सोमवार, 25 अक्तूबर 2004

भारतीय संभावनाएँ

संभावनाओं से परिपूर्ण भारत देश
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जो लोग भारत देश में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं, उनके लिए प्रस्तुत है कुछ नई, ताजातरीन संभावनाएँ.
1. वी. जे. कुरियन ने देश का पहला निजी क्षेत्र का वायु अड्डा कोच्चि में बनाया. पर यह कोई संभावना नहीं हुई. दरअसल बड़ी संभावना यह हुई कि इस निजी क्षेत्र के वायु अड्डे को बनाने के लिए उन्हें ट्रेड यूनियनों को आइडलनेस मनी देना पड़ी ताकि वे उपद्रव नहीं मचाएँ और वायु अड्डा बनाने के काम में रोड़े नहीं अटकाएँ. यह हुई बड़ी संभावना. अब आप भी कोई ट्रेड यूनियन बनाइये या बने हुए का पालनहार बनिए और आइडलनेस मनी प्राप्त करने की नई नई संभावनाएँ तलाश करिए. भारत में बहुत संभावनाएँ हैं.
2. फिर से, बिहार में ईजाद की हुई संभावना जो पूरे देश में लागू की जा सकती है. पटना में 600 करोड़ रूपयों के एनएससी और किसान विकास पत्र ट्रांजिट के दौरान गुम हो गए. गुमे हुए एनएससी और किसान विकास पत्र वहाँ के कुछ ठेकेदारों द्वारा सरकारी कोषालयों में मार्जिन मनी के रूप में जमा करवाए जाने के रूप में काम में लिए जाने लगे. चूंकि यह सिर्फ एक काग़ज़ ही होता है, और इसका अंतिम भुगतान संभव नहीं (शायद कहीं यह संभावना भी पूर्ण हो गई हो) अतः इसका उपयोग कॉशन मनी / मार्जिन मनी के रूप में धड़ल्ले से किया जाता है. जाली स्टाम्प पेपर्स की संभावना तो इतर ही है. (जिसमें हजारों करोड़ रूपए के घोटाले किए गए और जिसमें नामी राजनीतिज्ञ से लेकर उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी तक लिप्त बताए जाते हैं.)
3. ऊपर दी गई संभावनाओं में हो सकता है कि आपको कोई मजा नहीं आए. तो लीजिए आपके लिए एक अनूठी संभावना. भारत के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट मुम्बई में अकसर भयानक भीड़ और ट्रकों का जाम लग जाता है, चूंकि यहाँ भी इन्फ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है. माफिया के कुछ लोग और ट्रस्ट के कुछ कर्मचारी मिलकर जो ट्रक ड्राइवर उन्हें एन्ट्री फीस देते हैं उनकी माल ढुलाई प्राथमिकता से करते हैं, बाकी 10-15 दिनों तक (हे भगवान!) अपनी बारी का इंतजार करते हैं. यहाँ आपको संभावना नज़र नहीं आई ? अरे भाई आप भी ऐसी जगहों पर बैठिए (ढेरों मिलेंगे) जहाँ जाम लगता हो, कुछ सांठ गांठ करिए. बस संभावनाएँ ही संभावनाएँ.
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ग़ज़ल
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लहरें गिनने में सुनी संभावनाएँ हैं
ख़ून के रिश्तों ढूंढी संभावनाएँ हैं

जब से छोड़ा है ईमान का दामन
मिलीं संभावनाएँ ही संभावनाएँ हैं

माँ तेरे दूध में भी अब तेरे बच्चे
तलाश लेते ढेर सी संभावनाएँ हैं

मेरी हयात का ये नया रंग कैसा
कैसे तो दिन कैसी संभावनाएँ हैं

अब कोई और ठिकाना देख रवि
चुक गई यहाँ सारी संभावनाएँ हैं

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