शुक्रवार, 3 जून 2011

मेरे लिए, वास्तविक सुंदरता (real beauty) का क्या अर्थ है?

कुछ अर्थ दे रहा हूं -

real beauty

भारत में -

  • पैसा खिलाने के बाद, किसी का कोई काम सचमुच में हो जाता है.
  • घोर लालफीताशाही के बाद भी कोई प्रोजेक्ट चार के बजाय चौबीस महीनों में सही, जैसे तैसे पूरा तो हो जाता है.
  • कोई अन्ना पैदा हो जाता है.
  • जाम में फंसने के बाद भी जब कोई काम पर समय पर पहुँच जाता है.
  • गर्मी की रातों में, किसी रात, रातभर बिजली गोल नहीं होती.
  • नल में किसी दिन बढ़िया प्रेशर से पांच मिनट ज्यादा पानी आ जाता है.
  • जरूरी समय में किसी नेटवर्क पर किया गया किसी का कॉल ड्रॉप नहीं होता.
  • आपका वायर्ड/वायरलेस इंटरनेट कनेक्शन पूरी रफ़्तार और गति से सप्ताह भर बढ़िया चल जाता है.
  • कहीं जाने-आने के लिए रेल में आरक्षण आसानी से मिल जाता है.
  • एयरपोर्ट पर सिक्यूरिटी चेक पाइंट पर आपका मुस्कुराहटों से स्वागत किया जाता है.
  • किसी प्रॉडक्ट पर बिक्री उपरांत सर्विस भी शानदार मिल जाती है.
  • ट्रैफिक नहीं होने पर भी ऑटो/मिनिबस लालबत्ती जंप नहीं करते, और सिगनल हरा होने का इंतजार करते हैं.
  • किसी सरकारी ऑफिस में कोई बिल जमा करते समय बिना किसी हील-हुज्जत के, आपको पूरा चिल्लर लौटा दिया जाता है.
  • किसी सप्ताह, अखबार में सप्ताह भर  भ्रष्टाचार संबंधी खबर नहीं आती.
  • किसी माह, महीने भर पेट्रोल के दाम बढ़ने की खबर नहीं आती.
  • ... इत्यादि.

 

आपके अपने भी अर्थ होंगे, परिभाषाएँ होंगी - वास्तविक सुंदरता के. हमें भी बताएंगे जरा?

 

---

image

इस प्रविष्टि को इंडीब्लॉगर.इन द्वारा प्रायोजित - The Yahoo Dove Real Beauty Contest के लिए विशेष तौर पर प्रकाशित किया गया. इसमें आप भी भाग ले सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें.

आप चाहें तो इंडीब्लॉगर पर इस प्रविष्टि को प्रमोट भी कर सकते हैं.

14 blogger-facebook:

  1. अपने देश की इस सुन्दरता के आगे तो बाकि सारी सुन्दरता फीकी है...

    उत्तर देंहटाएं
  2. * पूरी जूतमपैजार के बावजूद ब्लॉगजगत में भाई चारा है! यह प्वॉइण्ट जोड़ा जाये! :)

    उत्तर देंहटाएं
  3. यह सब तो सुखों की श्रेणी में आता है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (04.06.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:-Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)
    स्पेशल काव्यमयी चर्चाः-“चाहत” (आरती झा)

    उत्तर देंहटाएं
  5. एसा होता तो नहीं ,होना भी नहीं चाहिये। और अगर इत्तेफाकन ऐसा हो जाता है तो एसी खुशिया समेट कर थैली में भरते जाना चाहिये । एक दिन वह थेैली परेशानियों से भारी हो जावेगी और जिनको हम परेशानी समझते है और जो हमारे बश में नहीं है, उन पर क्रोधित होकर झल्लाने की वजाय उन्हे ईजीली लेंगे ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. काश ये सब कभी कभार हमारे महान देश में होते रहे !

    उत्तर देंहटाएं
  7. जानदार लेख/बाते, सोचना पडेगा इनके बारे में

    उत्तर देंहटाएं
  8. कोई काम जब लोग हार मान लेते हैं कि ये नहीं हो सकता और मैं कर डालता हूँ :)

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुंदरता की नई पहचान.

    उत्तर देंहटाएं
  10. ऐसी सुंदरता तो देखते ही बनती है .....

    उत्तर देंहटाएं
  11. सही कहा आपने......बहुत ही बढ़िया !
    मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - अज्ञान

    उत्तर देंहटाएं
  12. क्‍या विडम्‍बना है कि जो सब कुछ सहज होना चाहिए वह सब कुछ अपवादों के रूप में देखना पड रहा है। आपकी बातों ने गहरे तक बेध दिया।

    उत्तर देंहटाएं

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

---------------------------------------------------------

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------