हे गूगल! रीड इट, जस्ट रीड इट!!

यूँ तो कंप्यूटरों और स्मार्टफ़ोनों में टैक्स्ट-टू-स्पीच की सुविधा, वो भी हिंदी में, एक तरह से बाबा आदम के जमाने की बात हो गई. मगर इसके लिए आपको कुछ न कुछ अलग उपाय लगाना होता था. कोई ब्राउज़र एक्सटेंशन लगाना होता था, कोई ऐप्लिकेशन, प्रोग्राम इंस्टाल करना होता था या कोई ऐप्प. और हर बार एक अदद काम इन्हें चालू करने का होता था.


अब गूगल असिस्टेंट ने एक और सुविधा जोड़ी है. जो प्रायः सभी एंड्रायड फ़ोनों में अंतर्निर्मित और डिफ़ॉल्ट से उपलब्ध होगी.


और यह एक बड़ी सुविधा है.


अब आप किसी भी ऑनलाइन पृष्ठ, या जो टैक्स्ट सामने एक्टिव स्क्रीन पर दिख रहा हो, उसे बोलकर सुनाने का.


यानी जब आप इस पृष्ठ को अपने स्मार्ट फ़ोन में पढ़ रहे हों, तो आप गूगल असिस्टेंट को सक्रिय कर कहें - हे गूगल रीड इट.


है न बेहद आसान!


और यह कुछ क्षणों में ही आपको इस पृष्ठ को बोल कर पढ़ने लगेगा. आद्योपांत. आपको इसके बारीक अक्षरों पर अपनी आंखें गड़ाने की जरूरत नहीं. आप चाहें तो सुनते सुनते दूसरा कोई काम - ताड़ने-देखने का कर सकते हैं.

यही नहीं, यह एक प्लेयर के रूप में कार्य करता है - यानी आप पाठ में आगे पीछे - रिवर्स या फारवर्ड कर सुन सकते हैं. पॉज-और प्ले कर सकते हैं.



इसे लॉक स्क्रीन से भी ऐक्सेस कर सकते हैं -



इसमें 4 तरह की आवाज़ें हैं. 2 महिला और 2 पुरुष जिनमें से आप अपने पसंद की आवाज चुन सकते हैं.



ये देखिए रचनाकार.ऑर्ग के पृष्ठ पर प्रकाशित कविता का गूगल असिस्टेंट द्वारा पाठ - एकदम नैसर्गिक सा, पूरे भाव प्रवणता, आवाज के उतार-चढ़ाव व ठहराव के साथ. शायद भविष्य में मानवीय भाव-भंगिमा भी पाठ के कथ्य के हिसाब से स्वयमेव जुड़ जाए.



और ये है दूसरी आवाज़ में कविता पाठ-


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