गर्ल्स कांट पब साला

girls cant pub saala

भारत की स्त्रियाँ बहुत कुछ कर सकती हैं. पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर वो हवाई जहाज चला सकती हैं, देश की सुरक्षा के लिए सेना में भरती हो सकती हैं, वे माउन्ट एवरेस्ट पर फतह कर सकती हैं, मुख्य मंत्री और प्रधान मंत्री बन सकती हैं, पेप्सी जैसे अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बन सकती हैं. वे और भी ढेरों काम कर सकती हैं - यहाँ तक कि भारत की राष्ट्रपति भी बन सकती हैं.

मगर, गर्ल्स कांट पब साला*. वे शर्तिया पब नहीं जा सकतीं. अगर वो पब गईं तो उनकी धोबी-पाट धुलाई तय है. हिन्दू तालिबानी भाई उन पर अपना अगाध प्रेम न्यौछावर कर देंगे. मुसलिम तालिबान की तर्ज पर हिन्दू तालिबान का आगाज हो गया है. आइए, गर्म-जोशी से इनका स्वागत करें. येदुरप्पा, गहलोत के सुर में सुर मिलाएँ और स्त्रियों पर सिर्फ पब क्या, चहुँओर प्रतिबंध लगाएँ. उनके घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाएँ. उनकी शिक्षा-दीक्षा पर प्रतिबंध लगाएँ – आखिर, नामुराद लड़कियाँ पढ़ लिख कर ही तो आधुनिकता ओढ़तीं और पब-वब की ओर उन्मुख होती हैं!¡!

 

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व्यंज़ल

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गर्ल्स कांट पब साला

दुनिया है अजब साला

 

वोटों की राजनीति ने

किया बड़ा गजब साला

 

धुलाई के बाद देखें

करेगा क्या अब साला

 

अब तो यकीन हो गया

सुनता नहीं रब साला

 

सियासत चली रवि ने

मर गया वो तब साला

 

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(जग सुरैया के आलेख Girls Can’t Pub Saala से प्रेरित)

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दुखती रग छेड दी
आपने क्‍या कर डाला

नाम लेकर सफेद का
करते हैं काला काला

गुरुजी,
आनन्‍द आ गया।

अब तो यकीन हो गया

सुनता नहीं रब साला



सियासत चली रवि ने

मर गया वो तब साला

बहुत शानदार लिखा ।

ये भी खूब रही
महिलाओं पर दुबारा बंधन की शुरुआत पब से ही करते हैं

महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए..इसकी सूची तालिबानों के मजबूत होते होते बढ़ती जाएगी...लगाम लागाओ...वरना भूगतोगे....व्यंजल मजेदार रहा.

शुक्र है ब्लोगिंग पे रोक नही लगायी अब तक.....१४ फरवरी के चक्कर में ओवर टाइम है बेचारो का.....बाद में ध्यान देंगे....

रविजी आपको निरंतर पढ़ता हू, बस कमेन्ट देने मे कंजूस हू
फिर आपकी टेक्निकल बात का तो कोई तौड. होता ही नही है,
आज का व्यंग अच्छा लगा.


शोहरत की भूख है सबको
कुछ तो मिले सबब साला.

5 फ़रवरी को 12 से 4 शाम तक
भोपाल मे हू, अपने बेटे के यहाँ.
फ़ोन नंबर दे तो बात का मौका
हासिल होगा. धन्यवाद.
मोबाइल:9300674622
- मंसूर अली हाशमी

यह तो संस्कृति का परस्पर आदान-प्रदान है. पश्चिमी संस्कृति का भी और तालिबानी संस्कृति का भी.

ये सब गालियाँ खाने का काम ही करते हैं।

@लेकिनसुनता नहीं रब साला
ये नया रिश्ता कहाँ से जोड़ लाये..? मित्रभाव की भक्ति सुनी थी, दास्यभाव और प्रेमीभाव की भी। लेकिन जीजाभाव की भक्ति तो कल्पनातीत है..

क्या अच्छा सम्बन्ध बनाया, पड़ा नहीं क्या पाला ।
पत्नी जी का ब्रदर बनाया, कितना प्यारा साला ।।

मैं एक दिन देश का सबसे तेज़ .खबरिया चेनल देख रहा था जिस मे पाकिस्तान मे अपने पाँव पसारते तालिबान को और उन के द्वारा वहाँ की औरतो पर ढाए जा रहे जुल्मो को दिखाया जा रहा था साथ ही इसे भारत के लिए एक ख़तरा बताया जा रहा था लेकिन वही एक दूसरे .चेनल पर मॅंग्लॉर मैं भारतीय तालिबानियो द्वारा संस्कृति .की रक्षा के लिए निरीह लड़कियों को मारने की ख़बरे आ रही थी मैं यह सोच कर बहुत कनफ़ूजियाया की यार पाकिस्तान और भारत मे अब कोई अंतर नही रह .गया सिर्फ़ दोनो चेनलो के नाम का अंतर है उस पर भी कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री का तुर्रा देखा पूरी पब संस्कृति को ही बंद करवाने का तुगलक़ी बयान दे डाला अरे भाई ज़रा घर मैं भी पूछा होता आपकी खुद की बेटी पब संस्कृति को समर्थन दे रही है और पापा है के मानते नहीं. वा जी वा नाम रखा है राम सेने और काम राक्षसो बाले. . भाई राम के नाम को बदनाम तो ना करो आपसे मेरी ये गुज़ारिश है. की राम को राम रहने दो. देश कोतालिबणिस्तान ना बनाओ भारत को भारत ही रहने दो.

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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