रात में और क्या क्या बंद हो सकते हैं?

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यह तो बड़ा ही नायाब आइडिया निकाला है सरकार ने. अंदर की खबर से उड़ते उड़ते पता चला है कि सरकारी बाबुओं ने इसी सिलसिले में इसी किस्म के और भी कई नए नवेले, नायाब प्रस्ताव बनाए हैं. कुछ आपकी जानकारी के लिए पेश किए जा रहे हैं –

· रात में किसी भी तरह का भोजन किया जाना बंद हो सकता है – आखिर खाद्य सुरक्षा योजना के लिए खाद्य कहां से आएगा? और, आएगा भी तो उसके लिए पैसा कौन देगा?

· रात में बिजली-बत्ती जलाना बंद हो सकता है – कुछ वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में रात में दुकानें खुला रखने पर प्रतिबंध लग चुका है – क्योंकि रात में लोगों की बिजली बत्ती गुल रहेगी तो सरकार की बहुत सारी नाकामियों के अंधकार में दबे रहने की अच्छी संभावना है.

· रात में किसी भी तरह की यात्रा बंद की जा सकती है. इससे मल्टी-फ़ैक्टर फ़ायदे होंगे – सड़कों को रौशन नहीं करना होगा, यातायात व्यवस्था के लिए केवल दिन में ही ट्रैफ़िक पुलिस की आवश्यकता होगी इत्यादि. और, यदि रात में पेट्रोल-डीज़ल नहीं मिलेगा तो वैसे भी कौन बेवकूफ़ रात में यात्रा करेगा!

· रात में टीवी चैनलों व रेडियो का प्रसारण बंद हो सकता है. इसके पीछे खास वजह तो पता नहीं चला, परंतु जानकारों का कहना है कि एक पॉवरफुल नेता के कहने पर इसे अंजाम दिया जा रहा है क्योंकि चैनल वाले सरकार की नेगेटिव छवि दिखाते हैं वो भी रात के प्राइम टाइम में! और, वैसे भी जब रात में बिजली बत्ती नहीं रहेगी तो क्या स्टार प्लस और क्या तो कलर्स!

· इंटरनेट रात में बंद हो सकता है. इंटरनेट केवल ऑफ़िस टाइम में सुबह नौ से शाम पाँच बजे तक उपलब्ध रहेगा. दलील है कि भारत की पूरी आबादी सोशल मीडिया की दीवानी हुई जा रही है और दूसरे आवश्यक नैसर्गिक काम-धाम छोड़ इंटरनेट के जरिए वॉट्सएप्प और फ़ेसबुक पर चिपकी रह कर इंस्टाग्राम-एंग्रीबर्ड खेलते रहती है और सरकार विरोधी प्रोपेगंडा करती है जिसे दूर करना आवश्यक है. सोशल मीडिया से जागृत हुए अन्ना आंदोलन के बाद सरकार वैसे भी अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है.

· रात में रुपए में भुगतान और खरीदी बिक्री बंद हो सकता है – रुपए की गिरती कीमत से चिंतित सरकार ने यह फार्मूला निकाला है कि यदि रात में रुपए में लेन-देन बंद कर दिया जाए तो रूपए की गिरती कीमत पर अंकुश लगाया जा सकता है – कम से कम रात में तो रुपया नहीं ही गिरेगा.

(नोट - इस लेख को खास तौर पर रात में लिखा जा रहा है - क्या पता, आगे शायद रात में लेखन बंद हो जाए!)

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बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - सोमवार -02/09/2013 को
मैंने तो अपनी भाषा को प्यार किया है - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः11 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra




बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - सोमवार -02/09/2013 को
मैंने तो अपनी भाषा को प्यार किया है - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः11 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra




बेनामी

अगर रात मे भ्रष्टाचार भी बंद हो जाये तो क्या बात हो.

अगर ऐसी व्यवस्था वाकई में हो जाए, तो थोडा नहीं बहुत परेशानी होगी लेकिन मेरे भाई आपकी ही कही बात के प्रतियुत्तर में मैं यह कहना चाहूँगा कि ऐसी व्यवस्था हो जायेगी तो सरकार के बराबर हम भी दोषी होंगे ........ क्या हमें अपनी गिरती अर्थव्यवस्था को सुधारने का कोई प्रयास नहीं करना चाहिये ?

यह तो रात के खतरों की बारात आ गई!

पुलिस थाने, अस्पताल आदि भी रात मे बंद हो जाएँ। बल्कि दिन में भी बंद ही रहें ताकि नेताओं के मोटरकेड आराम से गुज़र सकें

आओ देश को आधा कर दें।

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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