क्या विंडोज मर रहा है?

निकट भविष्य में तो नहीं, मगर शुरुआत हो चुकी है - नीचे स्क्रीनशॉट देखें :

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यह है इंटरनेट पर हिंदी की सर्वाधिक लोकप्रिय ईपत्रिकाओं में शुमार -  रचनाकार.ऑर्ग के आंकड़ों का स्नैपशॉट.

एंड्रायड पर 72 प्रतिशत पाठक हैं, और विंडोज पर केवल बीस प्रतिशत. जब एंड्रायड नहीं था तब 99 प्रतिशत पाठक विंडोज से ही आते थे.


नई, नवोन्मेषी तकनीकें पुरानी स्थिर तकनीकों को लील लेती हैं, प्रचलन से निकाल बाहर कर देती हैं.


क्लासिक उदाहरण.


आज की स्थिति में यदि मैं विंडोज़ से चिपका हूँ तो केवल और केवल एक वजह है - विंडोज आधारित हिंदी का ओसीआर, और हिंदी के कुछ फ़ॉन्ट परिवर्तक (वर्चुअल मशीन से यह भी संभव है, पर बात वही हुई). अन्यथा अपना सारा काम अब एंड्रायड पर ही होने लगा है, और क्या बढ़िया होने लगा है!

3 टिप्पणियाँ "क्या विंडोज मर रहा है?"

  1. आपके लेखों से नित नई जानकारियां मिलती रहती हैं. आपको धन्यवाद

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  2. सर, ट्राडोस तो सिर्फ विंडो पर चलता है और यह हमारी मजबूरी है।

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