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यह ब्लॉग पोस्ट सिर्फ आमंत्रितों के लिए है...

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और, यदि आप इस पोस्ट को पढ़ पा रहे हैं तो इसका सीधा सा अर्थ है कि आप भी आमंत्रितों में से एक हैं.

यह क्या? यह तो नया ट्रैंड आ गया है. सिर्फ आमंत्रितों के लिए. कुछ दिन पहले नए बन रहे एक हाउसिंग कॉम्प्लैक्स का होर्डिंग देखा. शानदार कैंपस. शानदार आर्किटेक्चर और फ़ाइवस्टार सुविधाएँ. परंतु सिर्फ आमंत्रितों के लिए. अब ऐसी जगह में रहने के लिए खरीदना तो दूर की बात, खरीदने का सपना भी मैं नहीं देख सकता क्योंकि मेरे पास आमंत्रण नहीं है.

बहुत पहले एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था का सदस्य बना था. वह संस्था भी सिर्फ और सिर्फ आमंत्रितों को ही सदस्य बनाती है - हर किसी ऐरे गैरे को सदस्य नहीं बनाती. मैं भी सगर्व आमंत्रित सदस्य बना था. परंतु आमंत्रित सदस्यों वाली संस्था में चलने वाली घोर लेटलतीफी और दीगर बातों के चलते जल्द ही मैंने अपने आपको उनके बीच 'अनामंत्रित किस्म' का पाया, और बाहर हो लिया.

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अभी एक पत्रिका - रॉब रिपोर्ट का विज्ञापन पढ़ा. पत्रिका सिर्फ आमंत्रितों को उपलब्ध होती है. अब तक मुझे इसका आमंत्रण नहीं मिला है. तो इसका सीधा सा अर्थ है कि ये विरल और दुर्लभ पत्रिका मेरे लिए नहीं है. हो सकता है आप पाठकों में से किसी को आमंत्रण मिला हो या इस पत्रिका के आमंत्रित सदस्य हों. तो कृपया हमारे ज्ञान में वृद्धि करें कि आमंत्रण आपको कैसे किस तरह मिला और आमंत्रण हासिल करने के लिए आपने कैसे व किस तरह पापड़ बेले या कौन से हथकंडे अपनाए. वैसे बात दोनों एक ही है, बस पापड़ बेलने व हथकंडे अपनाने में नजरिए - नजरिये में बाल बराबर फर्क है.

इस पत्रिका को लेकर मुझे कुछ उल्टे सीधे विचार भी आ रहे हैं. अब जब ये पत्रिका सिर्फ आमंत्रितों के लिए है तो जब आप इस पत्रिका को किसी आम-व-खास के हाथ या घर में कॉफ़ी टेबल पर देखेंगे तो आपके मन में फ्रस्टेशन उत्पन्न होगा कि देखो अगला तो आमंत्रित है और इधर देखो हमारी कोई पूछ परख ही नहीं. फिर, जो प्रकाशन कंपनी इस पत्रिका को सिर्फ और सिर्फ आमंत्रितों को बांट रही है तो क्या आमंत्रित इसे अपने बीवी-बच्चों या मित्र मंडली से भी दूर रखेगा कि आम जनता से भी दूर रखेगा? क्योंकि यदि वो इन सबको पढ़ने - देखने के लिए देने लगेगा तो फिर सिर्फ आमंत्रितों के लिए वाली बात कहाँ रह जाएगी.

और, जब एक बार पढ़ - देख लेने के बाद जब पत्रिका रद्दी हो जाएगी तो क्या रद्दी वाले को इसे नहीं बेचना है? सिर्फ आमंत्रितों के लिेए उपलब्ध पत्रिका को रद्दी में बेचकर क्या उसका लेवल डाउन करना है? प्रकाशन कंपनी ने अपने विज्ञापन में तो ये बात नहीं बताई है, मगर इस पहलू पर जरूर उसने ध्यान दिया होगा और आमंत्रितों से यह बाण्ड जरूर भरवाया होगा कि वो इस पत्रिका को रद्दी में कभी नहीं बेचेगा, अपने बीवी-बच्चों, मित्रों को नहीं देगा (क्योंकि वे आमंत्रित नहीं हैं,) और आम पब्लिक को तो दूर से भी देखने नहीं देगा.

बहुत पहले, जीमेल खाता खोलने के लिए आमंत्रण की दरकार होती थी. अभी भी यदा कदा किसी किसी नई नवेली इंटरनेट सेवा के लिए इस तरह के टोटके अपनाए जाते हैं. तो, जब जीमेल के लिए आमंत्रण जरूरी होता था, तब जिनके ईमेल पते जीमेल-धारी होते थे वे बड़े विशिष्ट ईमेल पते होते थे. परंतु शुक्र है, यह विशिष्टता जल्द ही खत्म हो गई, और जीमेल सभी के लिए उपलब्ध हो गया.

पर, ये रॉब रिपोर्ट?

क्या आप आमंत्रितों में से हैं? मैं तो नहीं हूं, और न ही आमंत्रण चाहता हूँ.. (अंगूर खट्टे हैं?!)

