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एयरटेल डिजिटल टीवी (डीटीएच टीवी) ? कभी नहीं!

एयरटेल सक्स. आलवेज.

airtel digital tv sucks

जैसे एयरटेल डीटीएच कनेक्शन लेकर मैंने पाप कर लिया हो. पर साल भर तक तो इसका अहसास नहीं ही हुआ था.

जब डीटीएच और टीवी देखने वालों की  दुनिया एचडी फ़ॉर्मेट में जाने लगी तो अपने राम ने भी सोचा कि चलो डीटीएच एचडी पर शिफ़्ट हुआ जाए. हालांकि अभी भारत में डीटीएच में एचडी का तो एक तरह से जन्म ही नहीं हुआ है, मगर शुरूआती प्लेयरों को तो हम जैसे नवीन टेक्नोलॉज़ी के प्रयोक्ताओं के द्वारा संबल तो दिया ही जाना चाहिए?

तो, तमाम एचडी डीटीएच की जाँच पड़ताल की गई तो पाया गया कि या तो जीटीवी के एचडी डीटीएच से जुड़ा जाए या फिर टाटा स्काई के डीटीएच से, क्योंकि एयरटेल में तो अभी एचडी डीटीएच के नाम मात्र के ही चैनल हैं.

तो हमने एयरटेल डीटीएच काल सेंटर को बोल दिया कि भइए, हमारा कनेक्शन का समय खतम हो रहा है, हम एचडी में जाना चाहते हैं, तो हमें अब ये कनेक्शन नहीं रखना है.

 

और हमने यह संदेश देकर अपना एयरटेल डीटीएक का सब्सक्रिप्शन रीन्यू नहीं करवाया.

और, लगता है कि यहीं हमने आफत मोल ले ली.

सब्सक्रिप्शन रीन्यू ड्यू होने के हफ़्ते दिन पहले से सुबह-शाम-रात-दोपहर मेरे रजिस्टर्ड मोबाइल फोन में एसएमएस और ऑटोमेटेड काल्स का सिलसिला चालू हो गया, कि सब्सक्रिप्शन खतम हो रहा है, रीन्यू करवाओ, रीन्यू करवाओ. आईपीएल देखना है तो रीन्यू करवाओ, दबंग देखना है तो रीन्यू करवाओ, शीला की जवानी और मुन्नी की बदनामी देखनी हो तो रीन्यू करवाओ.

कई मर्तबा काल सेंटर पर और सीनियर सपोर्ट पर्सनल से बात करने, विनम्र, सनम्र निवेदन करने और नोकझोंक, तूतू-मैंमैं करने के बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं है. ईमेल करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है. ईमेल का प्रत्युत्तर ही नहीं दिया गया.

एयरटेल डीटीएच वालों का यह कैसा सीआरएम (कंज्यूमर रिटेंशन मैनेजमेंट) है? कंज्यूमर को इतना इरीटेट कर दो कि वो दुबारा एयरटेल की ओर देखे ही नहीं और अपने जान-पहचान के चंद दस-बीस और को भी बता दे कि भइये, एयरटेल मत लेना! सीआरएम का इससे घटिया उदाहरण और कहीं हो ही नहीं सकता. इससे पहले रतलाम में मेरे पास जीटीवी का डीटीएच था. जब उसे बंद किया तो वहाँ से एक सिंगल काल नहीं आया. वे समझते हैं कि कंज्यूमर होशियार है, उसे टीवी देखनी है तो सब्सक्रिप्शन जारी रखेगा, नहीं तो टीवी दर्शन यूँ ही स्वचालित बंद हो जाएगा, इसमें कंज्यूमर को मोबाइल में एसएमएस और फोन के जरिए याद दिलाने जैसा घटिया फूहड़ उपाय की जरूरत है भी?

ऊपर से मेरे इस एयरटेल डीटीएच कनेक्शन काटने की बात पर अब पच्चीस रूपए माइनस (जो कि एयरटेल की गलती से हुए हैं, मैंने यह सेवा जारी रखने के लिए नहीं कहा था,) खाते में हो गए हैं उसे जमा करने की बात की जा रही है. यानी एयरटेल डीटीएच अपनी औकात पच्चीस रुपए दिखा रही है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि कनेक्शन कटवा क्यों रहे हैं, दूसरे को बेच क्यों नहीं देते? तो भइए, क्या मैं आपके कहने से एयरटेल डीटीएच बेचने का धंधा शुरू कर दूं?

