May 2018

व्यंग्य जुगलबंदी - 86 : व्यंग्यकार के मन के भीतर का आंधी-तूफ़ान

एक व्यंग्यकार जब काग़ज़-कलम लेकर बैठता है – सॉरी, कंप्यूटर कुंजीपट लेकर बैठता है (आजकल कौन निगोड़ा काग़ज़ कलम लेकर बैठता है? और, यदि बैठता भ...