एक शाम कन्याकुमारी के नाम

कन्याकुमारी में विराट, अनंत समुद्र में से सूर्योदय और सूर्यास्त को देखने का अपना अलग अनुभव है. इन चित्रों से उस माहौल की कल्पना आप भी कर सकते हैं -

कन्याकुमारी कन्याकुमारि kanyakumari

 

 

Photo304 (Custom)

 

Photo306 (Custom)

 

 

Photo307 (Custom)

 

 

Photo308 (Custom)

 

Photo310 (Custom)

Photo311 (Custom)

 

 

Photo321 (Custom)

11 टिप्पणियां

  1. अद्भुत और रहस्यपूर्ण

    जवाब देंहटाएं
  2. और एक लंगोट भी :)

    जवाब देंहटाएं
  3. अपलक निहारे जानेवाले ये द़ष्‍य दो बार देखने का अवसर मिला है। अद्भुत होता है यह दृष्‍य। अवर्णनीय।

    जवाब देंहटाएं
  4. यह किस कवि की कल्पना का चमत्कार है?

    जवाब देंहटाएं
  5. ब्लॉग बुलेटिंग में एक बार फिर से हाज़िर हुआ हूँ, एक नए बुलेटिन "जिंदगी की जद्दोजहद और ब्लॉग बुलेटिन" लेकर, जिसमें आपकी पोस्ट की भी चर्चा है.

    जवाब देंहटाएं
  6. सूर्यास्त के शानदार नज़ारे .

    सूर्योदय के समय तीनों सागर अलग अलग नज़र आते हैं , टिप ऑफ़ इंडिया पर खड़ा होकर देखने से .

    जवाब देंहटाएं
  7. प्रकृति का निःशब्‍द पाठ.

    जवाब देंहटाएं
  8. हम भी आज कन्याकुमारी में ही है ।

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.