मेरे दर्जनों बार अनुरोध करने, गरियाने और झल्लाने के बावजूद मेरे पंजीकृत मोबाइल पर एयरटेल डीटीएच कनेक्शन को जारी रखने के लिए 100 रूपए जमा करने के एसएमएस संदेश और स्वचालित फोनकाल्स बदस्तूर जारी हैं, जो बेहद ही इरिटेटिंग है. इनके काल में डूनॉटडिस्टर्ब सुविधा काम नहीं करेंगे क्योंकि मैंने खुद कनेक्शन लेते समय अपना मोबाइल नं. दर्ज करवाया था. - आपके लिए एक सीख और - कभी भी भूलकर एयरटेल जैसी सड़ियल सेवा में अपना मोबाइल नंबर दर्ज नहीं करवाएँ, नहीं तो कब्र में भी वे आपको एसएमएस संदेश और अपना ऑटोमेटेड तथा व्यक्तिगत संदेश भेजते रहेंगे कि सब्सक्रिप्शन रीन्यू करवा लो.

कोई मित्र इस समस्या से छुटकारा पाने का रास्ता बताएँ. अब मोबाइल को मैं बड़े तालाब में फेंकने से  तो रहा, और नया सिम या नया नंबर लेने का झंझट भी पालने से रहा.

--

पुनश्च - एयरटेल डिजिटल टीवी का भुक्तभोगी मैं अकेला ही नहीं हूं. कंज्यूमर कंप्लेंट नामक फोरम में मेरे जैसे दर्जनों अन्य हैं, तथा ऐसे अनकों फ़ोरम हैं!

टिप्पणियाँ

  1. जब मैंने भी एयरटेल ब्रोडबेंड बंद कराया था तो इन्होने बहुत परेशान किया था अब जाकर पीछा छुटा है |

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  2. ye khud bhi wapas nahi lete warna main to inka 2000 ka saman inhe 200 rupey mein hi wapas kar dun..... main bhi use band karne wala hun...

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  3. my experience with videocon d2h
    मैनें अपने घर में विडियोकॉन डी2एच लगवाया यह सोच कर कि कुछ नये चैनल देखने को मिलेगे पर इस विडियोकॉन डी2एच सर्विस के स्वयं के जो 3 फ्री मूवी चैनल हैं उसमें 26 जनवरी से संडे 6 फरवरी तक केवल एक ही फिल्में दिखाई जा रही हैं जैसे द लिजेंट आॅफ भगत सिंह तथा रंग दे बसंती मैने कम्पनी को एक मेल किया कि कृपया कर इन मूवी चैनलों पर हप्ते भर एक ही मूवी एक ही समय पर न दिखायें इससे अच्छा है कि आप बच्चों के लिये कुछ एजूकेशंनल प्रोग्राम ही दिखा दिया करें किंतु कम्पनी ने कोई जबाब ही नही दिया, तथा विडियोकॉन की डी2एच में केवल एक ही स्टेट एक्टिव चैनल दिखाया जाता है वो है ईटीवी म.प्र. किंतु इसे आप अपनी टीवी की फुल स्क्रीन पर नही देख सकते.
    मेरे जितने भी दोस्त है जिन्होंने ये कनेक्शन ख़रीदे थे अपने घर के कबाड़े में पटक दिए हैं.

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  4. aapne sahi kaha jab maine bhi broadband band kiya tha tab mahine bhar tak pareshaan hota raha |

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  5. मेरी सोच तो ये है कि पे चेनल का मतलब है गुलामी और सिरदर्द पालना है | मुझे हमेशा ही फ्री टू एयर ही जमा है जिसमे डीडी डाईरैक्ट ही सर्वोतम सेवा दायक है |

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  6. जितना अधिन तकनीकी जंजाल में फंसेगे, उतना ही अधिक दुख होगा मानव को, यह बात समझ में आती है पर धीरे धीरे :)

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  7. चिरकुटई कोई इनसे सीखे, सारी हदें पार कर देते हैं ये।

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  8. मैने भी इन्हे झेला है .बहुत मुश्किल से पीछा छूटा मेरा .

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  9. अब अगर आप लेना ही चाहे तो tata sky ही लें ... मेरे घर में ज़ी डिश और टाटा दोनों ही लगे हुए है ... टाटा की सेवाएं ज़ी डिश से बहेतर है !

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  10. हमें आपके दुःख से पूरी सहानुभूति है. लेकिन बुरा मत मानियेगा हम हंस रहे हैं. :)

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  11. ये तो लातों के भूत हैं रविजी। आपकी बातों से नहीं समझेंगे। मेरे पास भी जी टीवी का 'डिश' कनेक्‍शन है जिसे एक बार बन्‍द करवाया तो एक एसएमएस के बाद उन्‍होंने सम्‍पर्क ही नहीं किया।

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  12. बेनामी9:43 pm

    सड़कों कुत्ते हैं ये।

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