एक टिप्पणी भेजें

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (31-03-2013) के चर्चा मंच 1200 पर भी होगी. सूचनार्थ

पहले इन्हें हिंदी सिखने की जरुरत हैं

संघर्ष ने ही सिखाया। नहीं सीखते यदि बिना इसके कार्य चल जाता..

संघर्ष कर कर ही आज यहाँ पहुँच गए हैं | हा हा हा आभार |

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

जब तक प्रयत्न न होगा सीखना संभव नहीं चाहे हिन्दी हो या अंग्रेजी |
आशा

संघर्ष को छोड़ें,विश्वास के साथ हिन्दी लिखें।

ब्लाग पर हिंदी लेखन की शुरुआत की मददगारी जानकारी तो आपके ब्लाग से प्राप्त हुई थी अब संघर्ष के साथ अंग्रेजी न बोलना पडे ऐसी जानकारी भी कृपया बता दें.

अरे, सुशील जी, चित्र में बड़े बड़े काले अंकों में मोबाइल नंबर दिया तो है. फ़ौरन से पेश्तर उन्हें नंबर लगाएं और अपनी सीट बुक करें! :)

ji bhaiya ji

जी भैया जी

बेनामी

हिंदी लिखना और अंग्रेजी बोलना दोनों ही मुश्किल है पर नामुमकिन नहीं

बेनामी

हिंदी लिखनी तो संभव हो गयी है google hindi input android app की बदोलत

अंग्रेजन के साथ ही हिंदी की भी भई बिदाई
भारतेंदु कब से कहें हिंदी दुर्दशा देखि न जाई...

बेनामी

लोग मातृभाषा ढंग से नहीं बोल पाते पागलों के इस देश में। इन मूर्खों को सबक सिखाना ज़रूरी है , अंग्रेजो के गुलाम । अंग्रेजी पर रोक लगाने का समय आ गया है , बहुत हो गया दिखावा और नौटंकी , देश हिंदी था और आगे भी हिंदी ही रहेगा

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget