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व्यंग्य जुगलबंदी - बुढ़ापे या बीमारी से नहीं, मैं मरा अपनी शराफ़त से!

ग़लती से मैं शराफ़त से पैदा हो गया, साथ में शराफ़त लेकर, शराफ़त से लबरेज़. अब देखिए ना, …

व्यंग्य जुगलबंदी 22 - होली, चुनाव और बाबा; बोलो सा रा रा रा रा रा

शौचालय तीन ताले में जनता निपटे मैदान में     बोलो सा रा रा रा रा रा मुर्दा पूछे है कहाँ जाए श…

व्यंग्य जुगलबंदी 21 - प्रेम दिवस / वेलेंटाइन डे विशेष : मरफी के प्रेम प्यार के नियम

(व्यंग्य जुगलबंदी 21 - प्रेम दिवस - वेलेंटाइन डे के अवसर पर प्रेममय है, तो इस अवसर पर निय…