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व्यंग्य जुगलबंदी - बंगले के मरफ़ी के नियम

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बंगले के मरफ़ी के नियम मरफ़ी का नियम, दिए गए किसी भी विषय, वस्तु अथवा विचार पर लागू होता है. यकीन नहीं होता? बंगला को ही लीजिए – *    कोई ...

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बंगले के मरफ़ी के नियम


मरफ़ी का नियम, दिए गए किसी भी विषय, वस्तु अथवा विचार पर लागू होता है. यकीन नहीं होता? बंगला को ही लीजिए –
*    कोई भी दिया गया सर्व-सुसज्जित किस्म का बंगला, खाली करने के बाद कबाड़ हो जाता है.
*    किसी भी दिए गए बंगले में कमरों की संख्या पर्याप्त कभी नहीं होती है. एक अदद कमरा या एक आउटहाउस की कमी सदैव बनी रहती है.
*    बंगले का आकार-प्रकार मालिक के वास्तविक हैसियत के व्युत्क्रमानुपाती होता है. (उदाहरण - वॉरेन बफ़े जैसे लोग दो कमरे के बंगले में रहते हैं तो माल्या जैसे चवालीस कमरे और चौरासी पार्किंग वाले महलों में!)
*    दूसरे के बंगले की लाइट ज्यादा चमकती है. (मिलते जुलते नियम – दूसरे के बंगले की दीवार का रंग हमेशा जरा ज्यादा चटख दिखता है)
*    किसी भी दिए गए बंगले के किसी भी दिए गए कमरे में दीवारें चार ही होती हैं. (इस नियम का विस्तार – अलबत्ता, दरवाज़े, चोर-दरवाज़े, खिड़कियाँ, फ़ायर-एस्केप, आलमारी, तहखाने आदि-आदि कई-कई, अनगिनत हो सकते हैं.)
*    समस्याएँ, बंगले के आकार के समानुपाती होती हैं.
*    बड़े, विशालकाय, सर्व-सुसज्जित बंगलों में भी लोग मरते हैं. (व्युत्क्रम नियम – अ-बंगलों यानी छोटे मकानों, झुग्गियों में भी लोग जीते हैं)
*    जो बंगला बाहर से विशालकाय, जीवंत नजर आता है, भीतर से उतना ही क्षुद्र, मुर्दयी होता है.
*    बंगला हो तो सरकारी, नहीं तो न हो. (मिलता जुलता नियम – असली बंगला सरकारी बंगला नहीं तो काहे का बंगला?)
*    स्वर्गिक आनंद = सरकारी बंगला + सरकारी गाड़ी.
*    बंगले के मालिक से भूले से भी न पूछो उसके मेंटेनेंस का दर्द.
*    बंगले की नियति भूतबंगला ही है. और भूतबंगले की नियति मल्टी.
*    पहले वाले का बंगला दूसरे वाले के बंगले से बड़ा और विशालकाय भले न हो, अधिक आरामदायक, अधिक सुकूनदायक होता है. (इस नियम का व्युत्क्रम – पहले वाले का अधिक आरामदायक, सुकूनदायक बंगला दूसरे वाले के विशाल बंगले से [आकार-प्रकार-सज्जा आदि में] छोटा होता है.)
*    बंगले के आकार प्रकार से उसके रहवासियों की वास्तविक सुख-समृद्धि का कोई लेना-देना नहीं होता.
*    बड़े बंगले में भी, दिन में अधिकतम 24 घंटे की नींद निकाली जा सकती है.
*    बड़े बंगले के बड़े दरवाजे में यह कतई जरूरी नहीं कि केवल बड़े लोग ही आया जाया कर सकते हैं. (मिलता जुलता नियम – बड़े बंगलों में अकसर छोटे लोग निवास करते हैं)
*    बंगला केवल एक कमरे का मकान भी हो सकता है, यदि कोई चाहे.
*    बंगला, बनाता कोई और है, और उसमें रहता कोई और है.

*   

व्यंज़ल


वक्त बेरहम है उजाड़ देगा
तेरा हो या हो मेरा बंगला

सपने देखते नींद उड़ गई
ऐसा वैसा हो मेरा बंगला

मुझसा खुश कोई नहीं है
फुटपाथ पर है मेरा बंगला

यार को चाहिए बड़ी दीवारें
वैसा है नहीं मेरा बंगला

मुझसे बड़ा कोई नहीं रवि
बे-दरो दीवार है मेरा बंगला
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छींटे और बौछारें: व्यंग्य जुगलबंदी - बंगले के मरफ़ी के नियम
व्यंग्य जुगलबंदी - बंगले के मरफ़ी के नियम
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