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Tuesday, March 04, 2008

इंटरनेट पर सर्वाधिक लोकप्रिय हिन्दी पृष्ठ

(चित्र को बड़े आकार में देखने के लिये इस पर क्लिक करें)

इंटरनेट पर आज का सर्वाधिक लोकप्रिय हिन्दी पृष्ठ कौन सा है?

अज़दक और अलेक्सा (एलेक्सा?) में अ के अलावा एक और चीज कॉमन है. लोकप्रियता. आज का अलेक्सा का सर्वाधिक लोकप्रिय 101 और आगे हिन्दी साइट का पन्ना खोलेंगे तो पाएंगे कि वहां पर अज़दक विराजमान हैं. जी, हाँ, प्रमोद सिंह का ब्लॉगस्पॉट का अज़दक!

दूसरे नंबर पर है वेब दुनिया हिन्दी खेल पृष्ठ.

जानकार लोग तमाम तर्क गढ़ लें, या अलेक्सा की रैंकिंग को लानत-मलामत भेजें, सही ग़लत ठहराएँ, हम तो कहेंगे, अज़दक है नंबर वन! (101 वां) अब भले ही अज़दक की बहुत सी पोस्टों का अर्थ समझने के लिए सिर खुजाने पड़ते हैं (सिर के बाल कम होने का एक कारण ये भी तो नहीं, ऐं?)

अज़दक को ढेरों बधाईयाँ.

मेरे इस ब्लॉग का नंबर अज़दक के बाद, एक सौ आठवें अनुक्रम पर है.

वैसे, सबसे पहले नंबर #1 पर है जीमेल, 2 पर है वेब दुनिया तथा 3रे नंबर पर है गूगल हिन्दी वेब खोजक.

और, चौथे नंबर पर है, होल्ड कीजिए, अल शिया. इससे पहले तो मैंने हिन्दी की इस वेबसाइट का नाम नहीं सुना था, पर, जाहिर है, है यह प्रसिद्ध !

संबंधित प्रविष्टि : इंटरनेट का सर्वाधिक मज़ेदार हिन्दी पृष्ठ

20 टिप्पणियाँ.:

Jagdish Bhatia said...

वाह वाह! इस पेज पर तो आईना भी है।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

बहुत खूब। इस तरह की चीजें पढ कर हर ब्लॉगर के दिल में एक सुकून की भावना तो जन्मती है है कि काश, इस लिस्ट में हमारा भी नाम होता।

भोजवानी said...

कबीर सा रा रा रा रा रा रा रा रारारारारारारारा
जोगी जी रा रा रा रा रा रा रा रा रा रा री

Pramod Singh said...

@गुरु जी,

बड़ी चकाचक खबर है! नारियल फोड़ने वाली खबर है? किसके सिर पर फोड़ूं?.. पता नहीं क्‍यों ऐसा लग रहा है जैसे हाई स्‍कूल में फेल होते-होते रह गए..

Pratyaksha said...

कुछ गड़बड़ नहीं है क्या .. अल्फाबेटिकल ? अज़दक ? लोकप्रिय? स्माईली भी ?

mahashakti said...

कुछ गड़बड़ हो रही है, प्रतीक पांडेय का ब्‍लाग 27, भड़ास 74, हिन्‍द युग्‍म 76, मोहल्‍ला 89, दीपक जोक 80, ज्ञानदत्त पाण्डेय की मानसिक हलचल 85,


अजदक से पहले ये सब ब्‍लाग है।

Debashish said...

बधाई, पर रवि भैया बात समझ न आई। आपने बीच के पेज को, शुरुवाती क्यों बतलाया? कहीं कुछ त्रुटि है या शायद अपने को ही समझ न आया! पहले तो यह पृष्ठ डीमॉज़ में वर्ल्ड हिन्दी श्रेणी के अंतर्गत सूचिबद्ध साईटें ही हैं ,सारी साईटें नहीं। दूजे, पृष्ठ "एक" का पता यह है जिनमें टॉप साईटें हैं जीमेल, वेबदुनिया, गूगल हिन्दी खोज, अल शिया, बीबीसी हिन्दी, दैनिक भास्कर, अमर उजाला, आदि। ज़रा स्पष्ट करें जी :)

Mired Mirage said...

