टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

साहित्य का अगला नोबल पुरस्कार आपके इस ख़ाकसार को!

nobel bribary1

हर साल, साल दर साल जब भी विविध विषयों – क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा होती है तो आप भी मेरी तरह बड़े ध्यान से पुरस्कार विजेताओं के बारे में और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में पढ़ते तो होंगे ही. पर, क्या आपको पता है कि आप भी अगर ढंग से कोशिश करते होते तो शायद अब तक आपको भी एक नोबेल पुरस्कार साहित्य (या, आप किसी अन्य क्षेत्र में माहिर हैं, तो उसमें,) के क्षेत्र में मिल चुका होता?

मैंने साहित्य के क्षेत्र में कोई तीर नहीं मारे हैं. मेरे सड़ियल व्यंग्य और अड़ियल व्यंज़ल (जिसे ग़ज़ल नहीं माना गया, तो मैंने एक नया ही नाम दे दिया - ) की ले देकर एक-एक किताब प्रकाशित हुई है – वो भी ऑन डिमांड प्रिंट पर, और जिसकी डिमांड मेरे अलावा किसी और ने अब तक नहीं की है. थोड़े मोड़े तकनीकी आलेख मैंने लिखे हैं, जो ज्यादातर पब्लिक के सिर के ऊपर से निकल गए, और जो कचरा अनुवाद मैंने किए, उनसे, पाठकों का कहना है कि मैंने अर्थ का अनर्थ कर डाला है. तो, यदि मैं अपने इन कार्यों की बिना पर मैं नोबल पुरस्कार पाने के सपने देखने लगूं तो लोग मुझे पूरा का पूरा पागल समझने लगेंगे. परंतु नहीं. मैं अब यह सपना देखने की जुर्रत कर सकता हूं. पूरे होशो हवास में!

दरअसल, मैंने नोबल पुरस्कार के लिए सपने ही नहीं देखे थे अब तक. बकौल पाउलो कोएलो, अगर मैं ये सपना देखता होता, तो संसार की तमाम शक्तियाँ मुझे ये पुरस्कार दिलाने षडयंत्र करने लगतीं. इस लिहाज से अब तक तो मुझे ये पुरस्कार कब का मिल चुका होता. मैं मूरख अ-स्वप्नदर्शी!

इस समाचार ने मेरे मन में जबरदस्त आशा जगाई है. नोबल पुरस्कार कमेटी को भी रिश्वत देकर नोबल पुरस्कार खरीदा जा सकता है. मैंने अब यह सपना देख लिया है. विश्व की तमाम भ्रष्ट और रिश्वत-खोर शक्तियाँ मुझे मेरा सपना पूरा करवाने प्रयत्नशील हो गई हैं. अगले वर्ष का साहित्य का नोबल पुरस्कार मेरे नाम पर होगा. अखबारों के शीर्षकों पर निगाहें जमाए रहिए और मुझे बधाई संदेश देने / स्वागत-अभिनंदन समारोहों-जलसों में निमंत्रित करने की तैयारियों में जुट जाइए. आमीन!

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रवि जी आपका तकनीकी लेखन नोबल पुरस्कार का मोहताज नही। हालांेिक रिश्वतबाजी जरूर एक उम्मीद की किरण दिखाई देती है, इस पुरस्कार के लिये।

रिश्वत का आप जानो, हमें तो सदा से लगता आया अहि कि कुछ और कारक भी काम करते है. गाँधी को नहीं, अराफात को नोबेल मिलना क्या दर्शाता? ऐसा ही कुछ सिस्टर टेरेसा के साथ है...

बहुत ही बढ़िया

-------------------------
http://prajapativinay.blogspot.com/

हा हा... उम्मीद मत छोडिये... दिल्ली दूर नहीं है...मस्के में बहुत दम होता है..

वैसे पुरुस्कार बहुत भरमाते हैं.. तडफ़ाते हैं और सही शब्दों में गले पड जाते हैं... जिसका भार सम्भालना बहुत भारी पडता है :)

अग्रिम बधाई। हमें विश्वास है आप अपने लक्ष्य में सफल होंगे! :D

रवि जी संघर्ष करो हम आपके साथ हैं ।

मेरी अग्रिम बधाई स्वीकारें !

इकलौती पुस्तक बिकेगी, तब ना पैसे जुटाओगे, रिश्वत के लिए?

नोबेल पुरस्कार मिल जाए तो अपने अनुभव को ब्लॉग पर छापना मत भूलिएगा ताकि उसके अगले वाला अपन को नसीब हो! :)

शुभकामनायें हैं। इनाम मिल के रहेगा।

रवि जी, सबसे पहले आप मेरी और से बधाई स्वीकार करें। और मुझे पूरा भरोसा ही नहीं पक्का यकीन भी था की एक दिन आप ये पुरस्कार प्राप्त करेंगे।
मैंने पहले दिन ही ये जान लिया था की आप में (आप ही में) वो प्रतिभा है जो इस देश को नोबेल दिला सकती है, और मुझे पूरा भरोसा इस बात का भी है की एक दिन आप ओस्कर भी जीतेंगे। वैसे मैं आपकी रचनाओं पर एक फ़िल्म बनाना चाहता हूँ। और मुझे पूरा भरोसा है की आप ज़रूर इस प्रपोसल को स्वीकार करेंगे। जल्द ही मैं कुछ संगठनों के तत्वावधान में आपका सम्मान समारोह आयोजित करवाना चाहता हूँ। कुछ शिक्षण संस्थाओं में आपके अतिथि प्रवचन (गेस्ट लेक्चर) भी आयोजित करवाना चाहता हूँ। और मैं चाहता हूँ की आप साहित्य का ही नहीं विज्ञान का, शान्ति का, कला का और वो सारे नोबेल जो होते हैं और वो सारे नोबेल जो नहीं होते हैं वो भी जीत कर,..... माफ़ कीजियेगा जीत कर नहीं स्वीकार कर इस समाज का, पूरी मानव जाती का कल्याण करें, कृतार्थ करें ।
नोट: नियम व शर्तें लागू (ये सब तब के लिए है जब आप नोबेल जीत लें, वरना मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ।)

रवि जी, हमें भी चाहिए.. कुछ जुगाड़ भिराइये ना.. :)

कोई इन्टरनेट पिटीसन-विटीसन लगाई है क्या? सुना है आजकल कोई भी काम कराने के लिए १००,००१ हस्ताक्षर वाली याचिका इन्टरनेट पर डालने का फैशन है.

बहुत बधाईयां मिल गयीं आपको.
मैनें तो सपने में देखा कि आप नोबेल फ़ाउण्डेशन में पुरस्कार प्राप्त कर अपना अभिभाषण पढ़ रहे हैं.
राम करें ऐसा हो जाये.
नोबेल तो पक्का मिल जाये.

MAIN TO AAPKE SAATH HOON, AAPKO AWASHYA VOTE DOONGA, LEKIN EK SHART HAI AGLI DAFA AAP MERI JUGAAD KARENGE

ravi ji,aapne kiya to mazak per itna jaan lijiye,janhit me kaam karna kisibhee nobel se kahin jyada nobel kaam hai.keep it up bandhu, we are with you.
Nobel or no nobel we love you alot, thats all.
yours dr.bhoopendra
9425898136

ravi ji,aapne kiya to mazak per itna jaan lijiye,janhit me kaam karna kisibhee nobel se kahin jyada nobel kaam hai.keep it up bandhu, we are with you.
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yours dr.bhoopendra
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