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Monday, April 06, 2009

चेतावनी ! एडसेंस विज्ञापन कहीं आपको जेल की हवा न खिला दें!

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कल इसी ब्लॉग में भारतीय समयानुसार शाम पांच से नौ बजे के बीच एक अश्लील विज्ञापन प्रकाशित होता रहा. विज्ञापन एडसेंस की तरफ से स्वचालित आ रहा था और उसमें रोमन हिन्दी में पुरुष जननांगों के लिए आमतौर पर अश्लील भाषा में इस्तेमाल किए जाने वाले की-वर्ड्स (जिसे संभवत गूगल सर्च में ज्यादा खोजा जाता है) का प्रयोग किया गया था.

 

इस विज्ञापन को तत्काल ही गूगल एडसेंस के कम्पीटीटिव एडसेंस फ़िल्टर का प्रयोग करते हुए उस वेबसाइट के यूआरएल को ब्लॉक कर दिया गया. मगर, इस ब्लॉक को अमल में आते आते कुछ समय लगता है और तब तक तो आपका नुकसान, जाहिर है हो चुका होता है. और, किसी यूआरएल को ब्लॉक करना इलाज नहीं है, क्योंकि ये शैतान फिर कोई नए यूआरएल से ऐसा खिलवाड़ करेंगे.

 

वैसे, गूगल की नीति इस संबंध में बहुत कड़क है और वे इस तरह के अश्लील सामग्री अपने विज्ञापनों में कतई नहीं परोसते. मगर शैतान लोग गूगल के स्वचालित बॉट (क्योंकि अरबों पृष्ठों और लाखों विज्ञापनों को रीयल टाइम में दस्ती तौर पर जांचा परखा नहीं जा सकता) को बेवकूफ बनाते रहते हैं. यदि इस चिट्ठे पर ऐसी समस्या दुबारा आई, तो इन विज्ञापनों को सिरे से ही हटाने पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा.

 

यदि आपके साथ भी ऐसी समस्या पूर्व में आई हो तो उसे अवश्य साझा करें. और यदि ऐसे विज्ञापन कहीं भी आपकी नजर में आएं तो तत्काल ही उस चिट्ठे के चिट्ठाकार को सूचित करें. कई मर्तबा ये अनडिटेक्टेड रह जाते हैं, और विज्ञापन चलते रहते हैं. और पाठकों की संवेदनाओं को चोट पहुंच सकती है, तथा चिट्ठाकार को अश्लीलता परोसने के आरोप में अनावश्यक कानूनी पचड़ों में फंसना पड़ सकता है.

 

इस चिट्ठे के पाठकों को उस विज्ञापन के जरिए हुई असुविधा के लिए खेद है.

 

तथाकथित विज्ञापन का अन्य विवरण व स्क्रीनशॉट मैंने अपने अंग्रेज़ी चिट्ठे पर दस्तावेज के रूप में लगाया है जिसे आप निम्न यूआरएल पर जाकर देख सकते हैं. पर ध्यान रखें, भाषा अश्लील है.

http://raviratlami1.blogspot.com/2009/04/beware-google-adsense-ads-may-embarrass.html

9 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

धन्यवाद! इस जानकारी के लिए।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

रवि भाई।
जानकारी देने के लिए शुक्रिया।
इसको रोकने के उपाय भी सुझायें।

मुनीश ( munish ) said...

Thanks Ravi bhai for generating awareness.Ur guidance is essential for us.

हिमांशु । Himanshu said...

अच्छी जानकारी दी आपने । धन्यवाद ।

संजय बेंगाणी said...

गूगल इस मामले से काफी पाक साफ है. दुसरी अन्य सेवाएं धड़हल्ले से अश्लील विज्ञापन देती है, मगर आपको चुनने का मौका भी देती है.

गूगल में चुंकि पहले से ही ऐसे विज्ञापनों के लिए ना कह दिया है, तो हमारे नेटवर्क की तमाम साइटों पर ऐसे विज्ञापन नहीं दिखे है.

मंदी की मार में गूगल ने ऐसे विज्ञापन स्वीकार करने शुरू कर दिये होंगे. फिल्टर का ध्यान रखना पड़ेगा.

Science Bloggers Association said...

शायद इसीलिए कहा गया है लालच बुरी बला।

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तस्‍लीम
साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

Ratan Singh Shekhawat said...

धन्यवाद! इस जानकारी के लिए।

Anil said...

मैं फायरफौक्स ब्राउजर इस्तेमाल करता हूँ, जिसमें "एडब्लाक प्लस" लगा रखा है। मुझे आज तक अंतरजाल पर एक भी विज्ञापन नहीं दिखा! मुलाहिजा फरमायें!

आदित्य प्रताप वन्देमातरम said...

रवी जी, जानकारी के लिए धन्यवाद।
वैसे मैं स्क्विड (Squid) प्रॉक्सी Adzapper के साथ उपयोग करता हूँ, इसलिए विज्ञापनों के जाल से बचा हुआ हूँ।

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