कोई जोकर, कोई शूर्पणखा तो कोई रावण, ब्लॉगिरी में यारों कम पड़ते हैं पत्ते बावन…

clip_image002
वरूण के लिए, माया – शूर्पणखा तो माया के लिए, निःसंदेह वरूण – रावण. माने, चोर चोर सगे भाई!!!

व्यंज़ल

कोई जोकर, कोई शूर्पणखा तो कोई रावण
राजनीति में यारों कम पड़ते हैं पत्ते बावन


मेरा भी मकां होता सत्ता के गलियारो में
सुना है तो वहां होता है बारहों मास सावन


मैं भी ख्वाब ले के आया था दुत्कारा गया
कहते हैं कि मिसफिट हैं यहाँ जो हैं पावन


बंदा हो या कोई खुदा हो या हो कोई फ़कीर
मिला है कभी किसी को उसका मन भावन


जनता तो सो रही है चादर तान के रवि
भले ही हद से जा रही हो सियासती दावन
----

टिप्पणियाँ

  1. चोर चोर मौसेरे भाई नहीं जी बल्कि कहिए चोर चोर भाई-बहिन :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. आज की राजनीति पर व्यंग्य करती इस कविता में उपहास, ठिठोली और क्रीड़ापरकता के साथ आक्रमकता भी है जो इसे विशेष दर्जा प्रदान करती है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सच मे बावन पत्ते भी कम है नेताओ के लिये

    उत्तर देंहटाएं
  4. मैं भी ख्वाब ले के आया था दुत्कारा गया
    कहते हैं कि मिसफिट हैं यहाँ जो हैं पावन
    .... सुन्दर रचना,प्रसंशनीय!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    इसे 13.02.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह ०६ बजे) में शामिल किया गया है।
    http://chitthacharcha.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  6. सही व्यंग्य!! यहाँ तो सभी मुखोटाधारी ही मिलेगें...


    मैं भी ख्वाब ले के आया था दुत्कारा गया
    कहते हैं कि मिसफिट हैं यहाँ जो हैं पावन

    उत्तर देंहटाएं
  7. चिंता न करो रवि जी . एकदिन यही देश सभी रावनों सूर्पंखाओं को ख़त्म करेगा . यदा यदाहि धर्मस्य...........

    उत्तर देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें