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व्यंग्य : एआई का मारा मैं बेचारा!

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(कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त गूगल होम स्पीकर – स्पीकर के सामने कुछ कहें, यह आपकी बात समझने की कोशिश करेगा और तदनुसार कार्य करेगा.) अब आप एआई क...

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(कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त गूगल होम स्पीकर – स्पीकर के सामने कुछ कहें, यह आपकी बात समझने की कोशिश करेगा और तदनुसार कार्य करेगा.)


अब आप एआई का मतलब किसी इंस्पेक्टर से मत जोड़ लीजिएगा. वैसे भी अपने देश में पग पग पर इंस्पैक्टर मिलते हैं, और उनमें से किसी न किसी एक किस्म के इंस्पैक्टर का मारा, डग डग में. बहरहाल, मैं बात कर रहा हूँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता की. सरल शब्दों में कहें तो आर्टीफ़िशल इंटेलिजेंस की. एक बात और, शीर्षक जल्द ही ‘एआई की मारी दुनिया बेचारी!’ में जल्द बदलेगा. अतः थोड़ा ध्यान से.

तो, किसी बुरे दिन को मैंने डेढ़ होशियारी दिखाई और अपने पैरों में कुल्हाड़ी मार ली. मैं एआई युक्त एक अदद होम असिस्टेंट ले आया. जब चहुँओर कोर्टाना, बिक्सबी, सिरी, अलेक्सा, गूगल होम असिस्टेंट आदि-आदि की बातें हो रही हों तो आदमी कितने दिनों तक दूरी बनाए रख सकता है भला. और इस तरह मेरे बहुत बहुत बुरे दिनों की शुरूआत हो गई.

होम असिस्टेंट को मैंने अपने घर के नेटवर्क से जोड़कर आरंभिक सेटअप पूरा किया. एक-दो आसान से चरणों में यह पूरा हो गया. फिर यह बड़े ही नर्म किस्म के आवाज में पूछा – मैं आपका नया सहायक हूँ. मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं?

कल भले ही इतवार था, परंतु मैंने इसे जांचने परखने के लिहाज से कह दिया – ठीक है, मेरे सहायक, कल सुबह छः बजे मुझे जगा देना.

कोई तीन बजे रात को अलार्म की कर्कश आवाज से मेरी नींद खुली. मेरा होम असिस्टेंट अपनी प्यारी मगर मॉडुलेटेड मशीनी आवाज में कह रहा था – आपको इस लिए उठाया गया है कि आपके शरीर में जल की मात्रा सामान्य से कम हो गई है, अतः तुरंत एक गिलास पानी पिएँ.

वाह! यह है बुद्धिमत्ता. मैं बड़ा प्रसन्न हुआ, कि यह सहायक तो बड़े काम का है, सोते में भी मेरा खयाल रखता है. इसने मेरे हाथ में बंधे फिटनेस बैंड से स्वचालित तरीके से संचार प्रारंभ कर लिया था, और मेरे स्लीप पैटर्न का रीयल टाइम में मॉनीटरिंग कर रहा था, और जब इसे एबनॉर्मल सिग्नल मिला कि मेरे शरीर में फ्लूइड की मात्रा कम हो रही है तो इसने मुझे जगा दिया कि भइए, एक गिलास ठंडा पानी पीने में ही भलाई है. भले ही रात के तीन बजे हों. मगर मुझे यह पता नहीं था कि मेरी प्रसन्नता क्षणिक है, और मैं बड़ी कृत्रिम किस्म की मुसीबतों में फंसने वाला हूँ!

घंटे भर बाद फिर अलार्म बजा. बढ़िया सपने देख रहा था मैं. स्विटजरलैंड के कोमो झील में नौकायन कर रहा था सपने में, और मेरे नव सहायक का अलार्म बजा. मजा किरकिरा हो गया. क्या यह असिस्टेंट सपने में नहीं झांक सकता? अर्थ यह कि यह तब उठाए, जब बुरे, डरावने सपने आ रहे हों? अलार्म के बीच असिस्टेंट कह रहा था – आप जिस करवट लेटे हैं उसे बदलें क्योंकि आप जरूरत से ज्यादा और बड़ी खर्राटे भर रहे हैं.

