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विंडोज 10 में रेमिंगटन हिंदी कुंजीपट में काम कैसे करें how to work in remington hindi keyboard in windows 10

आज मित्र कमल शर्मा जी का ईमेल मिला जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बयान की है :

हिंदी इंडिक इनपुट जो bhashaindia.com पर है वे केवल विंडो 8 तक के हैं। विंडो 10 के लैपटाप में कैसे हिंदी  में वर्क करे। जबकि,हिंदी इंडिक इनपुट में मुझे cbi and gail key board hi aata hai. dusre main dikkat ho rahi hai. आप कोई रास्‍ता बताएं।

कुछ दिनों पहले, सुप्रसिद्ध पत्रकार मनीषा पांडेय ने अपने फ़ेसबुस पर अपनी पीड़ा बयान करते हुए यह स्टेटस डाला:

 

“कोई आईटी, कंप्यूटर वाला मदद करेगा प्लीज. नए लैपटॉप में यूनीकोड में रेमिंग्टन कीबोर्ड नहीं आ रहा है और इस उमर में मैं नया की-बोर्ड नहीं सीख सकती.
बिना उसके हिंदी लिख भी नहीं सकती. मतलब हिंदी लिखना बंद.
विंडोज 10 है. विंडोज 10 में रेमिंग्टन की बोर्ड कैसे आएगा. कोई मदद करो प्लीज.

Bina Hindi ke ye laptop lohe ke kabad se jyada kuch nahi.
Kya kkarun mai isaka?

 

तो यह है असली डिजिटल इंडिया की हकीकत.

तो, सबसे पहले, समस्या का समाधान :

इस लिंक से हिंदी टूलकिट 2 को डाउनलोड कर इंस्टाल करें -
https://www.mediafire.com/folder/vkp1ff4ip1f33z8,ht7calttrxq89dc,vqt60uxziyy9vag,9vaw77mejdtvqrr/shared

अब विंडोज 10 भाषा कीबोर्ड सेटिंग में जाकर हिंदी आईएमई कीबोर्ड एनेबल करें. फिर ट्रे आइकन में क्लिक कर हिंदी आईएमई चुनें और वहाँ कीबोर्ड आइकन को क्लिक कर गेल/रेमिंगटन कीबोर्ड चुनें. चूंकि यह एक जुगाड़ है, अतः इसमें एक बग (खामी) है. आपको हर बार हिंदी में काम करते समय ट्रे आइकन में कीबोर्ड आइकन को क्लिक कर फिर रेमिंगटन कीबोर्ड चुनना होगा.

 

अब दूसरी बात.

मैं कोई पिछले पच्चीस वर्षों से भाषाई कंप्यूटिंग का हिस्सा रहा हूँ, और दुःख के साथ कह रहा हूँ कि मनीषा पांडेय और कमल शर्मा की पीड़ा में मेरी भी पीड़ा दर्ज है. मैंने अपने विद्यार्थी जीवन में रेमिंगटन में हिंदी में काम करना सीखा. शुरूआती कंप्यूटिंग के दिनों में रेमिंगटन फ़ॉन्ट और कीबोर्ड ही हिंदी में होते थे. इस बीच सीडैक के कुछ विजनरी लोगों ने (या फिर प्रोप्राइटरी कीबोर्ड कंपनियों के इंटरेस्ट व उत्पादों को बरकरार रखने?) इनस्क्रिप्ट कुंजीपट लाद दिया, और यूनिकोड में टाइपिंग के लिए तब इनस्क्रिप्ट के अलावा कोई दूसरा कीबोर्ड था ही नहीं. तब मैंने झख मार कर रेमिंटन को भुला कर इनस्क्रिप्ट सीखा था L लोगों ने तमाम जुगाड़ लगाए रेमिंगटन कुंजीपट से टाइप करने के लिए. अभी भी रेमिंगटन कुंजीपट बेहद प्रचलित कुंजीपट है हिंदी में क्योंकि तमाम डीटीपी कार्य आदि अभी भी इसी कुंजीपट में ही किए जाते हैं.

