बुधवार, 13 अप्रैल 2011

गूगल बुक्स हिंदी में - कुछ उन्नत खोज से पढ़ें बढ़िया हिंदी पुस्तकें

गूगल बुक्स हिंदी में भी लगातार समृद्ध होता जा रहा है. यहाँ तक कि स्कैन की गई हिंदी पुस्तकों की सामग्री को अब यूनिकोड में सर्च कर उसका लाभ लिया जा सकता है. गूगल के शक्तिशाली व शतप्रतिशत शुद्धता के हिंदी ओसीआर के जरिए हिंदी पुस्तकों का बख़ूबी डिजिटाइजेशन किया जा रहा है. और किताबों की सामग्री भी सर्च के जरिए हिंदी में हमें उपलब्ध हो रही हैं.

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(गूगल बुक्स हिंदी सर्च में धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता - डिजिटाइज्ड किताब को आंशिक रूप से आप गूगल बुक्स पर पढ़ सकते हैं)

बस एक पेंच है अभी. गूगल बुक्स हिंदी में अभी बढ़िया परिणाम नहीं दिखा रहा है. गूगल बुक्स में हालांकि सैकड़ों हजारों हिंदी किताबें डिजिटाइज्ड की जा चुकी हैं, और ये सब के सब गूगल बुक्स में उपलब्ध हैं, मगर जब आप गूगल बुक्स में हिंदी में सर्च करते हैं तो या तो आपके सामने ऊटपटांग परिणाम आता है या परिणाम शून्य बताता है.

उदाहरण के लिए, यशवंत कोठारी का व्यंग्य संग्रह नोटम् नमामि गूगल बुक्स पर स्कैन व डिजिटल रूप में उपलब्ध है और इसके कुछ पन्ने (अर्थ - संग्रह के कुछ व्यंग्य) आप यहाँ गूगल बुक्स के पन्नों में बखूबी पढ़ सकते हैं, मगर सामान्य गूगल बुक्स खोज में लेखक नाम अथवा पुस्तक नाम से इस पुस्तक का परिणाम नहीं दिखता. प्रतीत होता है कि सर्च हेतु हिंदी किताबों का ढंग से वर्गीकरण अभी नहीं हो पाया है. इसी तरह डायमंड बुक्स के चंद्रकांता संतति के कुछ भाग भी गूगल बुक्स पर हैं, मगर उन्हें नाम से ढूंढने जाएँ  तो अभी तो दिखते नहीं.

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(गूगल बुक्स पर यशवंत कोठारी का व्यंग्य संग्रह - नोटम् नमामि)

गूगल बुक्स पर हिंदी किताबों को ढूंढने का बढ़िया तरीका है रिलेटेड बुक्स की लिंक. रिलेटेड बुक्स की लिंक को क्लिक करने पर आप मिलती जुलती किताबों के ढेरों लिंक पर जा सकते हैं.

गूगल बुक्स खोज का एडवांस मेन्यू खोलें और विषय (सब्जैक्ट) के अंदर दो प्रमुख  कैटेगरी - hindi fiction या hindi wit and humor  (इन लिंक को क्लिक कर सीधे भी सर्च खोला जा सकता है) भर कर सर्च करें. बाकी सभी इनपुट बक्से वैसे ही खाली रहने दें. चाहें तो भाषा हिंदी कर सकते हैं. प्राप्त खोज परिणाम के किसी पसंदीदा किताब को क्लिक करें और फिर वहाँ उपलब्ध रिलेटेड बुक्स की लिंक को क्लिक करें, और इस तरह हिंदी किताबों में नेविगेट करें. आप चाहें तो सामान्य गूगल बुक्स सर्च इनपुट बक्से  में  subject:"hindi wit and humor"  या subject:"hindi fiction" डालकर भी ठीक यही सर्च कर सकते हैं. पर, यदि आप हिंदी यूनिकोड में सर्च करेंगे तो शायद परिणाम सही नहीं मिलें.

आपके लिए गूगल बुक्स के  कुछ हिंदी हास्य व्यंग्य / चुटकुलों की किताबों के लिंक -

 

हैप्पी रीडिंग!

11 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. ये अच्छी सूचना है, मैंने सर्च करके देखा तो अच्छे परिणाम आ रहे हैं

    कोशिश करता हूँ, गूगल बुक को ज्वाइन करने की, यदि संभव हो गया तो बाकई अच्छा होगा

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  2. क्या कविताकोश की तरह इन्हें भी बुकमार्क किया जा सकता है या हमेशा गूगल सर्च पर जाना पडेगा... यह देखना पड़ेगा॥ बढिया सूचना.. आभार॥

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  3. @cmpershad,
    यदि आपका जीमेल खाता है तो गूगल बुक्स का खाता आपके लिए आटोमेटिक बन जाता है. आप जीमेल में लॉगिन कर गूगल बुक्स खोलें व किसी किताब को खोलें (यदि इसमें प्रीव्यू या पढ़ने की सुविधा है) तो आप दाएँ ऊपरी कोने में एक लिंक देखेंगे - एड टू माई लाइब्रेरी. इसे क्लिक कर दें तो आपसे कुछ विकल्प पूछा जाएगा, जिसे सेट कर आप सहेज सकते हैं. इस तरह से आप अपनी पर्सनल लाइब्रेरी में चाहे जितनी किताबें बुकमार्क कर रख सकते हैं. साथ ही किसी विशिष्ट किताब की लिंक भी अपने दोस्तों को भेज सकते हैं.

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  4. रोचक और बहुत ही उपयोगी जानकारी
    मेरा अपना जी मेल खाता है
    आज ही आजमाऊँगा।

    धन्यवाद।
    जी विश्वनाथ

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  5. गूगल बुक्स वाकई काम की चीज है। हिन्दी भी इसमें कुछ पैर जमा रही है, यह जान प्रसन्नता हुई।

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  6. बहुत ही ज्ञानवर्धक आलेख है. भूरिशः धन्यवाद.

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  7. अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

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  8. बहुत अच्छी पोस्ट, शुभकामना, मैं सभी धर्मो को सम्मान देता हूँ, जिस तरह मुसलमान अपने धर्म के प्रति समर्पित है, उसी तरह हिन्दू भी समर्पित है. यदि समाज में प्रेम,आपसी सौहार्द और समरसता लानी है तो सभी के भावनाओ का सम्मान करना होगा.
    यहाँ भी आये. और अपने विचार अवश्य व्यक्त करें ताकि धार्मिक विवादों पर अंकुश लगाया जा सके., हो सके तो फालोवर बनकर हमारा हौसला भी बढ़ाएं.
    मुस्लिम ब्लोगर यह बताएं क्या यह पोस्ट हिन्दुओ के भावनाओ पर कुठाराघात नहीं करती.

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  9. रोचक जानकारी। रवि साहब, मेरा आपको सबसे पहला मेल किताबों की जानकारी लेने के लिये ही था, तब भी आपने फ़ौरन मदद की थी और आज बिना कहे इतना महत्वपूर्ण उपहार, आभार सर।

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