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Tuesday, June 09, 2009

वायरस परोस रहे हिन्दी ब्लॉगों से सावधान!

r c mishra virus
कुछ हिन्दी ब्लॉगों (अधिकांशत: स्वयं के होस्टेड डोमेन युक्त वर्डप्रेस वाले ब्लॉगों में) की साइट पर यदि आप जाएंगे, और यदि आपने अपना एंटीवायरस तंत्र और फायरवाल मजबूत नहीं रखा हुआ है, तो आपका कम्प्यूटर ट्रोजन हार्स नामक वायरसों से संक्रमित हो सकता है. ट्रोजन हार्स आपके कम्प्यूटर से पासवर्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ चुराने वाले वायरसों को कहा जाता है. ट्रोजन हार्सों को आईफ्रेम के जरिए वेबसाइट के पृष्ठों पर कम सुरक्षा का फायदा उठाते हुए इंजेक्ट कर दिया जाता है और वेबसाइट के मालिकों को हवा ही नहीं रहती. और इसका खामियाजा उस जाल स्थल की सैर करने वाले मासूम प्रयोक्ता भुगतते रहते हैं.

इस तरह के वायरस और ट्रोजन की समस्या सिर्फ हिन्दी ब्लॉगों की नहीं है. समस्या तमाम इंटरनेट पर तमाम साइटों की है – यहाँ तक कि मजबूत से मजबूत सुरक्षित तंत्र में भी हैकरों द्वारा वायरस घुसा दिए जाते हैं. अभी हाल ही में खबर आई थी कि अमरीकी रक्षा प्रणाली के कुछ संवेदनशील नेटवर्क में भी हैकरों ने सेंध लगा दी थी और वायरसों की बात तो दूर, उस पर अपना कब्जा जमा लिया था.
इसीलिए, अपने स्वयं के कम्प्यूटर के लिए अभेद्य सुरक्षा प्रणाली बनाए रखें. इंटरनेट पर भ्रमण करते समय सुनिश्चित करें कि आपका एंटीवायरस और फ़ॉयरवाल चल रहा है. और, यदि आप स्वयं के डोमेन पर साइट चला रहे हैं, तो भगवान के लिए, उसमें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था अपनाएं, नियमित तौर पर स्कैन करते रहें ताकि सुरक्षा के बावजूद जाने-अनजाने कोई वायरस डेरा न डाल बैठे.
उपर्युक्त स्क्रीनशॉट मेरे कम्प्यूटर पर चल रहे अवास्त! एंटीवायरस द्वारा दी गई चेतावनी (9 जून सुबह 7.30 बजे, भारतीय समयानुसार) का है. अवास्त! एंटीवायरस घरेलू उपयोक्ताओं के लिए मुफ़्त में उपलब्ध है, और ये आपके कम्प्यूटर को 7 स्तरीय सुरक्षा प्रदान करता है.

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अद्यतन - टिप्पणियों में कुछ सुझाव/पूछताछ हुए हैं, अत: जानकारी के लिए -

अवास्त की तरह एवीजी भी मुफ़्त व बढ़िया एंटीवायरस है. अवास्त का डाउनलोड लिंक है - http://www.avast.com/eng/download-avast-home.html

एवीजी का डाउनलोड लिंक है -


http://free.avg.com/download-avg-anti-virus-free-edition

29 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

Udan Tashtari said...

अवास्त! ही लगा लेते हैं..अभी तक avg पर चल रहे थे.

Ratan Singh Shekhawat said...

चेताने के लिए आभार ! अब इस बारे में ज्यादा ध्यान रखेंगे |

AlbelaKhatri.com said...

achha laga

संजय बेंगाणी said...

जिनके ब्लॉग पर यह समस्या दिखे उन्हे भी सावधान कर दें.

Anonymous said...

blog kae naam dae taaki unhey saavdhan kiya jaa sake aur khud sawdhaan rahaa jaa sakey
aur please free download site kaa adress uplabdh karaa dae
agrim dhnyavaad

rachna

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

अब तो विशेष ध्यान रखना पडेगा......आपका इस जानकारी हेतु आभार

डॉ .अनुराग said...

