इस मामले में तो, नीतीश-लालू ने बाजी मार ली!

झांसे में न आइए. यह पोस्टर जो आप रचनाकार पर देख रहे हैं, वो नीतीश-लालू गठजोड़ का विज्ञापन है, जो रचनाकार के पृष्ठों पर एडसेंस  के जरिए आया है. यानी यह रचनाकार पर गूगल एडसेंस का विज्ञापन है, जो देश दुनिया भाषा को ध्यान में रख कर स्वचालित लोड हुआ है. अब तक भारतीय जनता पार्टी और मोदी को तकनीकी, डिजिटल इंडिया, सोशल मीडिया आदि पर अति सक्रिय बताया जाता रहा है और इलजाम लगाए जाते रहे हैं कि इनके ब्रिगेड ने इंटरनेट पर कब्जा जमाया हुआ है. मगर, मुझे तो अभी तक बीजेपी इस बिहार चुनाव में एडसेंस का कोई विज्ञापन बीजेपी का नहीं दिखा. पाठकों को यदि कभी कहीं दिखा हो तो बताएं.

बहरहाल, चुनाव परिणाम चाहे कुछ और कहें, नीतीश-लालू के गठजोड़ ने ऑनलाइन पाठकों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए ऑनलाइन विज्ञापनों का सहारा लेकर इस मामले में ही सही, बाजी तो मार ही ली है.

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