राजेश रंजन का आलेख - अपना कंप्यूटर अपनी भाषा में - भाग 5 : ऑपरेटिंग सिस्टम और डेस्कटॉप वातावरण

(पिछले भाग 4 से जारी...)

6. फ़ेडोरा

सामान्य रूप से हर ओपन सोर्स प्रोजेक्ट में काम करने का बुनियादी तरीका सामान्य रहता है। मेलिंग लिस्ट, चैट आदि के जरिए जानकारी ली जाती है और जहाँ इच्छा हो वहाँ आप अपना योगदान कर सकते हैं। फ़ेडोरा एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। इस पर काम करके आप अपनी भाषा में एक संपूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम पाते हैं. फ़ेडोरा का स्थानीयकरण भी ओपनसोर्स के दूसरे प्रोजेक्ट के समान शुरू करना होता है. सबसे पहले यह जानकारी ले लीजिए कि कौन सी भाषाओं पर काम हो रहा है. इसके लिए https://fedora.transifex.com/projects/p/fedora/ पर देखें. यदि आप जिस भाषा में काम करने को रूचि रखते हैं और उस पर पहले से ही काम हो रहा है तो फिर आप टीम कोऑर्डिनेटर से https://fedoraproject.org/wiki/L10N_Teams पर संपर्क कीजिए और उन्हें अपनी रूचि को बताकर निर्देश अनुसार काम शुरू कीजिए।.

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यदि यदि आपकी भाषा इस सूची में नहीं है तो फिर http://fedoraproject.org/wiki/L10N/Maintainer पृष्ठ आपके काम की है. इस पृष्ठ पर बताए निर्देश के मुताबिक़ आप अपनी नई भाषा में काम शुरू कर सकते हैं.

http://fedoraproject.org/wiki/L10N/Join पृष्ठ पर बताए सभी निर्देशों को पढ़कर पूरा करें. स्थानीयकरण के काम को करने के लिए थोड़ी लंबी प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है. सबसे पहला है - डाक सूची फ़ेडोरा ट्रांस लिस्ट में शामिल होना: https://admin.fedoraproject.org/mailman/listinfo/trans

इस सूची में शामिल होने के बाद आपको फ़ेडोरा में अपना खाता के लिए आवेदन करना होता है. फेडोरा का अनुवाद मुख्यतः अभी ट्रांसिफिक्स पर होता है तो कुछेक प्रोजेक्ट का जनाटा पर भी। ये दोनों ऑनलाइन अनुवाद औज़ार है.

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http://fedoraproject.org/wiki/L10N/Join पृष्ठ पर बताए सभी निर्देशों को पढ़कर पूरा करें. स्थानीयकरण के काम को करने के लिए थोड़ी लंबी प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है. सबसे पहला है - डाक सूची फ़ेडोरा ट्रांस लिस्ट में शामिल होना: https://www.redhat.com/mailman/listinfo/fedora-trans-list

इस सूची में शामिल होने के बाद आपको फ़ेडोरा में अपना खाता के लिए आवेदन करना होता है. कमांड लाइन में किसी लिनक्स मशीन पर ssh-keygen -t dsa कमांड चलाकर आप SSH कुंजी बना सकते हैं. इसके विस्तार के लिए SSH/SVN से संबंधित अध्याय की मदद ले सकते हैं. फिर आपको GPG कुंजी बनानी होगी. कमांड लाइन पर gpg --gen-key कमांड से आप GPG कुंजी हासिल कर सकते हैं.

ज़ाहिर है कि फ़ेडोरा पर काम करने के लिए भाषा संयोजक को फ़ेडोरा से जुड़े औज़ारों व संसाधनों की बेहतर जानकारी रहनी चाहिए. अनुवाद की उक्त सूची पर घोषणा करें कि आप अमुक भाषा में काम करने को इच्छुक हैं. और काम आरंभ कर दें। अनुवाद आरंभ करने के लिए abrt, anaconda, chkconfig, desktop-backgrounds , redhat-menus , shotwell, system-config-keyboard, system-config-services, system-config-users जैसे कुछ महत्वपूर्ण पैकेज हैं। इनका अनुवाद पहले कर लिया जाए तो अच्छा रहता है.

Fedora-trans-list पर घोषणा करें कि आप अमुक भाषा में काम करने को इच्छुक हैं.

