बुधवार, 15 सितंबर 2010

विरोधाभास की पराकाष्ठा – हिंदी दिवस पर हिंदी भवन सेल!

यह है कल (14 सितंबर हिंदी दिवस) के अखबारों में जोर शोर से दिए गए विज्ञापन की कटिंग -

hindi bhawan sale

यह तो था भोपाल के हिंदी भवन का हाल. आपके अपने शहरों के हिंदी/तमिल/गुजराती/मराठी इत्यादि-इत्यादि भवनों के क्या हाल हैं?

7 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. ये तो अंग्रेजी के छींटे नही, बौछारें हमारे आंगन में , eye opner है अंग्रेजीदां, हिन्दीदानों के लिए
    अच्छी लास्वीर लगायी शास्त्री जी, हमारे दोगलेपन क चित्रांकन करती हुई!

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  2. जय हो,भारत भाग्य विधाता।

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  3. आगे-आगे देखिए होता है क्‍या।

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  4. विज्ञापन हिंदी में है..

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  5. चलो शुक्र है की लिखाई में तो हिंदी का प्रयोग किया है !

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  6. अपने यंहा कोइ हाल नहीं है इसलिए हाल का हाल नहीं बता पाएंगे | चित्र रोचक लगा |

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