हाल ही में जब मैंने भी विंडोज 10 का लैपटैब खरीदा तो आधा किलो वज़नी लैपटॉप-सह-टैबलेट को लेकर प्रसन्न था कि राह चलते कंप्यूटिंग कार्यों में यह साथी रहेगा और काम आसान हो सकेंगे. परंतु यह क्या? इसमें हिंदी कुंजीपट केवल इनस्क्रिप्ट है, और आधिकारिक माइक्रोसॉफ़्ट की भारतीय भाषाई साइट भाषा इंडिया से जो विविध किस्म के कुंजीपट जैसे कि रेमिंगटन, फ़ोनेटिक आदि को शामिल करने के आईएमई टूल इसमें इंस्टाल तो हो जाते हैं परंतु ये सेटिंग में इनेबल ही नहीं हो पाते. तो जो लोग अरसे से रेमिंगटन आदि कुंजी पट इस्तेमाल करते हैं उनके लिए यह उपकरण तो बेकार सा ही है, और इसे चलाने के लिए तमाम जुगाड़ लगाने पड़ते हैं. मैं तो खैर इनस्क्रिप्ट कुंजीपट इस्तेमाल करता हूँ, मगर मेरी पत्नी रेमिंगटन कीबोर्ड में पारंगत है, ऐसी स्थिति में यह लैपटैब उनके लिए – मनीषा पांडेय की तरह – कबाड़ ही बना रहा था. बड़ी मेहनत और जुगाड़ और बहुत कुछ अपने सुदीर्घ अनुभव से मैंने इसमें रेमिंगटन कीबोर्ड का जुगाड़ डाला तो वह भी आधा अधूरा काम करता है. हर बार सेटिंग में जाकर उसे सलेक्ट करना पड़ता है – डिफ़ॉल्ट सेटिंग इनस्क्रिप्ट ही पकड़ लेता है. जैसा कि आपने ऊपर देखा, मेरे पास लोगों के ईमेल व संदेश आते ही रहते हैं जिनमें इस तरह की समस्याओं से जूझते लोग अपनी पीड़ाएँ बयान करते हैं और हल पूछते हैं.

आप में से बहुत से भी इन समस्याओं से जूझ रहे होंगे. सोशल मीडिया में कहीं भी हिंदी पृष्ठों पर चले जाएं – आधे से अधिक जनता अभी भी इस तरह की अपठनीय, झेलाऊ और उबाऊ रोमन हिंदी – mai kya kar raha hoon का प्रयोग कर हिंदी में अपनी बात रखने को अभिशप्त है और इधर धड़ल्ले से कंपनिया नए नए उत्पाद और नए नए संस्करण बना रही हैं परंतु मूल समस्या के हल की ओर उनका ध्यान ही नहीं है. फ़ेसबुक ने हाल ही में हिंदी के लिए नया कीबोर्ड जारी किया – फ़ेसबुक पन्नों पर हिंदी में लिखने के लिए. परंतु वहाँ भी फ़ोनेटिक जमा हुआ है और रेमिंगटन नदारद है!

ऐसा नहीं है कि इन समस्याओं से स्थानीय माइक्रोसॉफ़्ट के मार्केटिंग प्रबंधक अंजान हैं. दरअसल वे इन समस्याओं की ओर आँखें मूंदे हुए हैं. भोपाल में पिछले विश्व हिंदी सम्मेलन के समय माइक्रोसॉफ़्ट इंडिया के मार्केटिंग प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से इन बातों की ओर खासतौर पर ध्यान दिलाया गया था. और उन्होंने आश्वासन भी दिया था कि जल्द ही वे इस समस्या को समाप्त करने का प्रयास करेंगे – परंतु साल बीतने को आ रहा है और समस्या न केवल जस की तस है – बल्कि विंडोज के नए संस्करण 10 में यह और गंभीर होकर उभरी है. लिनक्स एप्पल आदि में भी ऐसा ही है – आपको जुगाड़ लगाना ही होगा. कितने दुःख की बात है कि बेहद लोकप्रिय रेमिंगटन कुंजीपट में कंप्यूटिंग उपकरणों में टाइप करने के लिए तमाम जुगाड़ लगाते लोग आज भी मिल जाते हैं. कोढ़ में खाज ये है कि अभी भी वस्तुस्थिति ये है कि अति प्रचलित मोबाइल उपकरणों चाहे वो एंड्रायड हो, विंडोज हो या एप्पल हो – में एक्सटर्नल कीबोर्ड से रेमिंगटन टाइप करने की सुविधा किसी में नहीं है. न कोई ऐप्प है और न ही कोई जुगाड़. ले देकर इनस्क्रिप्ट और गूगल इनपुट टूल जैसे विकल्पों से फ़ोनेटिक टाइपिंग कर जनता काम चलाती है. हिन्दी समेत भारतीय भाषाई भौतिक कीबोर्ड की बात करना तो खैर वैसे भी बेमानी है – सवा अरब जनता के लिए ऐसे हार्डवेयर कीबोर्ड के बारे में कोई सोचता क्यों नहीं!

