स्मार्ट होती जा रही दुनिया में, क्या आप भी नहीं हो रहे हैं अलाल और बुद्धू!

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आप पूछेंगे कैसे?

ठीक है. एक उदाहरण लेते हैं.

अब अपने बागीचे भी स्मार्ट हो रहे हैं. अपने स्मार्ट बागीचे में बस आपको एक बार पौधा लगाना है, फिर उसके बाद उसके खाद-पानी का इंतजाम आपका स्मार्ट बागीचा खुद कर लेगा. यही नहीं, आपके पौधे को बढ़िया से फलने फूलने लायक रौशनी का इंतजाम भी ये करेगा, यदि चटख धूप न खिली हो. स्मार्ट बागीचा पौधों को सुबह-शाम बिला नागा पानी देगा, और वक्त जरूरत पर यदि गर्मी ज्यादा हो तो यह 24x7 मिट्टी की जांच करते रह कर बीच बीच में भी सिंचाई कर देगा. निराई-गुडाई की जरूरत ही नहीं क्योंकि यह खरपतवार को उगने ही नहीं देगा, और यदि उग भी गए तो विशेष लक्षित किरणों से उन्हें अकाल मौत दे देगा.

अब आप बताएँ, कि आप हो गए न अलाल? और बुद्धू? यदि आपको बाग़-बागीचे का शौक रहा है, पेड़ पौधों से प्यार रहा है तो अब तक आप अपना ढेर सारा समय और श्रम बागवानी में लगाते रहे होंगे. मगर स्मार्ट बागीचा आपका समय और श्रम दोनों ही बचाएगा और आपको पूरे समय आराम करने देगा. भविष्य के, कुछ अतिरिक्त किस्म के स्मार्ट बागीचे तो तय समय पर आवश्यकतानुसार इंटरनेट से खाद-एंजाइम तक ऑर्डर कर सकने की कूवत लिए होंगे जिससे आपका यह और अतिरिक्त समय और अतिरिक्त दिमाग-खपाऊ काम बचेगा. और नतीजतन?!

सही तरीके से दुनिया के स्मार्ट होने का सिलसिला मोबाइल फ़ोनों के स्मार्ट होने से शुरू हुआ था, और मामला गांवों, शहरों, कारों, सड़कों, बिजली के पोलों, आदि आदि के स्मार्ट होने से लेकर आपके टूथब्रश तक के स्मार्ट हो जाने पर ही खत्म नहीं होगा बल्कि और आगे जाएगा.

क्या कहा, टूथब्रश? और वो भी स्मार्ट?

हाँ जी. आपका टूथब्रश भी अब स्मार्ट हो जाएगा और वो ये बताएगा कि आपके बत्तीस दांतों में से किस किस दाँत में कैविटी है / होने की संभावना है, किस दाँत को कितनी देर तक इलेक्ट्रिक ऑयन और वाइब्रेशन और अल्ट्रासोनिक तरंगों के सम्मिलित पॉवर से साफ करना है, दिन में कितनी देर साफ करना है आदि आदि वो तय करेगा और आपके दांतों की पंक्तियों को सदा सर्वदा स्वच्छ साफ रखेगा, और जिसके लिए आपको अपने टूथब्रश को भयंकर रूप से दांतों में घिसना भी नहीं पड़ेगा – आपके लिये यह काम आपका स्मार्ट-टूथब्रश खुद ही करेगा. वो आपके जीभ की कोटिंग भी साफ रखेगा जिससे आपको अपने मुंह की दुर्गंध से छुटकारा मिलेगा. जरा रुकिए. मुंह की दुर्गंध? कुछ हाई पावर्ड उन्नत किस्म के स्मार्ट-टूथब्रशों में आपके मुंह की दुर्गंध को एनालाइज करने का सिस्टम भी होगा जिससे आपको पता चल सकेगा कि लहसुन और मूली कब खानी है कब नहीं और उन टूथब्रशों में माउथफ्रेशनर का स्प्रे भी इनबिल्ट रहेगा – बची खुची दुर्गंध को अगले ब्रश करने के समय तक दूर करने के लिए! क्या कहा? ये टूथब्रश कहाँ मिल रहा है? जरा सब्र करें, अभी यह प्रूफ़ ऑफ कॉन्सेप्ट के स्तर पर पहुँचा है और फौरन से पेशतर इसके लांच होने की संभावना है। साथ ही, संभवतः 251 रुपल्ली के स्मार्टफ़ोन की तरह इसकी भी कीमत, स्मार्ट होते हुए भी बेहद कम होगी. आधी दुनिया (नारी वादी लोग दूसरा अर्थ न निकालें कृपया,) इस स्मार्ट-टूथब्रश के पीछे दीवानी हो जाएगी.

अभी हाल ही का स्मार्ट वाकया आपको सुनाऊँ. डिजिटल होते इंडिया में जब मेरा ब्रॉडबैंड कनेक्शन सातवें दिन भी बंद पड़ा रहा और कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो मैं लिखित में एक आवेदन लगाने कंपनी के दफ़्तर पर पहुंचा. वहाँ एक फ़ॉर्म दिया गया. कंप्लेन फ़ॉर्म. वो भी स्मार्ट था. उसमें बार कोड भी एम्बेड था और क्यूआर कोड भी क्योंकि वो स्मार्ट फ़ॉर्म था, और काग़ज का होते हुए भी उसमें स्मार्ट चिप और डिस्प्ले एम्बेड था. जब मैंने उस फ़ॉर्म में अपना नाम पता और कनेक्शन नंबर भरा, तो आपको यकीन नहीं होगा, वो आवेदन फ़ॉर्म इतना स्मार्ट था कि उसने तत्काल ‘कारण और उपाय’ वाले खाने में ऑटोमेटिक अपडेट कर दिया और बताया कि भाई, अभी बारिश की वजह से कंप्लेन बहुत है, और आउट-ऑफ टर्न, प्रायरिटी में काम करवाना हो तो फलां फलां आदमी से संपर्क करो, उसे उसकी कुछ ऊपरी आमदनी हासिल करने में स्मार्ट मदद करो तो काम स्मार्ट तरीके से तत्काल हो जाएगा. ओह! इस स्मार्ट जमाने में मैं ठहरा निरा बुद्धू. पहले ही यह स्मार्ट काम कर लेता तो नौबत यहाँ तक नहीं आती! धन्य है स्मार्ट फ़ॉर्म! और स्मार्ट दुनिया!!

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आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (09-07-2016) को  "आया है चौमास" (चर्चा अंक-2398)     पर भी होगी। 
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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