आसपास की कहानियाँ ||  छींटें और बौछारें ||  तकनीकी ||  विविध ||  व्यंग्य ||  हिन्दी || 2000+ तकनीकी और हास्य-व्यंग्य रचनाएँ -

मैं तो होशियार पैदा हुआ था, फ़ेसबुक ने मेरा सत्यानाश कर दिया!

DSCN0776

 

आई वॉज़ बॉर्न इंटेलिजेंट, फ़ेसबुक रूईन्ड मी!

एंड दैट इज व्हाय आई एम हियर...?

(पचमढ़ी के एक चाय की गुमटी का चित्र )

टिप्पणियाँ

  1. मेरे पास बरसों पहले ऐसा ही एक टी-शर्ट था। उसमें "फेसबुक" की जगह "एज्यूकेशन" लिखा था।

    उत्तर देंहटाएं
  2. काश!कोई अब भी समझ जाये .....
    आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  3. चचा गालिब के दौर मे फेसबूक न था ... नहीं तो वो भी यही कहते ... " फेसबूक ने गालिब निकम्मा कर दिया ... वरना हम भी आदमी थे काम के " ...

    इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - यह अंदर की बात है ... ब्लॉग बुलेटिन

    उत्तर देंहटाएं
  4. मार्क द्वारा इसे रिवार्ड मिलना चाहिए ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. यह केवल एक युवक की नहीं, पूरी पीढी की दशा का बखान है।

    उत्तर देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें