शनिवार, 30 मार्च 2013

क्या आप संघर्ष के साथ अंग्रेज़ी बोलते हैं?

यदि नहीं तो संघर्ष के साथ हिंदी लिखते होंगे। :)

17 blogger-facebook:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (31-03-2013) के चर्चा मंच 1200 पर भी होगी. सूचनार्थ

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  2. पहले इन्हें हिंदी सिखने की जरुरत हैं

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  3. संघर्ष ने ही सिखाया। नहीं सीखते यदि बिना इसके कार्य चल जाता..

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  4. संघर्ष कर कर ही आज यहाँ पहुँच गए हैं | हा हा हा आभार |

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  5. जब तक प्रयत्न न होगा सीखना संभव नहीं चाहे हिन्दी हो या अंग्रेजी |
    आशा

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  6. संघर्ष को छोड़ें,विश्वास के साथ हिन्दी लिखें।

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  7. ब्लाग पर हिंदी लेखन की शुरुआत की मददगारी जानकारी तो आपके ब्लाग से प्राप्त हुई थी अब संघर्ष के साथ अंग्रेजी न बोलना पडे ऐसी जानकारी भी कृपया बता दें.

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    1. अरे, सुशील जी, चित्र में बड़े बड़े काले अंकों में मोबाइल नंबर दिया तो है. फ़ौरन से पेश्तर उन्हें नंबर लगाएं और अपनी सीट बुक करें! :)

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  8. बेनामी4:56 pm

    हिंदी लिखना और अंग्रेजी बोलना दोनों ही मुश्किल है पर नामुमकिन नहीं

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  9. बेनामी4:58 pm

    हिंदी लिखनी तो संभव हो गयी है google hindi input android app की बदोलत

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  10. अंग्रेजन के साथ ही हिंदी की भी भई बिदाई
    भारतेंदु कब से कहें हिंदी दुर्दशा देखि न जाई...

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  11. बेनामी6:00 am

    लोग मातृभाषा ढंग से नहीं बोल पाते पागलों के इस देश में। इन मूर्खों को सबक सिखाना ज़रूरी है , अंग्रेजो के गुलाम । अंग्रेजी पर रोक लगाने का समय आ गया है , बहुत हो गया दिखावा और नौटंकी , देश हिंदी था और आगे भी हिंदी ही रहेगा

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