इस बीच खबर आई थी कि भाषाई कंप्यूटिंग के खासे जानकार और डेवलपर बालेंदु दाधीच ने माइक्रोसॉफ़्ट को अपनी सेवाएँ देनी शुरू की हैं. परंतु उनके पदभार ग्रहण करने के अच्छा खासा समय बीत जाने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों है. दरअसल रेमिंगटन कुंजीपट अलग से इंस्टाल किया जाता है, यह इनस्क्रिप्ट की तरह ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ इंटीग्रेट होकर नहीं आता. जब जुगाड़ से इसे इंस्टाल करते हैं तो तमाम और दीगर किस्म की समस्याएँ इसमें आती हैं. कभी संयुक्ताक्षरों में हलन्त दिखने लगते हैं तो मात्राएँ टूटने फूटने लगती है, कहीं टाइप होता है तो कहीं नहीं. और तो और यूनिकोड में रेमिंगटन कीबोर्ड से टाइप किया दस्तावेज भी कभी कभी दूसरे कंप्यूटर पर फ़ॉर्मेटिंग बिगड़े रूप में नजर आता है.

इधर सरकार भी डिजिटल इंडिया डिजिटल इंडिया चिल्लाए जा रही है. भारत के हर आदमी के हाथ में एक अदद कंप्यूटिंग डिवाइस होगा, सस्ता, बढ़िया इंटरनेट होगा, और वो या तो अंग्रेज़ी में या फिर रोमन हिंदी में टाइप करने को अभिशप्त होगा. लोकप्रिय रेमिंगटन कुंजीपट तो है ही नहीं. कमोबेश यही स्थिति अन्य दीगर भारतीय भाषाओं में भी है. क्या इससे भारतीय भाषाई कंप्यूटिंग का भला होगा?

जबकि किया ये जाना चाहिए कि इनस्क्रिप्ट की तरह रेमिंगटन जैसे प्रचलित कुंजीपटों को भी ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ इंटीग्रेट कर जारी किया जाना चाहिए और भाषाई उपयोगकर्ता के सामने हिंदी कुंजीपट का विकल्प चुनते समय ये विकल्प आने चाहिए कि वो इनस्क्रिप्ट चुने या रेमिंगटन या फिर फ़ोनेटिक. कंप्यूटिंग और प्रोग्रामिंग के स्तर पर यह बेहद आसान सा काम है, परंतु इसे लागू करने में किसी को कोई रूचि क्यों नहीं है यह आश्चर्य का विषय है.

कोई सुनेगा? शायद नहीं. तब तक जुगाड़ से टाइप कर लें, रोमन में चलने दें, या फिर इनस्क्रिप्ट सीख लें – पर, जैसे कि मनीषा ने कहा – अब इस उम्र में तो नया कीबोर्ड नहीं सीख सकती! और वे अपने फ़ेसबुक स्टेटस अंग्रेजी में करने लगी हैं. डिजिटल इंडिया जिंदाबाद!

एक टिप्पणी भेजें

शर्मनाक स्थिति.

