किसी समस्या के समाधान पर कार्य करते समय, यदि आपको समाधान पहले से पता होता है तो इस बात से हमेशा ही मदद मिलती है.

• उपप्रमेय: परंतु तभी, जब आपको पता हो कि वहाँ सचमुच समस्या है.

• कोई भी चीज उतनी आसान नहीं होती जितनी वह दिखाई देती है

• हर चीज के लिए उससे ज्यादा समय लगता है जितना आप समझते हैं

• यदि कोई चीज कभी गलत हो ही नहीं सकती तो अंततः उसे गलत होना ही है

• जब आप कोई कार्य करने के लिए निकल पड़ते हैं तो पता चलता है कि कोई अन्य कार्य पहले करना जरूरी है.

• हर समाधान नई समस्याओं के साथ आता है

• किसी प्रतिलिपि (फ़ोटोकॉपी) की पठनीयता उसके महत्व के उलटे अनुपात में होती है

• आप पहले से यह सफलतापूर्वक निर्धारित कर नहीं रख सकते कि ब्रेड के किस तरफ मक्खन लगाया जाए.

• किसी ब्रेड के मक्खन लगे हुए तरफ से कालीन पर गिरने की संभावना कालीन की क़ीमत के सीधे अनुपात में होता है.


• आखिरी असंभावित जगह पर देखने पर कुछ न कुछ मिल ही जाता है


• आप चाहे जितनी भी मशक्कत कर सबसे सस्ती दर पर कोई वस्तु अपने लिए खरीदते हैं तो खरीदने के तुरंत बाद पता चलता है कि वह कहीं सेल पर और सस्ते में पहले से बिक रहा होता है

• आपके सामने वाली लाइन ज्यादा तेजी से चलती है और यदि आप लाइन बदल लेते हैं तब भी यही स्थिति रहती है.

• ऋण प्राप्त करने के लिए आपको यह साबित करना होता है कि आपके पास तमाम संपत्तियाँ पहले से हैं और आपको ऋण की तो कतई आवश्यकता ही नहीं है.

• किसी भी चीज को अगर आप सुधारना चाहते हैं तो जितना सोचा गया होता है उससे कहीं ज्यादा समय लगता है और ज्यादा धनराशि खर्च होती है.

• यदि ढक्कन खुल नहीं रहा है, तो ताकत लगाएँ. यदि यह टूट भी जाता है तो कोई बात नहीं चूंकि अंततः इसे फेंकना तो है ही.

• यदि किसी खराब उपकरण को मेकैनिक को दिखाया जाता है तो वह उपकरण अचानक भली भांति कार्य करने लग जाता है.

• यदि कोई ऐसा आसान तंत्र या उपकरण बना लिया जाता है जिसका इस्तेमाल कोई बेवक़ूफ़ भी कर सकता हो तो फिर उसका इस्तेमाल सिर्फ बेवक़ूफ़ ही करेंगे.

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• हर एक के पास धनवान बनने की योजनाएँ होती हैं जो काम नहीं करतीं.

• किसी भी पदानुक्रम (हियरऑर्की) में प्रत्येक व्यक्ति अपने स्वयं के अयोग्यता स्तर के चरम पर पहुँच जाता है और फिर वह वहीं बना रहता है.

• किसी भी काम को सबसे बढ़िया करने के लिए कोई समय नहीं होता, परंतु उस काम को निपटा लेने के लिए समय हमेशा होता है.


• जब आप संशय में हों, बुदबुदाएँ. जब मुश्किल में फंसे हों तो अपने कार्य अधिकार दूसरों को दे दें.

• जीवन में कोई भी अच्छी चीज या तो अवैधानिक, या अनैतिक होती है.


• मरफ़ी का स्वर्णिम नियम : जिसके पास स्वर्ण होता है वही नियम बनाता है.

• संशय के समय अपनी आवाज में ज्यादा विश्वसनीयता लाएँ.

• किसी बेवकूफ़ के साथ तर्क कभी नहीं करें, संभवतः लोगों को भिन्नता का पता न चल पाए.

• गणित के सबक पर पेन्जा का नियम:
सबक के सबसे महत्वपूर्ण समय पर ही बेयरा दरवाजे पर दस्तक देता है.

• जहाँ सहनशक्ति और धैर्य असफल हो जाता है, बल और शक्ति की जीत होती है.


• यदि आप कुछ गलत चाहते हैं, अधिक संभावना है कि आपको वह न मिले.

• यदि आप समझते हैं कि आप सही और बढ़िया काम कर रहे हैं, तो इसके आपके सामने ही गलत ठहराए जाने की पूरी संभावना है.

• जब किसी ट्रैफ़िक में इंतजार कर रहे हों, तो जब तक आपका लेन साफ होता है वह दूसरा लेन जाम हो जाता है जिस पर आपको बदलकर जाना होता है.

• जब आप सोचते हैं कि अब इससे बुरा कुछ हो ही नहीं सकता तब ऐसा हो ही जाता है.

• बूमरेंग प्रभाव याद कीजिए; आपके कार्य आपके पास लौट कर वापस आते हैं.

