भोमियो ने गिरगिटी रंग बदला...
(दक्षिण भारतीय भाषा का एक चिट्ठा. यदि ये लिपि आपको नहीं आती तो भी क्या आप इसे पढ़ सकते हैं? पढ़ कर समझ सकते हैं?)
सबसे पहले आपके लिए कुछ होम वर्क. जरा ये कड़ी देखें. अब इस कड़ी पर जा कर देखें.
हो गए न चमत्कृत?
भोमियो में ऐसी सेवा पहले से ही थी. परंतु वह अज्ञात कारणों से अकाल मौत मर गया. अब चिट्ठजगत् में यह सुविधा आ चुकी है.
(हाँ, अब पढ़ सकते हैं. धन्यवाद गिरगिट!)
जिन चिट्ठाकारों ने अपने चिट्ठों में विविध भाषाओं में पढ़ने के भोमियो की कड़ियाँ लगा रखी हैं, उन्हें बदल कर यहां दी गई विधि से चिट्ठाजगत के फ़ॉन्ट परिवर्तक लगा लें. कौन जाने किस भाषा का मुरीद आपके चिट्ठे को पढ़ने को बेचैन हो रहा हो?









4 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:
आपने कमाल की जानकारी दी है..और आपसे इस तरह की जानकारी मिलने से हम जैसे जैसे चिट्ठाकार समय समय पर लाभान्वित होते रहते हैं..आपका बहुत बहुत शुक्रिया
रवि भाई शुक्रिया
धन्यवाद, महाराज..
अगर आप फायरफॉक्स इस्तेमाल करते है, तो गिरगिट ए़ड-ओन के रूप में भी उपलब्ध है
http://saraswaticlasses.net/download/girgit.xpi
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