चलो, यह भी ठीक है. आदमी खर्राटे हमेशा नींद में ही निकालता है और अनजाने में लोगों की हँसी का पात्र बनता है. मेरा यह नया सहायक मेरे खर्राटे कंट्रोल करने में बड़ा सहायक होगा. मैंने उसे शाबासी देना चाही, मगर उसका पीठ कहीं दिखा नहीं. पर जब इस सहायक ने महज बीस मिनट बाद ही मुझे फिर से जगाया यह बोलकर कि नींद में आपकी गर्दन तकिये से नीचे गिर गई है और आपकी गर्दन की नसों को नुकसान पहुँच सकता है, तो मेरा पारा गर्म हो गया. एक बार मन हुआ कि इसे उठाकर कहीं दूर फेंक दूं. और, इसने बाकायदा छः बजे फिर से अलार्म बजा दिया – सुप्रभात. उठिए, आपके कार्य का समय प्रारंभ हो गया है – मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूँ. मैं बिस्तर से ही चिल्लाया – मेरे बाप! जरा शांति बनाए रख, मुझे सो लेने दे.

मेरा सहायक वापस बोला – क्षमा कीजिएगा, मैं आपकी बात समझ नहीं पाया. मुझे फिर से निर्देश दें. स्पष्ट शब्दों में बोलने का प्रयास करें ताकि मैं आपकी बात समझ सकूं.

ये ल्लो! ये अब मुझे समझाने लगा कि मैं किस तरह और कैसे बात करूं! हद है!

सुबह नौ बजे दरवाजे की घंटी बजी. मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ कि कौन हो सकता है. आज किसी का एप्वाइंटमेंट भी नहीं था और न ही कोई मेहमान अपेक्षित था. दरवाजा खोला तो सामने अमेजन ऑनलाइन स्टोर का मिनी डिलीवरी ट्रक खड़ा दिखा. डिलीवरी मैन किराने के सामानों से भरा बास्केट लेकर खड़ा था.

मैंने आश्चर्य से उससे कहा – भाई शायद आप गलत पते पर आ गए हैं. मैंने कोई सामान नहीं मंगवाया है.

सर, ऑर्डर तो आप ही का है – यह देखिए – और उसने मेरे हाथों में बिल की कॉपी थमा दी. रात बारह बजे ऑनलाइन ऑर्डर हुआ था. मेरे घर से, मेरे खाते से.

समझने में मुझे कुछ समय लगा. तो, यह मेरे नए, कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त सहायक का किया धरा है! उसने मेरे एआई युक्त फ्रिज – जिसकी क्षमताओं के बारे में मुझे भी इतना नहीं पता था, से संचार संपर्क स्थापित किया, जानकारी ली, मेरी पिछली आवश्यकताओं और कंजप्शन पैटर्न को खंगाला, और फ्रिज में उपलब्ध अनुपलब्ध सामानों तथा पिछले आर्डर और कंजप्शन के आधार पर आवश्यक सामानों की सूची बनाया और मेरे खाते से स्वयमेव आर्डर कर दिया ताकि सुबह-सुबह मेरी आवश्यकताओं का सारा सामान मुझे मिल जाए!

बाकी सामानों का तो फिर भी ठीक था, मगर दूध, मक्खन और दही जैसी जल्द खराब हो सकने वाली चीजों का मैं क्या करूंगा? वह भी इतनी मात्रा में? बीबी अभी परसों ही दो हफ्ते के लिए मायके गई थी, और मैं तो मित्र मंडली के साथ पार्टी के मंसूबे बनाया हुआ था. होम असिस्टेंट, सत्यानाश हो तेरा!

जल्द ही मैं अपने इस एआई युक्त सहायक से भर पाया. मैंने इसे अपने होम नेटवर्क से पासवर्ड बदल कर निकाल बाहर किया, उसका पावर सप्लाई बंद किया और एक डब्बे में लपेट कर रख दिया, और ओएलएक्स पर डाल दिया ताकि जो भाव मिले, बेच दूं. मगर, ये क्या? हफ़्ते गुजर गए कोई लेवाल नहीं मिला. शायद सबके सब एआई सहायक के मारे हुए हैं. अब तो यह डर भी लगा रहता है कि कहीं यह सहायक रिनीवेबल, सेल्फ सस्टेंड एनर्जी न जनरेट करने लगे और फिर से जीवित होकर डब्बे से बाहर न आ जाए सहायता करने को!

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