व्यंग्यविविध | तकनीकीहिन्दीछींटें और बौछारें

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Saturday, April 04, 2009

रविरतलामी घर आ जा वे...

यदि आपके पास विचारों की कमी नहीं है तो इंटरनेट की दुनिया में आप कभी भी धूम-धड़ाका कर सकते हैं. और वो भी बढ़िया धूम धड़ाका.
meridhun
मेरीधुन नाम के एक नए विचार ने जन्म लिया है और एक नजर में यह धूम धड़ाका ही है. मेरीधुन अपने तरह की एक नई सेवा है जिसे इंटरनेट पर जारी किया गया है. इसके बारे में आपको और बताएँ, इससे पहले आप ये गाना सुनें. और, ईमानदारी से, पूरा गाना सुनें, फिर आगे पढ़ें. (नोट - फ्लैश प्लेयर प्लगइन आवश्यक, नहीं तो यहाँ से डाउनलोड कर सुनें)

…. घर आजा वे…

सुन लिया गाना? कैसा लगा?
मूल गाना है – चन्ना वे घर आजा वे. इसे मनमाफिक परिवर्तित कर रविरतलामी घर आजा वे में बदल कर रीमिक्स रूप में रेकॉर्ड किया गया है.
meridhun channave remix
जी हाँ, मेरीधुन सेवा प्रचलित प्रसिद्ध गीतों को आपके मनपसंद, मगर थोड़े से सीमित तरीके से फेरबदल कर रेकॉर्ड कर आपको प्रस्तुत करती है. इसके लिए आपसे न्यूनतम रु 99/- से लेकर और अधिक राशि गानों के हिसाब से ली जाती है. आप गीतों को जन्मदिन, सालगिरह इत्यादि के मौकों के हिसाब से उपहार देने योग्य तैयार करवा सकते हैं. नववर्ष, होली-दीपावली इत्यादि के मौकों के लिए भी आप अपने मनमाफिक गीत तैयार कर सकते हैं. गीतों को आपके आदेश करने के उपरांत 72 घंटों में डिलीवर कर दिया जाता है, जिसे आप एमपी3 के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं. आप चाहें तो इसकी सीडी के लिए भी आर्डर कर सकते हैं.
नए पंजीकृत प्रयोक्ताओं को रु 99/- का एक गीत मनमाफिक बनाने की सुविधा मुफ़्त में दी जा रही है. मैंने इन गीतों को मुफ़्त में ही बनवाया है.
बढ़िया, धूम धड़ाका है ना यह सेवा? तो फिर, एक गीत और सुनें (फ्लैश प्लेयर प्लगइन आवश्यक नहीं तो यहाँ से एमपी3 डाउनलोड कर सुनें). यह, आपको पता है कि मैंने किसके लिए रेकॉर्ड करवाया और किसे भेंट दिया? स्वर जरूर स्त्री के हैं, मगर भाव मेरे अपने हैं! आप भी अपने खड़ूस बॉस के नाम का एक गीत पप्पू कांट डांस साला वाला रेकॉर्ड कर उसे उपहार में दे सकते हैं.

… प्यार में हम संवरने लगे…?

11 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

वर्षा said...

मज़ेदार है

Vivek Rastogi said...

वाह बहुत ही बढ़िया ।

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बाकी सब तो ठीक है, बस गाना ही नहीं बजा...कुछ गड़बड़ है ?

Raviratlami said...

काजल कुमार जी, कृपया देखें कि आपके ब्राउजर में फ्लेश प्लेयर प्लगइन इंस्टाल है या नहीं. वैसे, एमपी3 डाउनलोड की लिंक भी दे दी है. इसे डाउनलोड कर सुनें.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

आपने सही कहा...फ्लैश ही गड़बड़ था...mp3 डाउनलोड लिंक के लिए भी धन्यवाद .

Udan Tashtari said...

बेहतरीन!!

उन्मुक्त said...

यह तो बहुत अच्छी सेवा है पर कुछ शंकाये हैं।

क्या धुन और गाने के बोल के कॉपीराइट का उलंघन नहीं हो रहा है। क्योंकि इनकी वेबसाइट यह नहीं कह रही है कि यह लोग कॉपीराइट मालिक को कोई पैसा दे रहें हैं या उससे कोई अनुमति ले रहें हैं।

अनूप शुक्ल said...

गुड है जी! आ ही जाइये अब जब कोई कह रहा है!

Raviratlami said...

उन्मुक्त जी,
मौजूदा भारतीय क़ानूनों के अनुसार कॉपीराइट का मामला नहीं बनता क्योंकि गीतों को रीमिक्स रूप में रेकॉर्ड किया जाता है.

amit said...

वाह जी वाह, बढ़िया जुगाड़ है! लेकिन और मज़ा तो तब आवे जब ये लोग तुरंत ही गीत में बदलाव कर दे दें, इंटरनेट एप्लिकेशन्स के ज़माने में 72 घंटे की प्रतीक्षा मानो एक उम्र बीत जाने की सी बात है! :)

आनंद said...

वाह जी, मज़ा आ गया। यह तो बड़ी अच्‍छी सेवा है। क्‍या दिमाग लगाया है बनाने वाले ने!
- आनंद

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