कृपया बताये कहाँ से इसे फ्री डाउनलोड किया जा सकता है ...वैसे मै मोजिला फिरेफोक्स इस्तेमाल कर रहा हूँ

विनय said...

ESET Smart Security परिणाम बताते हैं कि यह एक घातक जावा स्क्रिप्ट के चलते हो रहा है। जिसे JS/KriptikF.Virus कहते हैं।

सावधान

RC Mishra said...

आप कृपया यहाँ भी देखें, http://rcmishra.com/hindi/2009/06/ravi-ratlami-got-late.html धन्यवाद।

Raviratlami said...

आपकी टिप्पणियों के लिए आभार. मुफ़्त एवीजी तथा अवास्त की डाउनलोड लिंक पोस्ट पर दे दी है. अवास्त भी बढ़िया एंटीवायरस स्कैनर है. संबंधित ब्लॉग के नाम की घोषणा करना अमर्यादित लगा इसीलिए नाम नहीं दिया, अलबत्ता स्क्रीनशॉट पर यूआरएल दर्शित है, जैसा कि मिश्र जी ने पहचान लिया और इस पर प्रतिपोस्ट लिखी है. प्रतिपोस्ट की लिंक उनके कमेंट में है, जहाँ पर वायरस की समस्या अभी भी बनी हुई है (इन पंक्तियों के लिखे जाने तक) अतः कृपया उस पर क्लिक न करें. मिश्र जी ने अपने पोस्ट पर कहा है कि मुझे पहले उन्हें बताना था. कुछ महीने पहले भी उनके ब्लॉग पर समस्या थी तो उन्हें व्यक्तिगत बताया था. संजय बेंगाणी जी ने भी उन्हें बताया था. परंतु समस्या बनी रही (या दोबारा उत्पन्न हुई) तो तमाम पाठकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा ब्लॉगरों को ऐसी बातों को गंभीरता से लेने के मद्दे नजर यह पोस्ट लिखी गई है. मिश्र जी को यदि इस पोस्ट से कुछ कष्ट हुआ हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं.

मसिजीवी said...

मिश्राजी के दिए लिंक पर किलक करते ही एंटीवायरस ने बैंड बजा बजा कर चेतावनी देनी शुरू कर दी इसलिए हम कल्‍टी हो लिए। बाकी भी अभी तो उसे क्लिक न ही करें।

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

जानकारी के लिए शुक्रिया। लेकिन एक बात बताना चाह रहा था कि ब्‍लॉगस्‍पॉट पर भी मैंने दो एक ब्‍लॉग ऐसे देखे हैं जिनमें वायरस की चेतावनी का संकेत आता है। उन ब्‍लॉग्‍स पर मैं अपने इनबॉक्‍स तक पहुंचे मैसेज के जरिए पहुंचा था। मेरे जीमेल के इनबॉक्‍स तक बहुत कम स्‍पैम पहुंचते हैं। इसके बावजूद जब मैसेज आया तो मैं उस ब्‍लॉग पर पहुंचा तो मैकेफी ने बताया कि इस साइट पर वायरस का खतरा है। सो मैंने बंद कर दी। अभी मेरे पास उसका लिंक नहीं है वरना आपको जरूर देता अवलोकन के लिए।

जानकारी के लिए एक बार फिर शुक्रिया रवि जी।

Raviratlami said...

सिद्धार्थ जी,
आपका कहना सही है. आमतौर पर गूगल ब्लॉगर - अपने ब्लॉगों पर भी कड़ी नजर रखता है - पर कभी कभी तृतीय पक्ष के हानिकारक गॅजेट चिट्ठाकार लगा लेते हैं जिनसे ऐसी समस्या सकती है. ऐसे ब्लॉगों को गूगल ब्लॉगर द्वारा समय समय पर मिटा दिया जाता है. आपको ध्यान होगा, हाल ही में कुछ हिन्दी ब्लॉगों को भी मिटाया गया था. शायद उनमें भी ऐसी समस्या रही हों.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

सही लिखा आपने, यह साईट मुझे भी ट्रोजन के चलते बिना देखे ही बंद करनी पड़ी थी.