IRC:

#fedora-l10n Freenode पर

मेलिंग सूची

fedora-trans-list@redhat.com

जरूरी कड़ियाँ:

http://fedoraproject.org/wiki/L10N/Maintainer

http://fedoraproject.org/wiki/L10N/Join

http://fedoraproject.org/wiki/L10N

http://translate.fedoraproject.org

http://fedoraproject.org/wiki/L10N/Tools/Website

7. डेस्कटॉप वातावरण

चुनाव के विकल्पों का किसी समाज में होना उसकी जनतांत्रिक सफलता का सूचक है. मुक्त स्रोत की दुनिया विभिन्न प्रकार की फ़रमाइशों को उपलब्ध कराने की दुनिया है और डेस्कटॉप वातावरण भी इससे अछूता नहीं है. यहाँ व्यापक स्तर पर लोकप्रिय दो डेस्कटॉप वातावरण हैं - गनोम व केडीई. इसलिए गनोम व केडीई दोनों के बारे में पर्याप्त जानकारी के साथ-साथ दोनों डेस्कटॉप वातावरण को अपनी भाषा में लाने की विधि का ज्ञान बहुत ज़रूरी है.

गनोम डेस्कटॉप

गनोम एक फ़्री सॉफ़्टवेयर है और जीएनयू प्रोजेक्ट का वास्तव में एक हिस्सा है. जीएनयू लिनक्स के एक सबसे परिपक्व डेस्कटॉप वातावरण के रूप में गिना जाता है. गनोम जीएनयू नेटवर्क ऑब्जेक्ट मॉडल इनवायरांमेंट का संक्षिप्ताक्षर है.

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गनोम डेस्कटॉप वातावरण में डेवलेपर लाइब्रेरी व कुछ जरूरी अनुप्रयोग शामिल हैं. हालांकि

गनोम एक भारी भरकम डेस्कटॉप वातावरण है जिसमें कई अनुप्रयोग समाहित हैं परंतु कुछ बहुत महत्वपूर्ण हैं जिसको स्थानीयकृत करते वक्त बहुत ध्यान देना चाहिए. जरूरी अनुप्रयोगों में हैं - gdm (लॉगिन विंडो), gedit (पाठ संपादक), gnome-terminal (टर्मिनल एमुलेटर विंडो), evolution (मेल क्लाइंट), epiphany (ब्रॉउज़र), metacity (विंडो मैनेजर), nautilus (फ़ाइल एक्सप्लोरर) और gnome-menu (डेस्कटॉप मेन्यू) आदि. इसके अलावे कई ऑडियो व वीडियो फ़ाइल देखने वाले अनुप्रयोग, सीडी/डीवीडी राइट करने के लिए

अनुप्रयोग तथा प्रिंटिंग औज़ार के साथ कई एप्लेट शामिल हैं.

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ज़ाहिर है कि आरंभ में किसी भी भाषा के लिए कुछ खास अनुप्रयोग हैं जिन्हें अगर पहले कर लिया जाए तो अपनी भाषा में आप काम-चलाऊ स्तर पा सकते हैं. ये हैं - gdm, gnome-menu, gedit, gnome-terminal, evolution, gpdf, gnome-panel, और nautilus. लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि अनुवाद के लिए डेवलेपर लाइब्रेरी को पूरा किया जाना सबसे पहले जरूरी है क्योंकि इससे कई स्ट्रिंग भिन्न-भिन्न जगह पर लिए जाते हैं.

अगर आप ओपनऑफ़िस राइटर जैसे वर्ड प्रोसेसर को अभी शुरू नहीं करना चाहते हैं तो Abiword कर लें और ब्रॉउज़र के लिए epiphany का प्रयोग करें. एवोल्यूशन एक बढ़िया मेल क्लाइंट है पर आप इसके बजाए थंडरबर्ड को भी चुन सकते हैं. इसी तरह एपीफेनी के बजाय फ़ायरफ़ॉक्स या किसी अन्य ब्रॉउज़र को चुनना बेहतर निर्णय माना जायेगा. वर्ड प्रोसेसर एबीवर्ड के बजाय एक समग्र ऑफ़िस सूट ओपनऑफ़िस.ऑर्ग को अपनी भाषा में लाने का निर्णय ज़्यादेतर भाषा-भाषी लेते हैं.

