शुक्रवार, 12 नवंबर 2004

अपसाइड डाउन इंडिया

उल्टा पुल्टा इंडिया
********
जग सुरैया ने टाइम्स ऑफ इंडिया (नवंबर ७, २००४) में इंडिया के बारे में काफी कुछ लिखा है. जग सुरैया पत्रकारिता से ताउम्र जुड़े रहे हैं और उन्होंने विश्व के तमाम देशों की यात्राएँ भी की हैं. अपने अनुभवों को वे बेबाकी से लिखते रहे हैं. उस लेख का छोटा सा हिस्सा प्रस्तुत हैः

इंडिया उल्टा पुल्टा देश है. यहाँ की हर चीज उल्टी पुल्टी है. विश्व के अन्य प्रजातंत्रों में प्रजा शासकों को चुनती है ताकि प्रजा खुशहाल हो सके. इंडिया में प्रजा शासकों को चुनती है ताकि शासक, प्रजा के खर्चे से खुशहाल हो सकें. अन्य जगह पानी, बिजली, स्कूलों और हस्पतालों की व्यवस्था हर एक की सुगम पँहुच में हो इस पर ध्यान दिया जाता है. इंडिया में इन यूटिलिटीज़ को गोली मारो, अपना हिस्सा पार करो का नारा चलता है. अन्य जगहों पर सिस्टम इस लिए चलता है चूंकि वहाँ सिस्टम मौज़ूद है और हर व्यक्ति उससे बंधा है- चाहे लाइन में लगना हो, रास्ते पर चलना हो, टैक्स जमा करना हो... पर अरबों की जनसंख्या वाले देश इंडिया में तो सिस्टम है ही नहीं फालों क्या करें, वह भी तब जब इंडिया का हर बंदा अपने कर्मों से बंधा है!

***
ग़ज़ल
***

यहाँ तो हर बात उल्टे पुल्टे हैं
जीने के हालात उल्टे पुल्टे हैं

मेरा ईश तेरा खुदा उसका ईशु
कैसे ये ख़यालात उल्टे पुल्टे हैं

बावरे नहीं हैं अवाम दरअसल
शहर के नियमात उल्टे पुल्टे हैं

जेल में होती है पप्पुओं की जश्न
मुल्क के हवालात उल्टे पुल्टे हैं

चैन और नींद से महरूम रवि
उसके तो दिनरात उल्टे पुल्टे हैं

****

0 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

----

नया! छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें. ---