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

गूगल क्रोम पर झमेला है। वहां तो यदा-कदा रीडिफ.कॉम की साइट पर वैसा दिखता है जैसे मिश्र जी के ब्लॉग पर दिखा रहा है। मुझे लगा कि क्रोम ज्यादा ही नाजुक है - बिसलेरी का पानी ही पीता है, नलके का पानी नहीं! :-)

Science Bloggers Association said...

मेरे कम्प्यूटर पर तो कभी कभी गूगल का होम पेज खोलने पर अवास्त ऐसे ही चेतावनी देता है, तब मजबूरी में कुछ देर के लिए उसे बंद करना पडता है। आश्चर्य का विषय यह है कि कुछ देर के बाद वह स्वयं सही हो जाता है।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

anil said...

अच्छी जानकारी वैसे इस मामले में अपना ब्लोगर सही है सब पर कडी़ नज़र रखता है ।

सुशील कुमार छौक्कर said...

सर ये तो बताईए कि जब इसका हमला हो तो क्या करे। उस साईट को बदं करे या जो चेतावनी का आपने स्कीन शाट लगाया है उसे क्रास वाले साईन से बंद कर दे। वैसे मै भी अवास्त ही प्रयोग करता हूँ जब से आपने बताया था। दूसरी बात आपके कमेट बाक्स के ऊपर लिखा स्पैम और वायरस से बचने के लिए मॉडरेशन न चाहते हुए भी लागू है। पर मै समझा नही कि माँडरेशन लगाना से स्पैम से कैसे बचाओ होता है। और तीसरी बात कि पी सी के फारमेट का आसन तरीका सेट्प बाई सेटप कहाँ से समझा जा सकता है सरल भाषा में। समय निकाल कर कोई हल अवश्य बताए ।

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

मैं तो आजकल उबंटू पर ही काम करता हूँ. क्या मुझे भी सचेत रहना चाहिए?

Raviratlami said...

सुशील जी, स्पैमर्स ऐसी साइटों के लिंक टिप्पणियों में डालते हैं जिनमें इन्ही तरह के ट्रोजन और वायरस होते हैं. मासूम पाठक यदि इन्हें क्लिक करें तो नुकसान हो जाए. आप अवास्त प्रयोग कर रहे हैं तो आप सुरक्षित ही होंगे.

निशांत जी, उबुन्टु पर यदि आप सामान्य उपयोक्ता (रूट नहीं) के रूप में काम कर रहे होते हैं तो आमतौर पर आप सुरक्षित होते हैं क्योंकि अधिकांश ट्रोजन और वायरस विंडोज एक्जीक्यूटेबल फाइलें होती हैं. अलबत्ता कुछ जावा स्क्रिप्ट किस्म के वायरसों से नुकसान हो सकता है. लिनक्स तंत्रों के लिए भी अब एंटीवायरस उपलब्ध हो गए हैं. एहतिहात के तौर पर प्रयोग करने में बुराई नहीं है.

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

धन्यवाद, रवि जी! आपने बहुत अच्छी बात बताई! उबंटू के लिए भी AVG free antivirus उपलब्ध है और मैं उसे डाउनलोड कर रहा हूँ. क्या महंगा एंटी-वायरस प्रोग्राम वायरस और ट्रोयन से पूरा बचाव करता है?

venus kesari said...

एवास्ट वास्तव में बहुत अच्छा एंटी वायरस है हम तो २ साल से इस्तेमाल कर रहे है
आपने जैसा बताया वैसी तो कोई समस्या अभी तक नहीं हुई
सावधान करने के लिए धन्यवाद

वीनस केसरी

कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee said...

कैस्परस्काई या अवास्त ? कौन -सा बेहतर है ? मोजिल्ला फायरफोक्स के साथ मैं कास्परस्काई प्रयोग करती हूँ.

नरेश सिह राठौङ said...

आपकी इस जानकारी वाली पोस्ट के लिये धन्यवाद । जिस भाई की साईट पर इस प्रकार के वायरस हो उन्हे आपसे क्या शिकायत करनी चाहिये ? उन्हे तो एहसानमन्द होना चाहिये कि आपने इस बारे मे बताया है जिसके बारे मे वे नही जानते । मै भी हमेशा अवास्त ही काम मे लेता हू । और इसे अपडेट करना भी आसान है जिसे यह स्वत: ही कर लेता है ।

amit said...

