शनिवार, 2 अप्रैल 2005

असुविधा के लिए खेद है...

परिवर्तन का दूसरा नाम जिंदगी है...
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ब्लॉगर के इस ब्लॉग को नया होस्ट भाई ईस्वामी की महती कृपा से मिला है, जो थोड़ा सा तेज़ तो है ही, ज्यादा सुविधाओं युक्त वर्ड प्रेस पर भी आधारित है. वहाँ यह नए रूप-रंग और नाम से अवतरित हुआ है. पर मूल स्वरूप लगभग यही रहेगा. आपको थोड़ी सी असुविधा तो होगी, जिसके लिए मैं माफ़ी चाहता हूँ, परंतु गुज़ारिश है कि आप अपने पसंदीदा / बुकमार्क / पुस्तचिह्न को इस नई कड़ी पर बदल लें. हालाकि यह वर्तमान ब्लॉग एक अभिलेखागार के रूप में तो मौज़ूद रहेगा ही, और महीने के अंत में यत्र-तत्र छपी मेरी समस्त रचनाएँ यहाँ अवतरित होंगीं.

कोशिश रहेगी नियमित लेखन की, महीने में कम से कम 20-25 चिट्ठे, इस साल –(2005) के पूरे होते तक.

तो, प्रतिदिन पढ़ते रहिए : छींटे और बौछारें – टेढ़ी दुनिया पर तिरछी नज़र

धन्यवाद.

5 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. hindifan5:12 am

    विकिपीडिया हिन्दी में योगदान करना न भूलें
    hi.wikipedia.org

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  2. Parchay hua....ab nirantarta rahegi, aisa prayas karunga.

    Namaskar,
    aapka-Sanjay Vidrohi

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  5. Hello rahiji kya app mujhe baatiye ki mein hindi mein kaise blog karu soch raha tha ki "Madhushalla" ki kuch punktiyan sidebar par post karun

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