टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

भगवान के लिए, आज अर्थ अवर न मनाएं, बिजली बन्द नहीं करें!

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आखिर क्यों?

विवरण यहाँ देखें -

सावधान! ऊर्जा बचत के लिए ‘अर्थ आवर’ बन सकता है ‘डिज़ॉस्टर आवर’

(चित्र - साभार : जागरण)

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पिछले वर्ष भी पढ़ा था, मालगाड़ी के उदाहरण से समझ भी आ गया था।

बैंगलोर में बिजली कंपनी ने इस दौरान बिजली न देने का फ़ैसला किया है, परंतु अभी तक बिजली रानी नहीं गई हैं। अगर यह अर्थ अवर रोज ही मना लिया जाये तो पता नहीं कितने धंधे बंद हो जायें। सारे सर्वर भी बंद कर देना चाहिये तब इन विकसित देशों को समझ में आयेगा कि अर्थ अवर का मतलब क्या होता है।

बैंगलोर में बिजली कंपनी ने इस दौरान बिजली न देने का फ़ैसला किया है, परंतु अभी तक बिजली रानी नहीं गई हैं। अगर यह अर्थ अवर रोज ही मना लिया जाये तो पता नहीं कितने धंधे बंद हो जायें। सारे सर्वर भी बंद कर देना चाहिये तब इन विकसित देशों को समझ में आयेगा कि अर्थ अवर का मतलब क्या होता है।

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धरती घंटा मनायें मगर आहिस्ता आहिस्ता। :)

आपकी बात समझ में आती है।

बेनामी

It was a good system for enery saving andolon.
all bangla newspaper

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