गनोम डेस्कटॉप वातावरण के स्थानीयकरण का काम कई चरणों में होता है. हम अगर अपनी भाषा में गनोम का स्थानीयकरण करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको सुनिश्चित करना होगा कि आपकी भाषा में कहीं काम पहले तो शुरू नहीं हो चुका है यानी कोई टीम पहले से तो आपकी भाषा के लिए काम शुरू तो नहीं कर चुकी है. गौरतलब है कि गनोम डेस्कटॉप का काम करीब एक सौ पैंतीस भाषाओं में किया जा रहा है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी भाषाओं की टीम काफ़ी बढ़िया काम कर रही है. कई भाषाओं में काम हालांकि काफ़ी जोर शोर से शुरू होता है परंतु वह कई कारणों से बाद में रूक जाता है. फिर भी पहले देखना जरूरी है कि कौन कौन सी टीमें काम कर रही हैं. आप ऐसे काम कर रही टीमों को यहाँ देख सकते हैं: http://l10n.gnome.org/languages/

अगर आपकी भाषा के लिए पहले से टीम काम कर रही है तो फिर इससे ज़्यादा खुशी की बात क्या हो सकती है. बस टीम कोऑर्डिनेटर को संपर्क कीजिए और अगर उन्हें आपकी मदद की ज़रूरत है तो जरूर कीजिए. हाँ, अगर आपकी भाषा के लिए कोई लोकलाइज़ेशन टीम नहीं है तो आपको आगे आना होगा. गनोम के अनुवाद से जुड़ने के लिए आपको सारी सूचना इस पन्ने पर मिल जायेगी - http://live.gnome.org/TranslationProject/JoiningTranslation

आपको gnome-i18n@gnome.org पर एक मेल भेजना होगा और मेल भेजने के पहले mail.gnome.org पर इसकी सदस्यता लेनी होगी. आपको मेल में यह बताना होगा कि आप किस भाषा में काम करना शुरू करना चाहते हैं. भाषा के बारे में संक्षेप में बता दें या विकि पर कोई लिंक हो तो जोड़ दें मेल के साथ. आप या आपकी टीम का कोई सदस्य कोऑर्डिनेटर हो सकता है. गनोम ट्रांसलेशन टीम से आपको स्वीकृति मिलने के बाद भाषा से जुड़े पन्नों पर आपकी भाषा का नाम भी जुड़ जायेगा. तो इस प्रकार आप एक चरण पूरा करते हैं, जिसमें आप अपनी भाषा को गनोम में शामिल किए जाने के लिए पंजीकृत करवाते हैं. ज़ाहिर है अपनी भाषा को वहाँ देखकर आपको बेहद खुशी होगी.

गनोम का अपना स्वयं का git रिपॉजिटरी वर्सन कंट्रोल के लिए है. ज्ञातव्य है कि अनुवाद के लिए फ़ाइलें तो ऑनलाइन पड़ी रहती हैं और इसे कोई भी वहाँ से डाउनलोड कर सकता है परंतु उसे वापस रिपॉजिटरी में कुछ खास अधिकार से लैस व्यक्ति डाल सकते हैं. वह प्रायः भाषा संयोजक होता है या संयोजक द्वारा स्वीकृत कोई अन्य जिसे कि उस रिपॉजिटरी में फ़ाइलें रखने का अधिकार यानी पहँच अनुमति रहती है. किसी भी योगदान करने वाले व्यक्ति को फ़ाइलें अनूदित कर उसे सौंपनी होती है, जिसके पास जीआईटी एक्सेस होता है जो फ़ाइलें मिलने पर उसे रिपॉजिटरी में कमिट करता है. ज़ाहिर है सुरक्षा जैसे कई कारणों से ऐसा एक्सेस बहुत कम लोगों को ही प्राप्त होता है.

