सोमवार, 21 जनवरी 2013

सत्ता के लड्डू जो न खाए रोए, जो खाए ज्यादा रोए!

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6 blogger-facebook:

  1. वह व्‍यंग्‍यकार ही क्‍या जो क्रूर न हो।

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  2. हा हा हा ... जय हो महाराज ... जे बात ... ;)

    वो जो स्वयं विलुप्तता मे चला गया - ब्लॉग बुलेटिन नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को समर्पित आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. उम्दा लेख


    आज हमारा गणतंत्र दिवस है आपको मेरी और से गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

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  4. सत्ता का स्वाद लो चखे वही जाने.

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