• किसी क्रिया पर की गई प्रतिक्रिया भी एक क्रिया ही है


• दूसरों के कार्यों पर अगर आपको गुस्सा आता है तो इसका अर्थ है कि आपको दूसरे नियंत्रित करते हैं तथा अपने गुस्से पर तो आपका नियंत्रण ही नहीं है.

• किसी भी समय यदि कोई वस्तु सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है तो वह फिर कभी दुबारा दिखाई नहीं देता - काम के समय तो बिलकुल नहीं.

• जब आप अकेले खेल रहे होते हैं तभी गेंद पर आपका बढ़िया शॉट लगता है.

• गेंद पर आपका सबसे बुरा शॉट तभी लगता है जब आप उनके सामने खेलते होते हैं जिन्हें आपको प्रभावित करना होता है.

• आप चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, आप एक धागा भी नहीं खींच सकते.
(उदाहरण के लिए, कार में परिवार के सभी लोगों को बिठाने की कोशिश करना)

• बाल सेटिंग करवाने की कीमत बयार की तेजी के सीधे अनुपात में होती है.

• ग्रेट आइडिया कभी भी याद नहीं किए जाते और मूर्खता भरे वक्तव्य कभी भूले नहीं जाते.


• वाशिंग मशीन में जोड़ में से हमेशा एक ही मोजा ग़ायब होता है

• जो आप चाहते हैं आपको नहीं मिलता जो आपके पास है उसे आप हरगिज नहीं चाहते.

• जो आप करना चाहते हैं वह संभव नहीं है, जो आप कर सकते हैं उसे आप करना नहीं चाहते.

• ट्रैफ़िक की रफ़्तार आप कितने लेट हो चुके हैं या होने वाले हैं उसके उलटे अनुपात में होती है.

• पेचीदगी तथा कुण्ठा का गुणांक, उस कार्य को पूरा करने में कितना समय बाकी होता है तथा वह कितना महत्वपूर्ण होता है उसके उलटे अनुपात में होता है.

• क्रेसपिन का अवलोकन का सिद्धांत:
लोगों के द्वारा किसी व्यक्ति का अवलोकन किए जाने की संभाव्यता उसके द्वारा किए जा रहे मूर्खता पूर्ण कार्य के सीधे अनुपात में होती है.

• यदि आप खुजाते हुए सोएंगे तो बदबूदार उंगलियों के साथ उठेंगे.

• मरफ़ी के नियमों की जानकारी होने मात्र से किसी भी परिस्थिति में कोई मदद नहीं मिलती है.

• यदि आप अपना प्रभाव जमाने के लिए कुछ कहते हैं तो यकीन मानिए, आपका प्रभाव खतम हो जाता है.

• जहाँ धैर्य असफल होता है, वहाँ शक्ति सफल होती है.

• वैक्समेन का नियम:
सभी चीजों का स्वाद एक जैसा ही होता है- अच्छा या बुरा

• स्कारस्टाड का अवलोकन
आपके गुम चुके चिल्लर में से उससे अधिक तो आपको कभी भी वापस नहीं मिलेंगे.

• यदि अधिकार द्रव्यमान है तो मूर्खता गुरुत्व-बल है.

विषय:

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unmukt

अचछा संग्रह है|पीटर के नियम और पारकिंसन के नियम भी हैन्दी में रखने योग्य हैं|

बढियां कार्य है, मजा आया हिन्दी मे संग्रह के इस प्रयास को देख कर.शुभकामनाऎं.
समीर लाल

राजीव

रवि जी, मरफी के नियमों का हिन्दी प्रकाशन बहुत अच्छा और संग्रहणीय है।

शायद इसीलिए मेरी कोई भी किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई और अगर यही स्थिति रही तो कभी प्रकाशित भी नहीं होगी :)

आशा है कि उपरोक्त कथन मरफी के नियमों का अपवाद हो, और मेरी यह टिप्पणी भी ;)


यदि आप कुछ गलत चाहते हैं, अधिक संभावना है कि आपको वह न मिले.


यह कदाचित इस प्रकार भी कुछ सीमा तक ठीक बैठे :

यदि आप कुछ चाहते हैं, अधिक संभावना है कि आपको वह न मिले.

इन नियमों के भावी व्यवसायिक प्रकाशन के लिये शुभकामनायें

अच्छा विचार व कदम है। एक बढिया और सस्ती किताब का इन्तजार रहेगा। क्या मुफ्त में प्रकाशन के लिये आपने www.lulu.com साईट देखी है?

बढिया संग्रह

आप को कहीं जाना होता है और अगर किसी कारण से लेट हो गये हों तो सारी बाधायें एक साथ आती है, ऑटो का क्लच वायर टूट जाता है,पेट्रोल खत्म हो जाता है या ट्रेफ़िक जाम क्यूँ हो जाता है?
जब किसी विषय पर आप चिट्ठा लिखते हैं और सोचते हैं कि इस विषय पर सबसे आपका लिखा प्रकाशित हो तभी ब्लॉगस्पॉट आपके लेख को अपलोड करने में देरी क्यों लगाता है और जब आपका लेख प्रकाशित होता है उससे पहले पाँच चिट्ठाकारों के लेख प्रकाशित क्यों हो चुके होते हैं?

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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