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गनोम पर फ़ाइलें PO प्रारूप में रहती हैं जिसे किसी भाषा से जुड़े लोगों को अनुवाद कर वापस रिपॉजिटरी में सौंपना होता है. पीओ पोर्टेबल ऑब्जेक्ट का संक्षिप्ताक्षर है. फ़ाइलें लेने का सबसे आसान व सुगम तरीक़ा गनोम वेबसाइट से फ़ाइलें ले लेना है. पीओ फ़ाइलें मौजूदा चल रहे गनोम संस्करणों के लिए तो रहती ही है, कई पिछले संस्करणों के लिए भी मौजूद रहती है. एक जरूरी बात और, यदि आपकी भाषा में काम पहले से शुरू नहीं हो पाया है या कोई खास फ़ाइल पर अब तक काम नहीं हुआ है तो आपको POT फ़ाइल डाउनलोड करनी होगी जिसे पोर्टेबल ऑब्जेक्ट टेंपलेट फ़ाइल कहते हैं. जहाँ डेस्कटॉप खंड में गनोम में मौजूद विभिन्न अनुप्रयोग हैं, वहीं डेवलेपर लिब्स से सामान्य व साझे बटन व संवाद बटन आते हैं. डेवलेपर लिब्स का किया जाना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसमें मौजूद स्ट्रिंग का प्रयोग कई जगहों पर किया जाता है और कई अनुप्रयोग यहाँ से ही सीधे जरूरी मदों को ले लेते हैं. तो फिर अब देर करने की ज़रूरत नहीं है. पहले बताए गए केबैवल या पीओएडिट जैसे औज़ारों की मदद से अनुवाद का काम शुरू कर दीजिए. अनुवाद करने के बाद यदि अनुवाद को रिपॉजिटरी में वापस सौंपने के पहले अनुप्रयोग पर जाँच लिया जाए तो इसे एक अच्छी आदत मानी जायेगी. हालांकि बहुतेरे अनुवादक ऐसा करने के लिए जो मेहनत करनी पड़ती है उससे बचते हैं. मशीन को आपके अनुवाद को उससे संबंधित अनुप्रयोग से जोड़ने के लिए MO फ़ाइल की ज़रूरत होती है जिसे *.po फ़ाइल पर msgfmt -cv कमांड चलाकर पाया जा सकता है. बस, यह messages.mo फ़ाइल दे देता है, जिसका नाम अनुप्रयोग फ़ाइल के मूल नाम से बदलना जरूरी होता है. इस *.mo फ़ाइल को /usr/share/locale/LL/LC_MESSAGES/ में रख दीजिए. इस सबको अंजाम देने के लिए आपके पास रूट अधिकार यानी वह अधिकार जिससे आप अपने तंत्र से जुड़ी प्रशासनिक कार्यों को अंजाम दे सकते हैं.

केडीई

केडीई (KDE) यानी के डेस्कटॉप इनवायरामेंट एक मुक्त स्रोत सॉफ़्टवेयर प्रोजेक्ट है जो एक बेहद सुगम डेस्कटॉप वातावरण उपलब्ध कराता है. केडीई से कई छोटे बड़े प्रोजेक्ट भी जुड़े हैं. इसकी शुरुआत 1996 में हुई थी और तबसे इसके कई रिलीज़ हो चुके हैं, यानी संस्करण निकल चुके हैं.

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हर ओपन सोर्स प्रोजेक्ट की तरह केडीई के स्थानीयकरण का काम भी डाक सूची में शामिल होने से शुरू होता है.

kde-i18n-doc (https://mail.kde.org/mailman/listinfo/kde-i18n-doc) और kde-announce (http://mail.kde.org/mailman/listinfo/kde-announce) दो महत्वपूर्ण डाक सूचियाँ हैं जिनसे हर व्यक्ति जो केडीई से जुड़ना चाहता है, को शामिल होना चाहिए. अगर आप किसी भाषा में स्थानीयकरण से जुड़ना चाहते हैं तो आपको पहले http://l10n.kde.org/teams-list.php पर उपलब्ध सूची को देख लेना चाहिए कि कहीं पहले से तो आपकी भाषा के लिए काम शुरू नहीं हो चुका है. यदि आपकी भाषा के लिए पहले से काम हो रहा है तो फिर कोऑर्डिनेटर को लिख भेजिए कि आप भी इस प्रोजेक्ट के लिए काम करना चाहते हैं. अगर कोई टीम काम नहीं कर रही है तो kde-i18n-doc लिस्ट पर लिख भेजिए कि आप अमुक भाषा के लिए काम करने को इच्छुक हैं, अपने और अपनी भाषा से जुड़ी विवरणों के साथ.

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अनुवाद के लिए यहाँ केडीई पर भी फ़ाइलें पीओ प्रारूप में मौजूद होती हैं और सीवीएस के माध्यम से फ़ाइलें सर्वर से ली और फिर वापस सौंपी जाती हैं. इसलिए एक कोऑर्डिनेटर को सीवीएस की जानकारी रहनी जरूरी है. साथ ही उसे तकनीक के स्थानीय भाषा के प्रयोग से भी परिचित रहना चाहिए क्योंकि तभी वह सही अनुवाद करने में सक्षम हो पायेगा. अनुवाद के केबैबल का प्रयोग सबसे बेहतर होगा, हालांकि इस संबंध में लोगों की अलग अलग राय हो सकती है. यदि आप विंडोज मशीन पर अनुवाद कर रहे हैं तो ज़ाहिर है आपको पीओएडिट औज़ार का प्रयोग करना होगा. सामान्यतः एक टीम के लिए एक ही खाते का प्रावधान है परंतु ज़रूरत पड़ने पर एक से ज़्यादा भी रखा जा सकता है.

