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Friday, May 16, 2008

कुछ आजमाए हुए धन बनाने के विचार

google adsense centric spam blog कुछ लोगों के लिए ये तकनीक का बेजा इस्तेमाल हो सकता है, परंतु कुछ शातिरों के लिए धन बनाने की एक शानदार मशीन.

पर, क्या ये धंधा चल निकलेगा? मेरे विचार में ये धंधा क्या ऐसे किसी भी धंधे के ज्यादा दिन तक चल सकने की किसी तरह की कोई उम्मीद नहीं है. बकरे की अम्मा कब तक ख़ैर मनाएगी आखिर.

गूगल के अनुवाद औजार जैसे स्वचालित मशीनी तकनीक का सहारा लेकर एक ही आलेख के हर संभव भाषा में अनुवाद कर एक ऐसा ही बहुभाषी ब्लॉग साइट बनाया गया है. जिसका प्राथमिक उद्देश्य ही प्रतीत होता है कि हर संभव तरीके से गूगल सर्च ट्रैफ़िक खींच कर एडसेंसी कमाई की जाए.

यह ब्लॉग स्थल भी हिन्दी के किसी वाक्यांश के गूगल में खोज के दौरान मिला. परंतु एक बार प्रयोक्ता के वहां जाकर देख आने के बाद क्या कभी गलती से भी दोबारा उसके द्वारा कदम वहां रखा जाएगा? शायद नहीं. भले ही आलेखों में कुछ सार तत्व हों (प्राथमिक दृष्टि से तो ऐसा कुछ ज्यादा नजर नहीं आता) मगर हर संभव भाषा में अनुवाद कर उन्हें एक ही (ब्लॉग) स्थल पर रखने का शातिराना तकनीकी खिलवाड़ वाकई नायाब, नए किस्म का है!

 google adsense centric spam blog1

वैसे, दूसरी निगाह में, क्या ये विचार शानदार नहीं है? क्यों न हम भी अपने हिन्दी ब्लॉग की सामग्री को उपलब्ध तकनीक के सहारे हर संभव भाषा में अनुवाद कर ब्लॉग में पोस्ट करें और अंतहीन कमाई का सिलसिला शुरू करें?

तो फिर, देर किस बात की ?? आइए, शुरू करें???

6 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

Udan Tashtari said...

आप हमेशा ही नया कुछ करते है. शुरु करें फिर हम भी कतार में लग लेंगे. :)

शुभकामनाऐं.

संजय बेंगाणी said...

आप इसे पढ़ने जायेंगे :


"अपने आप को एक अच्छी कार ऋण प्राप्त करें" :)


विचार उत्तम है, मैने अपने चिट्ठे पर गूगल द्वारा दिया गया अनुवादक औजार लगा लिया है.... :)

PD said...

जी सर, हम भी वहां गये थे मगर जैसे गये थे वैसे ही वापस भी आ गये थे.. आपने तो गजब ही ढा दिया, हम तो बिना किसी को कहे वापस आ गये आपने तो पोस्ट ही दे मारी बेचारे पर..

चलिये मजाक छोड़कर कुछ और बात करता हूं.. आपसे कुछ तकनिकी जानकारी चहिये.. हिंदी चिट्ठाकारीता और एडसेंस से संबंधित.. आपका ई-पता चाहिये..

Raviratlami said...

प्रशांत जी,
लगता है आप मेरा चिट्ठा ध्यान से नहीं पढ़ते :)
मेरा ई-पता यहीँ चिट्ठे में बाजू पट्टी में सबसे नीचे दाएं कोने में है. :)

PD said...

जी हां, मैंने देखा मगर तब तक तो कमेंट पोस्ट कर चुका था.. :)

Suresh Chandra Gupta said...

हम भी निकले थे एडसेंसी कमाई करने. कुछ डालर जमा हुए तो उन्होंने अकाउंट ही सस्पेंड कर दिया. कोई कारण भी नहीं बताया. अपना तो विश्वास ही उठ गया है इस इंटरनेटी कमाई से. ब्लाग लिखो और दूसरों के ब्लाग्स पर टिपपणी करो.