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बेहतर लिखना तो ठीक है साहब, बेहतर पढ़ने वालों में असली बुद्धिमत्ता कहाँ से लाएँगे?

... पत्थर का एक टुकड़ा भी! कृत्रिम बुद्धिमत्ता से अब उच्चकोटि का साहित्य लिखा जाएगा. कविता…