प्रभू,
विंडोज़ 10 में बकिया तो सब सामान्य है न..मैं अपग्रेड करने की सोच रहा हूँ? कृपया महामार्गदर्शन देने का कष्ट करें।

मुझे इनस्क्रिप्ट पर टाइप करना नहीं आता लेकिन जब सब मंचो पर उसे ही रहना है तो उसे अपना लेना चाहिए. आप भी उसकी अनुसंशा करते ही रहे है.
कमलजी को मैंने गूगल इनपुट टूल का सुझाव दिया था. जब विंडोज अपडेट हुआ, इंडिक बंद हो गया. इनस्क्रिप्ट की आदत नहीं अतः गुगल की शरण में गया.

सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार यशवंत कोठारी की ईमेल से प्राप्त टिप्पणी -

me bhi samsya ka mara hu
yk

बाकी तो सब सामान्य है. विंडोज 95 के जमाने की कुछ चीजें जो विंडोज 8 में नहीं चलती थीं, वे भी विंडोज 10 में चल जाती हैं.
परंतु फिर भी, सबके अनुभव अलग-2 हो सकते हैं.

हिंदी टाइपिंग की यूनिकोड तथा भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक विभाग द्वारा मान्य इनस्क्रिप्ट जिसे विंडोज में हिंदी ट्रैडीशनल कहा गया है का प्रयोग चिह्नों सहित हिंदी टाइप के सर्वदा अनुकूल है। समस्या है कि आरंभ में कृतिदेव से हिंदी टाइप का अभ्यास तथा गूगल एमएस या इसी तरह के अंग्रेजी कीबोर्ड से हिंदी देवनागरी के प्रयोग इस लिए आरंभ होते हैं क्योंकि भारत सरकार ने हिंदी यूनिकोड कीबोर्ड को अंग्रेजी के साथ द्विभाषी बनाने के लिए बल नहीं दिया है। आज लीटर किलो किमी का प्रयोग अनिवार्य है तो संविधान व व्यवस्था हिंदी के लिए कमजोर क्रियान्वयन स्तर पर है। यदि कीबोर्ड पर हिंदी उत्कीर्ण मुद्रित हो तो सरलता से हिंदी आरंभ से ही सीखी जा सकती है। इस संबंध में प्रयास को विराट करने की आवश्यकता है। फिर भी बूढ़े तोतों को तो पोषण चाहिए इस लिए रेमिंग्टन कृतिदेव आधारित लेआउट को भी बनाए रखने में हर्ज नहीं है। आपके प्रयास सदा ही हिंदी के लिए हितकारी रहे हैं इसलिए आपको साधुवाद।

ईमेल से प्राप्त कमल जी की टिप्पणी -
रवि जी

नमस्‍कार। आपने विंडो 10 में हिंदी के लिए जो जुगाड़ भेजा वह तो राकेट साबित हुआ। मेरा लैपटाप अब मस्‍त चल रहा है और हिंदी में काम करने में कोई परेशानी नहीं है। आपका दिल से धन्‍यवाद और आभार। यह लेख हजारों लोगों के लिए लाभकारी होगा।

दिल से एक बार फिर और धन्‍यवाद, आभार
आपका
कमल

रेमिंगटन कीबोर्ड को छोड़ना ज़रूरी है. इन्स्क्रिप्ट सर्वोत्तम है. इसे सीखना भी कठिन नहीं. मुझे टाइपिंग नहीं आती लेकिन लेआउट की जानकारी होने से इन्स्क्रिप्ट पर काम करने में मुझे कभी कोई दिक्कत नहीं आती. अच्छी चीज कोई भी किसी भी उम्र में सीख सकता है. कीबोर्ड को लेकर ये बहानेबाजी मैं 15 साल से सुन रहा हूं.

हिंदी टूलकि‍ट, विंडोज़ 10 में भी चल रही है. मैं भी प्रयोग कर रहा हूं. हिंदी टूलकि‍ट मेरी मज़बूरी है क्‍योंकि‍ मैं रेमिंगटन कीबोर्ड प्रयोग करता हूं और यह इसी में उपलब्‍ध है. यह संजीव तिवारीजी के ब्‍लॉग से डाउनलोड की जा सकती है http://aarambha.blogspot.in/2009/09/blog-post_17.html

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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