कुछ हिन्दी ब्लॉगों (अधिकांशत: स्वयं के होस्टेड डोमेन युक्त वर्डप्रेस वाले ब्लॉगों में) की साइट पर यदि आप जाएंगे, और यदि आपने अपना एंटीवायरस तंत्र और फायरवाल मजबूत नहीं रखा हुआ है, तो आपका कम्प्यूटर ट्रोजन हार्स नामक वायरसों से संक्रमित हो सकता है



अब इसमें वर्डप्रैस वाले ब्लॉगों को क्यों घसीट रहे हैं, ये तो किसी भी ब्लॉग में हो सकते हैं जहाँ आप जावास्क्रिप्ट आदि लगा सकते हैं। गूगल के ब्लॉगस्पॉट वाले ब्लॉग इनसे अछूते नहीं हैं और गूगल सिर्फ़ अपने सर्वर को ही स्कैन कर सकता है। मिश्रा जी ने अपने ब्लॉग पर दूसरी वेबसाइट के विजेट, स्क्रिप्ट आदि लगा रखे थे और वह दूसरी वेबसाइट के सर्वर से लोड हो रहे थे। यह सब तो किसी ब्लॉगस्पॉट वाले ब्लॉग में भी हो सकता है और गूगल को कानो कान खबर नहीं होगी यदि कोई शिकायत न करे। :)



वैसे अवास्ट का नवीनतम वर्ज़न मैंने भी लगा रखा है जो कि ऑटो अपडेट पर रहता है, मिश्रा जी के ब्लॉग को खोलने पर अपने को कोई चेतावनी नहीं आती, आराम से ब्लॉग पर पढ़/टिपिया के लौट आता हूँ, हाँ इंटरनेट एक्सप्लोरर में ब्लॉग खोलने पर ही चेतावनी आती है क्योंकि जो दूसरी वेबसाइट वाली स्क्रिप्ट है वह इंटरनेट एक्सप्लोरर में ही इंस्टॉल आदि करने का प्रयत्न करती है! :)



और फोकटी के एन्टीवॉयरस सॉफ़्टवेयरों पर मैंने भी कुछ समय पहले लिखा था, आशा है जिनको जानकारी नहीं है उनको लाभ होगा! :)

woyaadein said...

बढ़िया जानकारी....वैसे हम तो काफी समय से कैस्परस्काई प्रयोग कर रहे थे, अभी कुछ महीनों (लगभग ३-४) से अवस्त ही लगा रखा है......कैस्परस्काई के मुकाबले यह काफी हल्का-फुल्का है और कम भार देता है कंप्यूटर पर....

साभार
हमसफ़र यादों का.......

उन्मुक्त said...

मैं तो लिनेक्स पर काम करता हूं। अभी इन चिन्ताओं से मुक्त हूं।

TallyHelper said...

मैं भी अवस्त का एंटी वाइरस इस्तेमाल करता हूँ पर एक नंबर का ढकोसला है यह एंटी वाइरस जब भी इन्टरनेट लगता है इसका एंटी वाइरस अपडेट होता है पर आज सारा दिन से मकाफी की sdat.exe फाइल पर काम कर रहा हूँ. बहुत वाइरस निकला है और अभी कुछ बाकि भी लगते है. लगता है सिस्टम फॉर्मेट करना ही पड़ेगा .

अवस्त इस्तेमाल करने वालों से कहना चाहूँगा की बही सिस्टम स्कैन करवा लो. मेरा खुद का अनुभव कहता है की कोई भी एंटी वाइरस ठीक प्रकार से स्कैनिंग नहीं करता . मेरा एसा मानना है की जिस trojen की चेतावनी दी गयी है उसको अवस्त ठीक भी नहीं करता. अगर यह बात आजमानी है तो Mccafee की साईट पर जा कर sdat.exe फाइल से सिस्टम स्कैन करे . जरूर कुछ न कुछ मिलेगा. :)

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