जीवन पूरा एक वृत्त है...

image

मैंने अपने कॅरियर की शुरूआत ‘पढ़ाने’ से की. कॉलेज से निकलते ही नौकरी की तलाश में खैरागढ़ तकनीकी विद्यालय में विद्यार्थियों को मैंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग अस्थाई अध्यापक के रूप में एक शैक्षणिक सत्र में पढ़ाया था. जल्द ही विद्युत मंडल में नियुक्ति का आदेश आ गया और फिर वहीं जमे रहे कोई बीसेक साल.

और, जब विद्युत मंडल में वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) का एक बढ़िया प्लान आया तो इसका लाभ लेने वालों में मैं सर्वप्रथम था. तब मैंने सोचा था कि मुफ़्त की पेंशन घिसेंगे और खटिया तोड़ेंगे.

 

मगर मैं गलत था.

 

खाली समय व्यक्ति को खाने लगता है. तो मैंने अपना समय स्वयंसेवी इंटरनेट कंटेंट, लोकलाइजेशन इत्यादि में लगा दिया और फिर एक दिन पता चला कि समय का तो अब अकाल सा होने लगा है (खास तौर पर पत्नी के संदर्भ में,).

 

इस बीच कई विकल्प और प्रस्ताव भी आते रहे – खास तौर पर एमएनसी कंपनियों में अनुवाद परियोजनाओं के सिलसिले में. मगर मैं रीलोकेशन नहीं चाहता था तो बात नहीं बनी.

मगर, एक कहावत है – एवरीथिंग इन लाइफ कम्स फुल सर्कल.

 

माखन लाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से एक प्रस्ताव आया – वेब पब्लिकेशन और न्यूमीडिया विषय पर अंशकालिक कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाने का.

शुरूआती हिचक के बाद मैंने हामी भर दी. विषय भी जाने पहचाने और स्वयं उपयोग किए हुए हैं – ईमेल, ब्लॉग, ट्विटर, फेसबुक, ग्रुप और फोरम इत्यादि इत्यादि.

कुछ शुरूआती कक्षाएं ले चुका हूं और उत्साहित, कौतूहल से भरे विद्यार्थियों को इंटरनेट की नई टेक्नोलॉज़ी के बारे में शिक्षित करने का अपना एक अलग अनुभव और आनंद है.

 

देखें, यह सिलसिला कब तक चलता है...

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

बढिया! यह भी अच्छा रहा!

जीवन शान्त कहाँ बैठने देता है..

वाह यह उत्तम काम है। लगे रहिये जमकर! अब चकाचाक मास्साब बन ही गये!

उन मामले के तो आप एक मुकम्मल अकादमिक हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विवि ने आपको चुनकर अच्छा काम किया।

अकादमिक? हाँ, अब कक्षाएं लेकर तो अकादमिक बन ही जाऊंगा...

हाँ, अब तक तो अच्छा है...

जीवन का दूसरा नाम है अशान्ति...

मास्साब... जी! और, वैसे ज्ञान बांटना तो सदा सर्वदा का सर्वोत्तम काम रहा है.

काश। मैं भी आपकी कक्षा का विद्यार्थी हो पाता।

पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन इधर भी तो डालिए :)

ईमेल से प्राप्त करमरकर जी की टिप्पणी -
बधाई रविजी .नये विषय पढ़ने के लिए भी. मैं भी आपके सामने सेवा से निवृत हुआ. निजी शाला मैं प्राचार्य बना .अब कबसे के भौतिकशास्त्र के विद्यार्थी को पढ़ता हूँ.व्रत्त की परिधि पर घूमते रहने मैं आनंद है ,मैं आपका पहला विद्यार्थी हूँ.कॅंप्यूटर मैं.

कभी ऑनलाइन क्लास लगाते हैं... :)
और हम आपके इन्वेस्टमेंट क्लास के विद्यार्थी तो हैं ही.

लाइव सेसन की स्ट्रीमिंग सहित?

ये बहुत अच्‍छा हुआ। हिंदीजगतकोआपजैसेहिंदीकंप्‍यूटिंगउस्‍तादकीआवश्‍यकताहै।

आपकी क्‍लास की हमें भी बहुत जरूरत है।

बधाई, आप भी हमारी बिरादरी में शामिल हो ही गये।

परमात्मा करे ये सिलसिला हमेशा चलता रहे और बदलता रहे.

आप स्वर्ग जाने की कभी मत सोचना. क्योंकि वहां कोई काम नहीं होता है.

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget