सोमवार, 12 अक्तूबर 2015

क्या आपकी भी जिंदगी नर्क हो गई है....?

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ओह! आह!! यहाँ तो सभी हमसफर हैं मेरे!

 

व्यंज़ल

जीवन का अर्क है

जिंदगी बस नर्क है

 

तू काला मैं गोरा

बस यहीं फर्क है

 

तू नहीं समझेगा

वाह क्या तर्क है

 

राजनीति में यारों

सब बेड़ा गर्क है

 

पहचानें कैसे रवि

चेहरों में वर्क है

 

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