व्यंग्यविविध | तकनीकीहिन्दीछींटें और बौछारें

***************************************************************

Google
 

Tuesday, June 02, 2009

माइक्रोसॉफ़्ट का नया नवेला बिंग : हिन्दी में पास या फेल?

bing 1

बड़ी हलचल मच रही थी बिंग के लिए, और सुनने में आ रहा था कि बिंग के लिए माइक्रोसॉफ़्ट ने बड़ी मेहनत की है, और बड़े तामझाम (विज्ञापन और मीडिया कवरेज) के साथ इसे जारी किया गया.

पर, क्या ये हम हिन्दी वालों के लिए खरा उतरता है? क्या ये वाकई हमारे काम का है? आइए, कुछ जांच पड़ताल करें.

सबसे पहले सर्च करते हैं – रचनाकार. पर ये क्या – हिन्दी में गूगल सजेस्ट जैसा बिंग में आता ही नहीं! (अंग्रेज़ी में तो बढ़िया आ रहा है – जैसे ही मैंने bho टाइप किया, सबसे ऊपर Bhopal आ गया!) क्या मेरे ब्राउजर की समस्या है? पता नहीं. पर ये मोजिल्ला, ओपेरा और इंटरनेट एक्सप्लोरर पर तो नहीं चला. अलबत्ता एकल शब्द का सर्च तो बढ़िया प्रतीत होता है -

 bing 2

सर्च परिणाम के पास एक छोटा सा नारंगी बिन्दु कमाल का है. उस पर माउस फिराने से कुछ अतिरिक्त जानकारी मिलती है, तत्काल. फिर मैंने एक छोटा सा वाक्यांश सर्च करने की कोशिश की. परिणाम ये रहा -

bing 3 - how to create blog

अरे! ये क्या? परिणामों में से अधिकतर तो कचरा सामग्री है, जो हिन्दी टेकफैक जैसी साइटों से निकाले गए हैं! तौबा!!

 

अब इसी सर्च को गूगल में देखते हैं -

bing 3 - google - how to create blog

कचरा तो यहाँ भी है, पर कुछ काम की भी कड़ियाँ हैं.

परिणाम?

अरे बाबा! परिणाम तो स्वयं सिद्ध है – बिंग हिन्दी में फेल.

 

# अद्यतन : अंकुर गुप्ता ने भी बिंग पर एक बढ़िया रीव्यू लिखा है.

11 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

रंजन said...

बहुत जल्दी फैल हो गया.. गेट्स साब फिर से पढाई करो!!

बालसुब्रमण्यम said...

सर्च के मामले में गूगल ही सिरमौर है यह एक बार फिर सिद्ध हो गया।

anil said...

गूगल का कोई मुकाबला नही इसमें कोई शक नही किंतु ये अभी नया है हो सकता है कुछ समय हिंदी के साथ बिताने के बाद ये भी कुछ सीख जाए ।

संजय बेंगाणी said...

चुंकी मेरा ब्राउजर हिन्दी का है, अतः बिंग भी हिन्दी में खुला और इसकी भाषा अच्छी है.

जब "संजय बेंगाणी" को खोजा तो 204 परिणाम मिले. वहीं गूगल 110000 परिणाम बता रहा है. हाँ बिंग का केसरिया बिन्दू वाला विकल्प अच्छा लगा.

संजय बेंगाणी said...

हिन्दी में फेल >: कोई बहाना नहीं चलेगा...पूरा फेल करो.

amit said...

ये क्यों भूलते हैं कि गूगल की हिन्दी सर्च भी कुछ समय पहले ऐं-वैं फालतू थी। माइक्रोसॉफ़्ट का यह शगूफ़ा नया आया है, थोड़ा टैम दो, हो सकता है कि सुधर जाए और बेहतर नतीजे दिखलाए!!

बाकी अपन तो अभी तेल और तेल की धार देख रहे हैं! :)

सुरेश शुक्ला Suresh Shukla said...

रविशंकरजी,
संयोग की बात है, मैंने भी आज शाम बिंग आजमाया।
मैंने अपना नाम तलाशा, पहले दस नतीजों में ही छींटे और बौछारें का कुंजीपटल वाला लेख आ गया।

गूगल ने भी पहले दस नतीजों में इसे दिखाया।

हमारे लिए तो इनकी प्रतिस्पर्धा अच्छी ही होगी।

अभिषेक ओझा said...

कुछ मामलों में तो बढ़िया है ! हिंदी में ट्राई तो नहीं किया अब तक.

Sun said...

रवि जी , में काफी समय से आपका ब्लॉग पढ़ रहा हु , हिंदी में आपके योगदान के लिए साधुवाद , और रही बात बिंग की तो वो गूगल क्रोम में तो सही नहीं चला शायद गूगल ही नहीं चाहता होगा , लेकिन Fire-Fox में ये एकदम बढ़िया चला हिंदी में ,
शायद मैंने हिंदी आपने xp में इनेबल कर रखी है ,शायद इसलिए ये Fire-Fox में सही चला हो

हिमांशु । Himanshu said...

हिन्दी के लिये यदि बहुत कुछ नहीं है यहाँ तो असफल ही कहेंगे इसे हमारे लिये । बाकी तो बहुत कुछ अच्छा भी होगा दूसरी बातों में ।

AlbelaKhatri.com said...

main abhi try karta hoon..
prerit karne k liye badhai!

Post a Comment

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन न चाहते हुए भी लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट व प्रदर्शित होने में कुछ समय लग सकता है.