शनिवार, 31 मार्च 2012

भगवान के लिए, आज अर्थ अवर न मनाएं, बिजली बन्द नहीं करें!

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आखिर क्यों?

विवरण यहाँ देखें -

सावधान! ऊर्जा बचत के लिए ‘अर्थ आवर’ बन सकता है ‘डिज़ॉस्टर आवर’

(चित्र - साभार : जागरण)

8 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. पिछले वर्ष भी पढ़ा था, मालगाड़ी के उदाहरण से समझ भी आ गया था।

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  2. बैंगलोर में बिजली कंपनी ने इस दौरान बिजली न देने का फ़ैसला किया है, परंतु अभी तक बिजली रानी नहीं गई हैं। अगर यह अर्थ अवर रोज ही मना लिया जाये तो पता नहीं कितने धंधे बंद हो जायें। सारे सर्वर भी बंद कर देना चाहिये तब इन विकसित देशों को समझ में आयेगा कि अर्थ अवर का मतलब क्या होता है।

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  3. बैंगलोर में बिजली कंपनी ने इस दौरान बिजली न देने का फ़ैसला किया है, परंतु अभी तक बिजली रानी नहीं गई हैं। अगर यह अर्थ अवर रोज ही मना लिया जाये तो पता नहीं कितने धंधे बंद हो जायें। सारे सर्वर भी बंद कर देना चाहिये तब इन विकसित देशों को समझ में आयेगा कि अर्थ अवर का मतलब क्या होता है।

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  4. क्या आप अपने ब्लॉग से पैसे कमाते हैं?

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  5. धरती घंटा मनायें मगर आहिस्ता आहिस्ता। :)

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  6. आपकी बात समझ में आती है।

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  7. बेनामी5:05 pm

    It was a good system for enery saving andolon.
    all bangla newspaper

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