सबकुछ बिकता है यहाँ…

clip_image002

सिर्फ न्यायालय ही क्यों श्रीमान?

गुजरात उच्च-न्यायालय का मानना है कि वहां की ज्यूडिशियरी में किसी को भी खरीदा जा सकता है. बजा फरमाया योर ऑनर! पर सिर्फ ज्यूडिशियरी की बात क्यों, भारत में ऐसा कोई इन्टैक्ट तंत्र बता दें जहाँ किसी को खरीदा नहीं जा सकता.

आप बता सकते हैं?

---

व्यंज़ल

---

हर कोई बिकता है यहाँ लेवाल चाहिए

सोहनी के देश में एक महिवाल चाहिए


जवाब तो हर किसी के पास है इधर

यहाँ तो बस एक अदद सवाल चाहिए


मुरदों के शहर में हमारा क्या काम

हमें तो रोज एक नया बवाल चाहिए


मेरे मोहल्ले के बाशिंदों को दोस्तों 

खिड़की दरवाजे नहीं दीवाल चाहिए


मामूली से रवि को कोई पूछता नहीं

सब को अब हर तरफ कमाल चाहिए

----.

(समाचार कतरन – साभार टाइम्स ऑफ इंडिया)

टिप्पणियाँ

  1. क्या बात है रवि जी! कैसे आपने मालूम कर लिया कि सबको "कमाल" चाहिये? वैसे सही बात है कि हर चीज यहां बिकाऊ है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. अभी क्या बोलेंगे सर? जो जनता को पता था, जज साब अब बता रहे है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. मुरदों के शहर में हमारा क्या काम

    हमें तो रोज एक नया बवाल चाहिए


    वाह क्या बात है सच्ची बात कही आपने
    एक ना एक बवाल होता रहे तो हमारा भी मन लगा रहता है :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. देश के विकास की किसको फिकर रहे,

    यहाँ तो मोटी खालों को केवल मॉल चाहिये ।

    उत्तर देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें