गर्दन व पीठ दर्द से छुटकारा पाने के लिए एक अनुभूत प्रयोग





डॉ. प्रभात टण्डन ने अपने एक वैज्ञानिक आलेख में गर्दन दर्द के कारणों व समस्या के समाधान के बारे में लिखा है. कुछ अरसा पहले मुझे भी पीठ - खासकर कमर के क्षेत्र में तथा गर्दन में दर्द बने रहने की समस्या हो गई थी. अगर आप कंप्यूटर के सामने बैठे-बैठे अपना अच्छा-खासा वक्त गुजारेंगे तो ऐसी समस्या आज नहीं तो कल होनी ही है. आयुर्वेद में अनुभूत प्रयोगों के बारे में अकसर बोला बताया जाता है. इस समस्या से निजात दिलाने वाले इस अनुभूत प्रयोग के बारे में आपको बताता हूँ. तो जब मेरी समस्या असहनीय हो गई तो प्रारंभ में कुछ समय तो मूव, आयोडैक्स और पता नहीं क्या क्या के चक्कर में रहे और जब बात नहीं बनी तो अंततः सही दवा दारू के लिए हड्डी रोग चिकित्सक को दिखाया. उन्होंने देखते ही कहा कि यह कोई बीमारी नहीं है जिसके लिए चिकित्सक को दिखाया जाए और दवा-दारू ली जाए.

उन्होंने मुझे दो साधारण व्यायाम बताए और कहा कि पंद्रह दिन ईमानदारी से ये व्यायाम सुबह शाम करो, और फिर भी बात नहीं बने तो (हँसी में कहा-) ऑपरेशन कर देंगे. भले मानस ने न कोई फ़ीस ली, न कोई प्रिस्क्रिप्शन लिखा, और दरवाजा दिखा दिया. पहले तो मुझे लगा कि कोई सेकंड ओपीनियन ले देखते हैं - पर फिर लगा कि चलो उनकी बात मानकर देख लेते हैं.

मैंने उनके बताए अनुसार व्यायाम किए, (जो कतई कठिन नहीं हैं) और सचमुच कुछ ही दिनों में मेरे गर्दन व पीठ का दर्द अस्सी प्रतिशत खत्म हो गया. नियमित व्यायाम से अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है. अब लगता है कि तमाम जगह स्वामी रामदेव क्यों सफल हो रहे हैं. मेरे द्वारा किए जा रहे ये दो अनुभूत प्रयोग हैं:

1) गर्दन दर्द के लिए व्यायाम - एक सपाट बिस्तर या फ़र्श पर बिना तकिये के पीठ के बल लेट जाएँ. फिर अपनी गर्दन को जितना संभव हो सके उतना धीरे धीरे ऊपर उठाते जाएँ. ध्यान रहे, पीठ का हिस्सा न उठे. गहरी से गहरी सांस भीतर खींचें. फिर उतने ही धीरे धीरे गर्दन नीचे करते जाएँ. सांस धीरे धीरे छोड़ें और पूरी ताकत से अंदर फेफड़े की हवा बाहर फेंकें. यह व्यायाम कम से कम एक दर्जन बार, सुबह-शाम करें. इस व्यायाम से आपके गर्दन की मांसपेशियों को ताकत मिलती है तथा इसके परिणाम आपको पंद्रह दिवस के भीतर मिलने लगेंगे. नियमित व्यायाम से गर्दन दर्द से पीछा छुड़ाया जा सकता है.

2) पीठ दर्द के लिए व्यायाम -फ़र्श पर पीठ के बल लेट जाएँ और फिर अपने दाहिने पैर को जितना संभव हो सके उतना धीरे धीरे जितना संभव हो सके उतना ऊपर उठाते जाएँ. गहरी सांस अंदर खींचें. फिर जितना संभव हो सके उतना धीरे धीरे पैर को वापस नीचे लाएँ. धीरे-धीरे, पूरी ताकत से सांस बाहर फेंकें. बारी बारी से यह व्यायाम दोनों पैरों के लिए एक दर्जन बार करें, व दिन में दो बार सुबह शाम करें. पीठ दर्द में राहत आपको पंद्रह दिनों के बाद महसूस होगा. पैरों के इस व्यायाम से पीठ व पेट के चारों ओर के मांसपेशियों को ताकत मिलती है जिससे पीठ दर्द में भी राहत मिलती है.

टीपः इस आलेख में दिए व्यायाम को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से राय अवश्य ले लें.

चलते चलते -

क्या आप बता सकते हैं कि ऊपर चित्र में दिखाई दे रही सुंदरी कौन है और कहाँ रहती है?


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टिप्पणियाँ

  1. धन्यवाद बहुत उपयोगी जानकारी दी आपने। आज नहीं तो कल हमें भी इसकी जरुरत पड़ने ही वाली है।

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  2. अत्यंत उपयोगी जानकारी…सभी को फायदा पहुँचाएगी…।इस जटील समाज और भागती दुनियाँ में खुद को स्वस्थ रखना आसान नहीं है…ऐसे ही नुक्सों या योग हमें राहत दे सकते हैं…धन्यवाद>>

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  3. धन्यवाद, उपयोगी व्यायाम बताने के लिये.

    उपर वाली फोटो का तो नहीं मालूम, मगर यह जो व्यायाम करती आपकी दो तस्वीरें हैं, उसे देख दिमाग में खाका खिंचने की कोशिश की, स्केल से नापा भी. गरदन से बस दो गुनी टांगे?? बड़ी अजीब बनावट है. :)

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  4. संजय बेंगाणी9:47 am

    तकनिक से हट कर स्वास्थय पर आ गए?
    मगर 'अच्छा' आए. काफी उपयोगी व्यायाम बताए. आजमाना शुरू कर रहा हूँ. चुंकि आपने फिस नहीं दी है, इसलिए आपको भी नहीं मिलेगी.

    इस सुन्दरी आपके लिए छोड़ देता हूँ. :)

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  5. बहुत ही उपयोगी जानकारी दी रवि भाई, मै एक बात जो अक्सर सर्वाईकल से पीडित रोगियों से कहता हूँ और मै उस लेख मे लिखना भूल भी गया था कि पानी पीने के पुराने तरीके को ही अपनायें, यानी अगर पानी पीना हो तो गिलास मुंह से लगाने के बजाय गिलास को ऊपर कर के पीयें,अगर दिन मे 5 -6 बार पानी पीना होगा तो गर्दन का एक यह भी व्यायाम तो स्वत: हो जायेगा।
    अगर आप की इजाजत हो तो सरवाईकल के आप के द्वारा प्रयोग व्यायाम को चिट्ठे मे लगा दूँ।

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  6. श्रीश जी, दिव्याभ जी, समीर जी, संजय जी,
    ऊपर का चित्र पेंगुइन सुंदरी का है जो कि फ़ेदोरा लिनक्स में डिफ़ॉल्ट स्क्रीन सेवर में जब तब विविध रूपों में प्रकट होती है.

    प्रभात जी,
    जी हाँ, जरूर.

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  7. धन्यवाद रवि भाई, देखिये यहाँ
    http://drprabhattandon.wordpress.com/2007/01/16/cervical-spondylosis-and-homeopathy/

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  8. haanji, aise kuch exercise se is samasya ka chhutkara mila.

    bahut bahut aabhar.... link dene ke liye kisi or ko bhi bhejne ke kam aayega.

    उत्तर देंहटाएं

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