सोमवार, 2 अगस्त 2010

मुल्क के मुलायमों को मरना जरूरी…

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व्यंज़ल

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मुल्क में रहना है तो डरना जरूरी

चारे चरवाना व खुद चरना जरूरी


सियासत बची रहे कुछ इसके लिए

मुलायमों लालुओं का मरना जरूरी


यकीन मानों दोस्तों इस जमाने में

ठीक नहीं धर्म ईमान करना जरूरी


दुनिया का यही तो दस्तूर है यारों

औरों से पहले खुद का तरना जरूरी


लड्डू हाथों से ही खा सकते हैं रवि

यूँ काम करना क्यों हो वरना जरूरी


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6 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. वास्तव में कश्मीर व नक्सलवाद को देखते हुए "मुलायमों" का मर जाना भारत के जिन्दा रहने के लिए जरूरी है.

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  2. एक राजनेता या अमरसिंह को जो भी कह लें, किसी के मरने की इस तरह कामना करें...घोर अमानविय लगता है.

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  3. चुप रहते हैं सब कुछ देख कर
    ऐसे में 'रवियो' को बोलना है जरूरी

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  4. बेनामी10:56 pm

    खाली मुलायम और लालू क्यों। लालकृष्ण और अटल या सुषमा जैसे नेता क्यों नहीं।

    उत्तर देंहटाएं

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