टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

एबरीविएटेड लाइफ़...

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कल मैं एमजी रोड से टीटी नगर को जा रहा था तो रास्ते में एमपी नगर पड़ता है. वहाँ जीटीबी कॉम्प्लैक्स में बीएल से मुलाकात हो गई. वो भी मेरी ही बैच, जेएनयू का 86 का पासआउट था बीई आईटी. वो बताने लगा कि आरएल अभी ही एनडी के आईजी एयरपोर्ट पर उतरा है और सीधे यहाँ की फ्लाइट पकड़ रहा है. “यह तो बड़ी खुशी की बात है अब हमें एएसएपी कोई प्लान करना चाहिए” – मैंने कहा.

“नहीं, उसकी कंपनी का कोई लफड़ा है – मनरेगा में घोटाले का. सिटी एसपी के दरबार में उसे हाजिरी देनी है, फिर वो जीटी रोड से तुरंत आगे सीजी के लिए आगे निकल लेगा.” - बीएल ने बताया.

“ओह!, पर जीटी रोड में तो टीसीपी वालों का काम चल रहा है और रोड जगह जगह ब्लॉक है. उसे एबी रोड पकड़ना चाहिए.” – मैंने सुझाया.

“देखते हैं, आने दो उसे. बता देंगे. आज तो एसएल और यूके का मैच आ रहा है एनडीटीवी टीवी पर. वीरू और एचबी पर ही दांव है इस बार. स्कोर क्या हुआ है पता है?” – बीएल ने कहा. फिर अचानक उसे कुछ याद आया और बोला – “यार तू अपने पीसी पर मेरा एक टिकट मुम्बई एलटीटी बुक कर देगा क्या? मेरे एरिये की एलटी लाइन पर एचटी लाइन स्नैप होने से मेरा एनबी खराब हो गया है और विंडो पर मारामारी रहती है और आजकल टीटीई के भाव भी आसमान पर रहते हैं.” 

“टिकिट तो बुक हो जाएगा, परंतु मेरा एचपी प्रिंटर सर्विसिंग में गया है. मैं टिकिट बुकिंग के समय तेरा सेल नं डाल दूंगा तो बुकिंग का एसएमएस संभाल रखना. आजकल उसे भी टिकिट मान लेते हैं.” - मैंने कहा.

“ऐसा क्या? आजकल ससुरी लाइफ़ साली एसएमएस टाइप सचमुच एबरीविएटेड हो गई है.” – उसने अपनी फिलासफी झाड़ी.

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[और, अगर लाइफ़ एबरीविएटेड न हो ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ती तो? ....

एमजी – महात्मा गांधी

टीटी – तात्या टोपे

एमपी – महाराणा प्रताप

जीटीबी – गुरु तेग बहादुर

बीएल – बाबूलाल

जेएनयू – जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी

बीई – बैचलर आफ इंजीनियरिंग

आईटी – इनफ़ॉर्मेशन टेक्नॉलाजी

आरएल – रामलाल

एनडी – न्यू डेल्ही

आईजी – इंदिरा गांधी

एएसएपी – एस सून एस पॉसिबल

मनरेगा – महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना

एसपी – सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस

जीटी – ग्रैंड ट्रंक

सीजी – छत्तीसगढ़

एबी – आगरा बाम्बे

एसएल – श्रीलंका

यूके – यूनाइटेड किंगडम

एनडीटीवी – न्यू डेल्ही टेलिविजन

वीरू - वीरेन्द्र सहवाग

एचबी - हरभजन सिंह

पीसी – पर्सनल कंप्यूटर

एलटीटी – लोकमान्य तिलक टर्मिनस

एलटी - लो टेंशन

एचटी - हाई टेंशन

एनबी - नोटबुक

टीटीई - ट्रेवलिंग टिकिट एक्जामिनर

एचपी – हैव्लेट पैकर्ड

सेल – सेल्युलर मोबाइल

एसएमएस – शार्ट मैसेजिंग सर्विस]

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एक टिप्पणी भेजें

मितव्ययता में निरत हैं जन सब।

मैं अभी एफबी पर अपना पीपी चेंज कर रहा था तभी आपका बीपी देखा तो सोचा अपना बीसी देता चलूँ...
(एफबी- फेसबुक, पीपी- प्रोफाइल पिक, बीपी- ब्लॉग पोस्ट, बीसी- ब्रीफ कमेन्ट) :)

इसे कहते हैं फुरसतिया चिन्‍तन। आनन्‍द ही आनन्‍द। जय हो उस्‍तादजी की।

vakt hi kahan bacha bade ke liye. lihaza sab chota ho gaya. fir chahe papa ka pop aur mummy ka mom hi kyun na ho.par jo bhi hai , hai mazedaar.

ha ha ha! bahut khoob. bade abbreviated tareeke se modern life ko abbreviate kiya hai.

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