सभी स्थानीयकरण के काम की तरह यहाँ भी सबसे पहले जीयूआई (ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस) के अनुवाद पर पहले ध्यान दें. हम यहाँ भी अपनी सलाह दुहराना चाहेंगे कि यदि लिनक्स प्लेटफ़ॉर्म पर काम कर रहे हैं तो जरूर केबैबल का प्रयोग करें. आपको kdelibs.pot फ़ाइल से अनुवाद के काम शुरू करने चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद स्ट्रिंग मेनू के रूप में पूरे केडीई में फैले व बिखरे पड़े हैं. इसके अनुवाद के बिना बहुतेरे जरूरी जगहों पर के स्ट्रिंग बिना अनूदित ही दिखेंगे. इसके बाद desktop_kdelibs.pot तथा desktop_kde-i18n.pot और फिर kdebase के अनुप्रयोगों के अनुवाद से आगे जा सकते हैं. रिलीज़ के लिए प्रायः 80 से 90 प्रतिशत तक अनूदित रहना जरूरी माना जाता है परंतु यह कोऑर्डिनेटर पर भी निर्भर करता है कि वह रिलीज़ किस स्थिति में चाहता है.

यदि अनुवाद का काम आपकी भाषा में पहले नहीं हुआ है तो आप POT फ़ाइल पहले लें और उसे किसी संपादक में खोलकर PO के रूप में सहेजें. फिर अनुवाद करें. यदि काम पहले से हो रहा है तो कोऑर्डिनेटर से पहले पूछ लें कि किस फ़ाइल पर काम उसे करना है. इससे काम के दुहराव से बचा जा सकता है. चूँकि जीयूआई में बहुत तेजी से बदलाव होता है इसलिए पीओ फ़ाइल को बार-बार अद्यतन करते रहना चाहिए. यदि अनुवाद से संबंधित कोई बग है तो उसे भी केडीई बग ट्रैकिंग सिस्टम में ही रिपोर्ट करनी चाहिए. बग रिपोर्ट को submit@bugs.kde.org पर भेजना चाहिए. बग रिपोर्ट किया जाना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उत्पाद लगातार सुधार की प्रक्रिया में बढ़ता है.

जरूरी कड़ी:

http://en.wikipedia.org/wiki/KDE

http://l10n.kde.org/docs/translation-howto/

http://techbase.kde.org/Schedules/Release_Schedules_Guide

https://mail.kde.org/mailman/listinfo/

http://l10n.kde.org/teams-list.php

 

(क्रमशः अगले अंकों में जारी...)

 

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राजेश रंजन

राजेश रंजन विगत कई वर्षों से हिन्दी कंप्यूटरीकरण
के कार्य से जुड़े हुए हैं. वे अभी एक बहुदेशीय
सॉफ्टवेयर कंपनी रेड हैट में बतौर लैंग्वेज मेंटेनर हिन्दी
के रूप में कार्यरत हैं. वे कंप्यूटर स्थानीयकरण की कई
परियोजनाओं जैसे फेडोरा, गनोम, केडीई, ओपनऑफिस,
मोज़िला आदि से जुड़े हैं. साथ ही कंप्यूटर अनुवाद में
मानकीकरण के लिए चलाए गए एक महत्वाकांक्षी सामुदायिक
परियोजना फ़्यूल के समन्वयक भी हैं. इसके अलावे उन्होंने
मैथिली कंप्यूटिंग के कार्यों को भी अपनी देख-रेख में
मैथिली समुदाय के साथ पूरा किया है. वे प्रतिष्ठित मीडिया
समूह इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के जनसत्ता और लिटरेट
वर्ल्ड के साथ काम कर चुके हैं.

हिन्दी पत्रकारिता में भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली
से स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाने के पहले इन्होंने नेतरहाट विद्यालय,
साइंस कॉलेज, पटना और किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली जैसे
जाने-माने संस्थानों में अध्ययन किया है. भाषाई तकनीक, इंटरनेट,
कंप्यूटर पर इनके लेखादि लगातार प्रकाशित होते रहते हैं.


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