व्यंग्यविविध | तकनीकीहिन्दीछींटें और बौछारें

***************************************************************

Google
 

Friday, April 24, 2009

प्रॉबेबिलिटी टू बिकम पी.एम…

pappu going to become PM

सुबह सुबह मेरी दाढ़ी बनाते समय मेरे मुहल्ले के नाई ने जब मुझसे कहा कि वो पीएम बनने के बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है तो अचानक मैं चौंक पड़ा और इस वजह से उसका उस्तुरा मेरे चेहरे पर एक कट मार गया.

खून की बहती बूंदों को फिटकरी रगड़ कर बंद करने की नाकाम कोशिश करते उसने कहा – अरे साहब, मैंने अपने पीएम बनने के सपने की जरा सी बात कह दी तो इतना बड़ा हादसा हो गया. अगर मैं सचमुच पीएम बन जाऊं तो?

मैंने उसे विश्वास दिलाया कि वो कतई कमजोर और बंधुआ मार्का नहीं रहेगा. उसके पास कम से कम उसका उस्तुरा तो रहेगा. मौके बे मौके लहराने के लिए ताकि कोई उसे कमजोर न कह सके और यदि उसे कमजोर कह भी दिया तो उसपर उस्तुरा चला कर दिखा देगा कि वो कमजोर कतई नहीं है. और, हाथ में उस्तुरा लेकर वो बंधुआ तो किसी सूरत में नहीं हो सकता – क्योंकि अपने उस्तुरे से वो हर बंधन काटने के लिए हर हमेशा तैयार रहेगा.

वह खुश हो गया और मेरे जख्म पर और भी जोर से फिटकरी रगड़ने लगा जो उस वक्त जाने क्यों नमक की माफिक प्रतीत हो रहा था.

रक्त स्राव रोकने के लिए अपने जख़्म को रूमाल से दबाए हुए वापस घर की ओर आ रहा था तो याद आया कि मुहल्ले के धोबी से प्रेस के लिए दिया हुआ पैंट-शर्ट उठाना है. पैंट प्रेस हो चुका था और मेरे शर्ट के कालर की सिलवटों को वो बेहद गर्म प्रेस से हटाने की कोशिश पानी के छींटे मार कर कर रहा था. शर्ट के प्रेस हो जाने के इंतजार में मैं खड़ा हो गया. मैं बातचीत के मूड में कतई नहीं था, मगर धोबी को मेरे चेहरे पर चिपके रूमाल से उत्सुकता हो रही थी. उसने पूछा कि माजरा क्या है. मैंने उसे टाला – कहा, कुछ नहीं.

प्रेस करते करते धोबी अचानक एक सांस में बोला – साहब मैं पीएम बनने की सोच रहा हूं. क्योंकि अखबारों में रपट आ रही है कि इस बार किसी पार्टी को बहुमत तो मिलेगा नहीं. जोड़-तोड़ खरीद फरोख़्त तो जम के होगी. अपने पास भी थोड़ा बहुत पुश्तैनी जमा पूंजी है. कुछ प्रयास करने में क्या जाता है?

मैंने उसे बताया कि वो वाकई बहुत उम्दा सोच रहा है और यदि उसने अपने पांसे सही चले तो उसे पीएम बनने से कोई नहीं रोक सकता. जब गूंगी गुड़िया और हम्बल फार्मर सीधे पीएम बन सकते हैं तो हार्डवर्कर धोबी क्यों नहीं? बातचीत में धोबी के हाथ मेरे शर्ट के कॉलर के ऊपर ही थम गए थे और उसमें धुआँ निकलने लगा था. धत् तेरे की. अब तो ब्लैक कॉलर के साथ अपने व्हॉइट कॉलर जॉब के लिए जाना होगा.

जरूरत से ज्यादा कड़क प्रेस कपड़ा हाथ में लेकर घर आ रहा था तो मेरे मन में भी कुछ अंकुर फूटे. दरवाजा खुलते ही पत्नी को मैंने ऐलानिया बताया – यार, डार्लिंग मैं सोच रहा हूं कि यदि मौका लगा तो मैं पीएम बन जाऊंगा.

वो उबल पड़ी. मरदुए कहीं के. जिंदगी में पहली बार मैंने ख्वाब देखा था पीएम बनने के. कितने ही दिनों से पीएम बनने के ख्वाब मैं देख रही थी. आज कल में अपने पत्ते खोलने वाली थी. और तुम सब किया कराया मटिया मेट करना चाहते हो. तुम्हारा षडयंत्र है एक स्त्री को घर में बाँध कर रखने का. मैं तुम्हारा यह प्रयास बिलकुल सफल नहीं होने दूंगी. भारत को वैसे भी अब एक स्त्री पीएम की बेहद जरूरत है.

गृह युद्ध को भरसक टालते हुए मैं भीतर घुसा. बेटा तयशुदा स्टाइल में अपने कम्प्यूटर पर गेम की मारा मारी में व्यस्त था. उसे कुछ आहट हुई तो कनखियों से देखा – गेम को पॉज किया और गेम के एक पात्र की तरह मुंह बनाकर बोला –

डैड, डू यू थिंक आई हैव एनी रिमोटेस्ट पॉसिबिलिटी टू बिकम पीएम? मैं क्या कहता. मेरे पीएम बनने की आशाओं पर दो-दो मर्तबा तुषारापात तो घर में ही हो गया था. मैंने मरी सी आवाज में कहा – येस्स. ओनली यू हैव द अट मोस्ट प्रॉबेबिलिटी!

---

7 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

अभिषेक ओझा said...

मैं भी सोच रहा हूँ... :-)

मोना परसाई "प्रदक्षिणा" said...

रवि जी ,देश के मौजूदा हालातों पर बेहद सटीक व्यंग्य , गुदगुदाता पर सोचने को मजबूर करता .मुस्कुराने के बाद में गम्भीर होकर सोच रही हूँ की काश ..कोई मेहनतकश साधारण इन्सान देश का p.m .बन जाए .

संजय बेंगाणी said...

आपको मेरी इच्छा के बारे में पता है या नहीं. राज्यसभा में जाने का जूगाड़ भी कर लिया, कहेंगे उसका गुलाम भी बन जाएंगे. हर समझौता सम्भव है, बस एक बार पी.एम. बनना है.

कहीं सामने बैठा स्टाफ भी यही तो नहीं सोच रहा >:

raj said...

dekhiye kursi kanto ka taaz hotee hai...kursi pe baithne ka khayal hi aayaa or apki gaal kat gyee..shukar kijiye khayal hi aya or aap bal bal bache...badiya likha aapne..

Abhishek Mishra said...

Aaj ki rajniti ka yeh to yogdaan hai hi ki ab 'Agla Pradhanmantri Kaun' koi gambhir mudda nahin rah gaya.

amit said...

अरे पीएम की कुर्सी का मोह छोड़िए, आप यह सोचिए कि यदि आप डिप्लोमैटिक बन के बाकी लोगों की तमन्नाओं को हवा नहीं देते तो इतने काम नहीं बिगड़ते - नाई का उस्तरा आपको नहीं काटता और धोबी आपको ब्लैक कॉलर नहीं बना देता!! ;) :D

ѕαηנαу ѕєη ѕαgαя said...

mera number kab aayega!!!
ravi ji,,,,,,,,,,,,

Post a Comment

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन न चाहते हुए भी लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट व प्रदर्शित होने में कुछ समय लग सकता है.