अज़दक जी को बधाई ।
घुघूती बासूती

ajay kumar jha said...

ratlami jee,
hamaaree rating mein to aap sab super star hain ekdum jhakaas aur bindaas,

आभा said...

बधाई हो बधाई-प्रमोद जी को....

आभा said...

अजदक भाई को ढेरो बधाई....जैसी करनी वैसी भरनी हाहाहा....

Sanjeet Tripathi said...

वाह! बधाई हो अज़दक साहब को!!!

संजय बेंगाणी said...

तरकश 19वें स्थान पर है. राहत मिली :)

वैसे यह रेंकिंग नहीं लगती, आँकड़े भरे गए है, बस.

संजय बेंगाणी said...

सरकार यह रैकिंग नहीं लगती, मात्र आँकड़े भरे गए लगता है. बाकि खुश होने की कोई भी वजह हो सकती है. तरकश 19वें स्थान पर है.

Pramod Singh said...

हारारारारा!! अभी से होली शुरू हो गई? अलेक-अलेक हिलक-हिलक सा?..

Raviratlami said...

प्रमोद भाई, होली ही समझ लें... और चाहें तो क्षणिक खुशी का नारियल मेरे सिर पर फोड़ सकते हैं. पर, जो भी हो, इस सूची में अभी तो आपका चिट्ठा हमारे से ऊपर है :)

तो दोस्तों, जैसा कि अब आपको भी स्पष्ट हो गया है, ये रैंकिग नहीं है. इसमें हिन्दी के तमाम सारे स्थल भी नहीं हैं. और, जैसा कि देबू भाई ने बताया है, इनमें अधिसंख्य डीमॉज पर उपलब्ध हिन्दी साइटों की सूची है.

ध्येय ये था कि कुछ मनोरंजक तरीके से अलेक्सा - या एलेक्सा के बारे में बताया जाए (वैसे, पहले अलेक्सा की रैंकिग का महत्व था, पर आजकल गूगल पेज रैंकिंग का महत्व ज्यादा है) और ये भी कि डीमॉज हिन्दी में कुछ योगदान करें, ताकि वहां भी हिन्दी जालस्थलों की डिरेक्ट्री परिपूर्ण हो.
बाकी अ(ए)लेक्सा रैंकिंग की तकनीक और डीमॉज के बारे में देबू भाई से आग्रह है कि वे अपने किसी पोस्ट में वे हमारा ज्ञान बढ़ाएँ (देबाशीष डीमॉज हिन्दी से प्रारंभ से जुड़े हैं).

और हाँ, विश्व के सर्वाधिक मजेदार पृष्ठ के बारे में किसी ने क्यों कुछ नहीं कहा?

Jagdish Bhatia said...

डिमॉज पर जिस तरह से हिंदी की साईट्स के बारे में परिचय और संग्रह दिया गया है वह वास्तव में तारीफ के काबिल है।
जान कर खुशी हुई की देबू दा इससे जुड़े हैं।

रवीन्द्र रंजन said...

प्रमोद जी को बधाई और आपको भी।

Debashish said...

डीमॉज की निर्देशिका से मैं जुड़ा "था" :) हिन्दी चिट्ठों की श्रेणी और साईटें शुरु में काफी जोड़ी फिर सुस्त पड़ गया। अब काम न करने के वजह से उन्होंने मुझे बाहर निकाल फेंका है। गत एक वर्ष से अधिक से मेरा लॉगिन बहाल नहीं किया गया है इसलिये इस श्रेणी के लिये अन्य लोग आवेदन करें। आवेदन स्वीकार होना भी बड़ी टेड़ी खीर है डीमॉज़ पर :)

Dr. Chandra Kumar Jain said...

BHAI RAVISHANKAR JI,
MERE BLOG PAR AAPKI SHUBHKAMNAON KA SHUKRIYA.COLLEGE LIFE KI YADEN BHI TAAZAA HO GAEEN.VAISE AAPKI QAABILIYAT KE TO HAM SAB HAMESHA MUREED RAHE HAIN.BAHARHAL MAINE EK E-mail kal aapko kiya hai.dkhiye jaroor...phir baat hogi.