रविवार, 30 दिसंबर 2007

मरफ़ी के नए साल के नए नवेले नियम


· नया साल नई समस्याएँ लेकर आता है.

· नया साल सर्वथा नवीन, नूतन समस्याएँ लेकर आता है.

· नया साल पुराने संकल्पों को ही लेकर आता है.

. नए साल के संकल्प जिस गंभीरता से लिए जाते हैं वे उससे ज्यादा गंभीरता से निभाए नहीं जाते.

· नए साल में पुराने संकल्प ज्यादा गंभीरता से लिए जाते हैं और वे उसी गंभीरता से निभाए नहीं जाते.

· नए साल के नए संकल्पों का भी आमतौर पर वही हश्र होते हैं जो आपके पिछले संकल्पों के हुए थे.

· नए साल के नए संकल्प लेने में आसान परंतु निभाने में असंभव होते हैं.

· नए साल की पहली सुबह हमेशा हैंगओवर लेकर आती है.

· नया साल भी पुराने साल की तरह गुजरता है.

· नया साल पुरानी चीजों को ही लेकर आता है.

· नए साल में भी आपके विचार कोई जादू नहीं करेंगे.

· नया साल आता बहुत देर से और गुजरता बहुत जल्दी से है.

· नए साल में प्रगति निश्चित है – टैक्सेशन में, प्रदूषण में, महंगाई में, वायरस में, स्पैम में...

· नए साल में नए विचार आएंगे जो पहले के विचारों की तरह ही, काम नहीं करेंगे.

· नए साल के बीतने का अनुभव भी पुराने साल जैसा ही रहेगा.

· मुस्कुराएँ. नया साल क्रूर होता है.

· किसी भी दिए गए व्यक्ति के अच्छे-अच्छे नए साल तो पहले ही बीत चुके होते हैं.

· समय गुजरता जाता है, (नए) साल एकत्रित होते जाते हैं.

· नए साल की दिशा पुरानी जैसी ही होती है और उसे जितना बदलने की कोशिश की जाती है वो उतनी ही तीव्रता से पुरानी दिशा पर चलती है.

· नए साल में भी खुशियाँ नहीं खरीदी जा सकेंगी.

· नए साल में आप नए नहीं हो जाते.

· नया साल प्रायः हर एक के लिए अनुकूल होता है परंतु वो अगले के अगले साल आता है.

· शुक्र मनाएँ कि बुरा साल गुजर गया. बहुत बुरे साल नए सालों में ही आते हैं.

· नए साल में सुअवसर नहीं आता. वो हमेशा पिछले साल आकर चला जा चुका होता है या फिर वो अगले के अगले साल में आने वाला होता है.

· नया साल नई गलतियों के लिए ढेरों सुअवसर लेकर आता है.

· इतिहास हमेशा अपने को दोहराता है. नए साल में भी ऐसा ही होगा.

· नया साल हमेशा नई संभावनाओं को लेकर आता है. नया साल पुराने साल की तरह कैसे गुजरे इस तरह की नई संभावनाएँ.

· नया साल कुछ भी सिद्ध नहीं करता.

· नए साल पर मनाए जाने वाले पार्टी का आकार व तीव्रता पुराने साल के खराब गुजरने के समानुपाती होता है.

· हर नया साल नई आशाएँ अपेक्षाएं लेकर आता है और आने वाले नए साल के लिए वैसा ही छोड़ जाता है.

· किसी भी दिए गए नए साल के सामने उसके ठीक पहले का गुजरा हुआ साल कठिन प्रतीत होता है.

· नए साल में कुछ भी नहीं बदलता. आप भी नहीं.

· यह सबसे बड़ा अंधविश्वास है कि नया साल होता है.

7 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. रवि जी मजा आ गया । मरफी के यही नियम खोजते हुए हम पहली बार आपके ब्‍लॉग पर आए थे । और फिर ब्‍लॉगिंग में आ गये । ये सब आठ महीने पहले हुआ था ।

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  2. उम्दा! तब भी लोग तमाम तरह की क़समें बार बार खाने से बाज़ नहीं आते. आपके कमेन्ट से बहुत बल मिला था. धन्यवाद.

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  3. बहुत खूब रवि जी इसे पढ़ कर लगता है कि आप को पुराने साल के लिए ही बधाई दे दें कि झेल गये और आने वाले साक के लिए शुभकामनाएं

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  4. नए साल के बारे मे इतना सब कुछ सुन लेने के बाद भी मैं कहूँगा की नया साल आप को ही मुबारक हो.

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  5. नये साल में उतनी ही टिप्पणीयाँ मिलेगी जितनी पिछले साल मिली थी, बढ़े हुए पाठको की टिप्पणीयाँ चिट्ठे बढ़ने से समानुपात से वितरीत हो जायेगी.

    हर साल यही सोचता हूँ.

    म्स्त नियम लिखे है. मजा आया.

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  6. नए साल में नया पुराना सब बढ़िया हो।

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  7. रवि जी,आप एक-दम सही फरमा रहे हॆं
    लोग-बाग ’हॆप्पी न्यू ईयर’ कहकर
    सिर्फ एक ओपचारिकता निभा रहें हॆं
    किस्से सभी पुराने हॆं
    जिन्हें वे नया बता रहें हॆ.
    अब हमें ही देख लो-
    नये साल पर एक कविता-
    बीस साल पहले लिखी थी
    जिसे हर नये साल पर सुना रहें हॆं
    अब आप बताईये-
    हमारी कविता सुनने कब आ रहे हॆं?

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