इस पोस्ट के लिए निविदाएँ आमंत्रित हैं...

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

image

यदि यह सरकारी पोस्ट होती, और इसके लिए टेंडर से पढ़ने का हिसाब होता, तो यकीनन यह लाख रुपए से कम का पोस्ट नहीं होता. वह भी मान्य कानूनी, विधिक और कार्यालयीन प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत, ताकि ऑडिट में किसी तरह के पेंच और फंसने फंसाने की कोई गुंजाइश न रहे.

निविदा तंत्र (टेंडर सिस्टम) ने देश का इतना नुकसान किया है ( और, उतना ही भला भ्रष्ट - अफसरों, व्यापारियों, नेताओं का) जितना किसी और ने नहीं.

--

व्यंज़ल

--

कहाँ कहाँ तो नहीं हैं निविदाएँ

रिश्तों में भी घुसी हैं निविदाएँ

 

मुहब्बत में होना  था असफल

नकार दी तमाम हैं निविदाएँ

 

शीर्ष पर बैठे लोगों ने बताया

सीढ़ियाँ ही होती हैं निविदाएँ

 

सीखना होगा सबको यह खेल

जीवन में जरूरी हैं निविदाएँ

 

बेचने चला है देश अपना रवि

हम भी निकालते हैं निविदाएँ

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

_____________________________________

1 टिप्पणी "इस पोस्ट के लिए निविदाएँ आमंत्रित हैं..."

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.