टिप्पणियाँ

  1. ये भी आपकी जेब खाली करने की एक जुगत है ....मैं तो ऐसी कई संस्थाओं की आमंत्रित श्रेणी में हूँ पर उनकी शर्तों की फेहरिस्त को तवज्जो नहीं देता ...
    इस ब्लॉग का आमंत्रित सदस्य होने पर गौरवान्वित हूँ -लीजिये यह टिप्पणी -इससे अधिक उम्मीद मत रखियेगा :)

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  2. आप मेरे ब्लॉग पर विशिष्टामंत्रित हैं। टिप्पणी के लिये भी।
    :)

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  3. अब तक हमें आपना निमंत्रण नहीं मिला फिर भी आप का ब्लाग तो बढिया है जी :)

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  4. रवि भाई...ये रोब रिपोर्ट किस बला का नाम हैं?

    उत्तर देंहटाएं
  5. @पत्रिका - रॉब रिपोर्ट का विज्ञापन पढ़ा. पत्रिका सिर्फ आमंत्रितों को उपलब्ध होती है.
    अपने ग्राहक खुद तय करने वाली पत्रिका को विज्ञापन की ज़रूरत क्यों है, यह बात समझ नहीं आयी।

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  6. खुद को औरों से अलग और सर्वथा विशिष्ट दिखाने के चोंचले हैं जी. वेब के जमाने में वैसे भी पत्रिकाओं में क्या रह गया है?

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  7. आपके बलोग पर आमंत्रित सदस्य पता नही हु कि नही लकिन मै आपकी पोस्ट पढ़ पा रहा हु

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  8. I use to think that if you have money you can be part of "elite" club. But looks like, we need not only have money some exclusive contacts and invitations to get into this "elite" club :) God save us from this "invited" list..

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  9. जब तक गुणवत्ता न ज्ञात हो, कैसा लगेगा आमन्त्रित होना?

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  10. रवीजी
    एक बार किसी के ब्लोग पर गया था
    कुछ पोस्टें पढ सका पर क ई ऐसे पोस्ट थे जिन्हें पढने के लिए एक पासवर्ड की जरूरत थी
    यह शायद आमन्त्रित पाठकों के लिए था
    हम वहाँ फिर कभी नहीं पधारे

    गर्व और प्रसन्नता से घोषणा कर रहा हूँ कि अभी अभी एक नया Ipad2 खरीदा हूँ और यह टिप्पणी उसी ipad2 पर Hindiwriter App की सहायता से टाईप कर रहा हूँ

    देखते हैं यह टिप्पणी ठीक से छपती है कि नहीं
    शुभकामनएं
    जी विश्वनाथ

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  11. आईपैड2 भारत में कहाँ और कितने में उपलब्ध है?
    आपकी टेस्टिंग सफल रही.
    बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपका भी टोटका सफल रहा। मैं भी केवल आमंत्रित पाठकों के लिए लिखी गई पोस्‍ट को पढ़ने का लोभ संवरण नहीं कर पाया। इसे तो आजमाया जा सकता है।

    मैं जल्‍द ही इसे आजमाउंगा।

    वाह नए आइडिया के लिए...

    मार्केटिंग गांवों की ओर इसलिए भागती है ताकि शहर में फेल हो चुके फार्मूले गांवों में उपयोग में लिए जा सकें। बस इससे अधिक हिंट नहीं दूंगा कि मैं इस ट्रिक का इस्‍तेमाल कहां करने वाला हूं...

    उत्तर देंहटाएं
  13. हमें तो ख़ुशी हो रही है...हम भी आमंत्रित सदस्यों में शामिल हैं...:)
    शायद ऐसी ही विशिष्टता का अहसास दिलाने को ही इस तरह के आमंत्रण का प्रचलन हो.

    उत्तर देंहटाएं
  14. आपकी लेखनी का तब से कायल हू जब मै ब्लॉग लिखा भी नहीं करता था

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  15. मस्त व्यंग्य । एक समारोह में बोर्ड टंगा था कृपया आमंत्रित महानुभाव ही पधारें। और सही भी तो है ऐसे समारोहों मे लोग चले जाते है कभी लडके वाले कभी लडकी वाले बनकर और सामने वाले की व्यवस्था बिगड जाती है।
    आमंत्रण से याद आया । गुना में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के यहां शादी थी। मेरा मित्र और मै उनके काफी नजदीक समझे जाते थे मगर मेरे पास कार्ड नहीं आया। मित्र मिला उसने पूछा परसों तो शादी में जाओगे। मैने कहा नहीं याद उस दिन मै भोपाल जारहा हूं। मित्र ने कहा मुझे - भी -नहीं बुलाया साले ने

    उत्तर देंहटाएं
  16. फिर तो हम अनामन्त्रित ही अच्‍छे। जहॉं मर्जी होगी, घुसपैठ कर लेंगे। कोई मेरो का कर लेगो?

    उत्तर देंहटाएं
  17. कल 25/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  18. पता नही आपके बलांग पर आमंत्रित सदस्य हूँ ्या नही लकिन मै आपकी पोस्ट पढ़ पा रही हूँ ..यही मेरा सौभाग्य है.....

    उत्तर देंहटाएं
  19. main bhi aamntrit sadyasyon main nahi hoon .phir bhi aapke blog per hoon aur tippadi bhi de rahi hoon per aapka mere blog per hamesha swagat hai .badhaai aapko itane achche lekh ke liye.


    please visit my blog.thanks
    www.prernaargal.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  20. लगता है मैं भी जरुर आमंत्रित हूँ जो पोस्ट पढ़ पा रही हूँ

    उत्तर देंहटाएं

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